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विश्वविद्यालय ने जारी किया सिलेबस सेमेस्टर प्रणाली में स्नातक चार साल का Saturday 09 December 2023 06:18 AM UTC+00 राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत आयोजित होने वाले सेमेस्टर पद्धति की परीक्षा का सिलेबस जारी कर दिया है। यह सिलेबस विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षाओं के लगभग एक माह पहले जारी किया गया है। सिलेबस का विद्यार्थी काफी समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब पढ़ाने वाले और पढ़ाई करने वाले दोनों को आसानी होगी। डॉ प्रेम सिंह गुर्जर ने बताया कि यह पुराने वाले सिलेबस से अलग है। इसमें बहुत से परिर्वतन हुए हैं ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई को आसान बनाया जा सके। वहीं, नए सिलेबस में बताया गया है कि एनईपी-2020 के तहत सेमेस्टर प्रणाली के सभी विद्यार्थियों को 4 क्रेडिट की इंटर्नशिप पूरी करनी अनिवार्य होगी। इंटर्नशिप कराने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। विद्यार्थियों की इंटर्नशिप प्रथम वर्ष और तृतीय वर्ष के मध्य गर्मी की छुट्टियों में कभी भी हो सकती है। साथ ही विद्यार्थी के लिए सात साल तक स्नातक पूरा करने का समय दिया जाएगा। स्वयंपाठी विद्यार्थियों इन विषयों में नहीं कर सकेंगे आवेदन नए सिलेबस और एनईपी-2020 के तहत स्वयंपाठी विद्यार्थियों को कई तरह के कोर्सों से वंचित रहना पड़ेगा। ऐसे विद्यार्थियों को आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी। इसमें टैक्सटाइल क्राफ्ट, इन्वेस्टिगेटिव बायोटेक्नोलॉजी, शीप एवं वूल, लाइव स्टॉक एंड डेयरिंग, सिंधी, फ्रेन्च, जर्मन, रशियन, फिजीकल एज्युकेशन, ड्रामेटिक्स, जियोलॉजी एंड माइनिंग एन्थ्रोपॉलोजी, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, मॉस कम्यूनिकेशन, एनसीसी व एनएसएस में दाखिला नहीं ले सकेंगे। ये हैं विद्यार्थियों के लिए चार क्रेडिट प्रथम क्रेडिट एनईपी-2020 के तहत जो छात्र प्रथम वर्ष पूरा होने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम से बाहर निकलने का विकल्प चुनने के लिए प्रथम वर्ष में निर्धारित किए गए 52 अंकों में से न्यूनतम 48 अंक प्राप्त करने होंगे तथा गर्मी की छुट्टियों में 4 क्रेडिट की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। उसके बाद एक साल का विद्यार्थी को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। द्वितीय क्रेडिट इसमें द्वितीय वर्ष की पूरी पढ़ाई करने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम से बाहर निकलना चाहते हैं वो प्रथम व द्वितीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल 104 क्रेडिट में से न्यूनतम 96 क्रेडिट होने के साथ ही इंटर्नशिप पूरी होने के बाद ही विद्यार्थी को डिप्लोमा दिया जाएगा। तृतीय क्रेडिट इसमें तृतीय वर्ष की पूरी पढ़ाई करने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम से बाहर निकलना चाहते हैं, वो विद्यार्थी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल 150 क्रेडिट से न्यूनतम 146 क्रेडिट प्राप्त होने के साथ ही इंटर्नशिप पूरी होने के बाद ही विद्यार्थी को स्नातक डिग्री दी जाएगी। चतुर्थ क्रेडिट इसमें चतुर्थ वर्ष की पूरी पढ़ाई करने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम से बाहर निकलने के लिए विद्यार्थी को प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ वर्ष के लिए निर्धारित कुल 200 क्रेडिट से न्यूनतम 196 क्रेडिट प्राप्त करने तथा इंटर्नशिप पूरी होने के साथ ही स्नातक ऑनर्स डिग्री दी जाएगी। चार पैरामीटर अनिवार्य प्रथम सेमेस्टर परीक्षा के लिए छात्रों को चार पैरामीटर जारी किए गए हैं। इसमें रेगूलर वाले विद्यार्थियों की साल में दो परीक्षा तथा स्वयंपाठी विद्यार्थियों के लिए केवल एक ही परीक्षा आयोजित होगी। इसमें रेगूलर वाले विद्यार्थी को 20 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे। -लखन सिंह यादव, परीक्षा नियंत्रक, विश्वविद्यालय , अलवर। |
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