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झुंझुनूं. वॉलीबॉल व खोखो के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए तमिलनाडु जाने का मौका है। छठे खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन तमिलनाडू के चार शहरों में किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के खोखो व वॉलीबॉल के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के आधार पर किया जाएगा। दोनों खेलों की ट्रायल आठ जनवरी को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में होगी। ट्रायल का समय सुबह दस से शाम साढ़े पांच बजे तक होगा। जिला खेल अधिकारी राजेश ओला ने बताया कि खिलाड़ी का जन्म एक जनवरी 2005 या इसके बाद का होना चाहिए। राजस्थान का मूल निवासी हो। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के साथ समस्त दस्तावेज होने जरूरी हैं।
छठा खेलो इंडिया यूथ गेम्सछठा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 19 से 31 जनवरी तक तमिलनाडु में आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन चेन्नई, त्रिची, मदुरई और कोयम्बटूर में होगा। इसमें लगभग 5500 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे । खेलो इंडिया में पिछली बार भी शेखावाटी के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। इस बार भी उम्मीद है कि शेखावाटी के खिलाड़ी पदक जीतकर लाएंगे।

यूथ गेम्स विजेताओं की सूची
संस्करण विजेता

2018 हरियाणा

2019 महाराष्ट्र

2020 महाराष्ट्र

2021 हरियाणा

2022 महाराष्ट्र

Khelo India Youth Games 2024: वॉलीबॉल व खोखो के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए तमिलनाडु जाने का मौका है। छठे खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन तमिलनाडू के चार शहरों में किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के खोखो व वॉलीबॉल के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के आधार पर किया जाएगा। दोनों खेलों की ट्रायल आठ जनवरी को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में होगी। ट्रायल का समय सुबह दस से शाम साढ़े पांच बजे तक होगा। जिला खेल अधिकारी राजेश ओला ने बताया कि खिलाड़ी का जन्म एक जनवरी 2005 या इसके बाद का होना चाहिए। राजस्थान का मूल निवासी हो। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के साथ समस्त दस्तावेज होने जरूरी हैं।

छठा खेलो इंडिया यूथ गेम्स
छठा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 19 से 31 जनवरी तक तमिलनाडु में आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन चेन्नई, त्रिची, मदुरई और कोयम्बटूर में होगा। इसमें लगभग 5500 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे । पहली बार स्क्वॉश को इन खेलों में शामिल किया जाएगा। खेलो इंडिया में पिछली बार भी शेखावाटी के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। इस बार भी उम्मीद है कि शेखावाटी के खिलाड़ी पदक जीतकर लाएंगे।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स विजेताओं की सूची
संस्करण विजेता
2018 हरियाणा
2019 महाराष्ट्र
2020 महाराष्ट्र
2021 हरियाणा
2022 महाराष्ट्र

झुंझुनूं के शहर व कस्बों से निकलने वाले गंदे पानी के समाधान को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा। जिले में कई जगह सीवरेज नहीं होने से लोग परेशान हैं लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। झुंझुनूं शहर की हालत भी खराब है। यहां सीवरेज के कार्य की शुरुआत 2010 में की गई थी। इस कार्य को 13 साल बीत गए लेकिन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण 13 साल में शहर के मात्र 35 फीसदी हिस्से में ही काम हो पाया है। सीवरेज का यह कार्य कभी शुरू हुआ तो कभी बंद। यह सिलसिला अब तक चलता आ रहा है। बाकी के 65 फीसदी हिस्से में सीवरेज का काम ही नहीं हुआ। इस हिसाब से देखा जाए तो पूरे शहर में सीवरेज की सुविधा मिलने में सालों लग जाएंगे।

फाइल
नगर परिषद झुंझुनूं में वार्ड - 60
आबादी - करीब 1.50 लाख
सीवरेज का काम शुरू हुआ - 2010
सीवरेज से शहर का कवर प्रतिशत - 35 प्रतिशत
बजट खर्च हुआ - 200 करोड़ रुपए से अधिक

ये क्षेत्र आज भी वंचित
रीको से लेकर बाकरा मोड़, गुढ़ामोड़, विज्ञान नगर, नेता की ढाणी, गोलाई मोड़, सूर्य विहार, छैलाराम नगर, पंचदेव मंदिर, धूपिया कालोनी, अग्रसेन सर्किल, मोडा पहाड़ के पास, चूरू रोड क्षेत्र समेत शहर के चारों तरफ की कालोनियों सीवरेज से वंचित हैं।

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ये कार्य शुरू हो तो मिले राहत
शहर के 65 फीसदी बकाया आबादी क्षेत्र में सीवरेज का नेटवर्क बिछाया जाए
जहां पर काम हो चुका वहां पर आरयूआइडीपी की ओर से बकाया छोड़े गए कनेक्शन किए जाएं
गुढ़ा रोड पर महिला थाने के पास एसटीपी का काम शुरू किया जाए
रीको से लेकर बाकरा मोड़, गुढ़ा मोड़ होते हुए गोलाई मोड़ तक 30 किलोमीटर के क्षेत्र में सीवरेज का नेटवर्क तैयार किया जाए
बीड़ स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बंद पड़े आठ एमएलडी के दूसरे प्लांट को शुरू किया जाए

कई महीनों से बंद पड़ा है काम
शहर में कई महीनों से सीवरेज का काम बंद है। 2010 में शिलान्यास के बाद शुरू हुए सीवरेज के कार्य की जिम्मेदारी आरयूआइडीपी की थी। आरयूआइडीपी ने जिन एजेंसियों को टेंडर दिए गए उनकी काम करने की धीमी गति की वजह से उन्हें टर्मिनेट कर दूसरी एजेंसियों को भी टेंडर दिए गए। लेकिन हाल वही रहा। रेंगते - रेंगते 2022 बीत जाने के बाद 35 फीसदी शहर के पाइप लाइन डालने का काम भी ठीक तरीके से सिरे नहीं चढ़ पाया।

नगर परिषद का तीसरा बोर्ड, काम अभी अधूरा
सीवरेज का काम चलते हुए 13 साल हो चुके हैं। नगर परिषद का यह तीसरा बोर्ड चल रहा है। 2010 में कांग्रेस के बोर्ड में काम शुरू हुआ। इसके बाद भाजपा का बोर्ड आया तब भी काम पूरा नहीं हो पाया और अब फिर कांग्रेस का बोर्ड चल रहा है। लेकिन सीवरेज के काम को अभी भी गति नहीं मिल पाई है।

इनका कहना है...
सीवरेज का काम अभी शुरू हुआ है। पहले के बकाया कनेक्शन और लेवलिंग का काम चल रहा है। 78 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज से संबंधित काम शुरू किए जाएंगे।
दिलीप पूनियां, आयुक्त नगर परिषद (झुंझुनूं)

IAS Chinmayee Gopal: भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी चिन्मयी गोपाल झुंझुनूं की तीसरी महिला जिला कलक्टर होंगी। इससे पहले मुग्धा सिन्हा और आरुषि मलिक झुंझुनूं की महिला कलक्टर रह चुकी हैं। चिन्मयी इससे पहले टोंक में जिला कलक्टर रह चुकी हैं। वह अजमेर और कोटा में सहायक कलक्टर,भीलवाड़ा और रामगंजमंडी में एसडीएम, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिला परिषद में सीइओ, अजमेर नगर निगम में आयुक्त एवं अजमेर स्मार्ट सिटी की एसीइओ सहित कई पदों पर कार्य कर चुकी हैं। अर्थशास्त्र से एमए कर चुकी चिन्मयी साल 2014 कैडर की आईएएस हैं। 17 अगस्त 1984 को जन्मी चिन्मयी गोपाल दिल्ली की रहने वाली हैं।

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घर-घर जाकर सुनती थी समस्या, आश्चर्यचकित हो जाते थे लोग
जब वह टोंक जिले में कार्यरत थी तब गांव में घूम कर घर-घर सर्वे करके गांव वालों की समस्याएं सुनती थी। एक बार वह अधिकारियों के साथ बिणजारी गांव पहुंची और घर-घर जाकर सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि के बारे में जानकारी ली थी। जिला कलक्टर के ऐसे गांव में पैदल घूमने पर लोग आश्चर्यचकित हो जाते थे। ये सबसे हटकर काम करने के लिए पहचानी जाती हैं। एकबार जब ये टोंक जिले में कलक्टर पद पर कार्यरत थी तब एक गलत सर्वे रिपोर्ट आने पर खुद हकीकत का पता लगाने फील्ड पर चली गई थी। इसके बाद सही सर्वे करवाकर कई लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाया और सर्वे में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चार्जशीट भी दी थी।

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