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Monday 29 May 2023 07:04 AM UTC+00 मुख्यमंत्री ने मौलासर पहुंचने पर सबसे पहले महंगाई राहत कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं के बारे में पूछा। एक बुजुर्ग दिव्यांग महिला मोहनी देवी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जीवन तो कट रहा है। आपकी 'नीत साफ तो सब साफ है।' मोहनी देवी ने कहा कि उसके पांच बेटियां हैं, लेकिन बेटा नहीं है। इस पर गहलोत ने कहा कि 'मैं हूं आपका बेटा'। एक लाभार्थी ने कहा कि बिजली बिल कम होने से राहत मिलेगी। इसके बाद गहलोत ने लाभार्थियों को महंगाई से राहत देने वाले मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड सौंपते हुए अन्य योजनाओं के लाभ लेने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने के लिए आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के चैक सौंपे।
ऐ तो नोट बदळबा को काम करे - डोटासरा: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने नरेगा, खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना, आरटीई, आरटीआई जैसी योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस ने योजनाएं बनाने का काम किया है और ऐ (भाजपा) तो नोट बदळबा को काम करे। डोटासरा ने कहा कि इनके पूरे राजस्थान में जन आक्रोश यात्रा में जितने लोग एकत्र नहीं हुए, उससे ज्यादा तो मेरे चेतन ने यहां कर दिए। सम्मेलन में ओपीएस की टोपी लगाकर बैठै कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा आ गई तो आ टोपी उतार देला। उन्होंने गहलोत को 75 साल का जवान बताते हुए कहा कि हमसे ज्यादा ऊर्जा से काम कर रहे हैं, अभी काहे का रिटायरमेंट। डोटासरा ने राजेन्द्र राठौड़ का नाम लेकर कहा कि कान्या मान्या कुर्रर्र सूं वोट कोनी मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री के लिए आपस में लड़ रहे हैं। सम्मेलन को राजस्थान एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड अध्यक्ष रामेश्वर डूडी ने भी संबोधित करते हुए सरकार की योजनाओं को गिनाया। यह भी पढ़ें : नए जिलों जिलों को लेकर अब आई ये बड़ी खबर, जून में यहां स्थापित होगा जिलों का मुख्यालय
ये रहे मौजूद: किसान सम्मेलन में गृह राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव, उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत, एनएसयूआई अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, रोहित बोहरा, डीडवाना नगर पालिका चेयरमैन नंदकिशोर होलानी, संभागीय आयुक्त चौथीराम मीणा, महानिरीक्षक पुलिस रूपिन्दर सिंह, जिला कलक्टर पीयूष सामरिया, पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने संबोधन के बाद 153.17 करोड़ रुपए की लागत के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें डीडवाना अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय के नवीन भवन का निर्माण, उपखंड कार्यालय सह तहसील कार्यालय के नवीन भवन का निर्माण कार्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डूकरा का निर्माण कार्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सानिया और सिंघाना का निमार्ण कार्य, कृषि महाविद्यालय मौलासर के भवन सहित अन्य कार्य शामिल हैं। यह भी पढ़ें : पायलट को लेकर गहलोत के साथ राहुल और खरगे करेंगे मंत्रणा, इन मुद्दों पर होगी चर्चा भाजपा सरकार के राज में हुआ नागौर लिफ्ट पेयजल परियोजना का काम मुख्यमंत्री गहलोत की ओर से मौलासर में जिले को हिमालय का पानी पिलाने के बयान पर पूर्व मंत्री युनूस खान ने कहा कि मुख्यमंत्री से जनता को बहुत सारी उम्मीदें थी, जिसमें डीडवाना को जिला मुख्यालय की घोषणा भी शामिल थी। लेकिन संबोधन के बाद लोगों में निराशा छा गई। नागौर जिले में नागौर लिफ्ट पेयजल परियोजना के पानी को लेकर गहलोत का बयान विरोधाभासी था। खान ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकार में नागौर लिफ्ट पेयजल परियोजना के तहत 7 अगस्त 2006 को प्रथम चरण में 761 करोड रुपए राशि की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर नागौर जिले के 5 कस्बे और 494 गांवों को लाभान्वित किया गया।
जो अपने चलाए नोट को सात साल नहीं चला पाए, वो हमसे पूछते हैं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रदेश के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि देश का किसान और जवान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि मुझे गाली देते हैं। अब जो काम करेगा वो प्रेम पाएगा और जो बातें करेगा, वो गाली ही खाएगा। उन्होंने कहा कि संसद का लोकार्पण राष्ट्रपति से कराना था। रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री हमें पूछते हैं कि 70 साल में क्या किया। मैं पूछता हूं मोदीजी - आप अपना चलाया हुआ 2 हजार का नोट सात साल नहीं चला पाए, देश क्या चलाओगे। फसल बीमा की बात करते हैं, लेकिन 40 हजार करोड़ का लाभ कम्पनियों ने कमाया है, किसानों को नहीं मिला। |
Monday 29 May 2023 10:24 AM UTC+00 नागौर. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने नरेगा, खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना, आरटीई, आरटीआई जैसी योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस ने योजनाएं बनाने का काम किया है और ऐ (भाजपा) तो नोट बदळबा को काम करे। डोटासरा ने कहा कि इनके पूरे राजस्थान में जन आक्रोश यात्रा में जितने लोग एकत्र नहीं हुए, उससे ज्यादा तो मेरे चेतन ने यहां कर दिए। सम्मेलन में ओपीएस की टोपी लगाकर बैठै कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा आ गई तो आ टोपी उतार देला। उन्होंने गहलोत को 75 साल का जवान बताते हुए कहा कि हमसे ज्यादा ऊर्जा से काम कर रहे हैं, अभी काहे का रिटायरमेंट। डोटासरा ने राजेन्द्र राठौड़ का नाम लेकर कहा कि कान्या मान्या कुर्रर्र सूं वोट कोनी मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री के लिए आपस में लड़ रहे हैं। सम्मेलन को राजस्थान एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड अध्यक्ष रामेश्वर डूडी ने भी संबोधित करते हुए सरकार की योजनाओं को गिनाया। जो अपने चलाए नोट को सात साल नहीं चला पाए, वो हमसे पूछते हैं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रदेश के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि देश का किसान और जवान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि मुझे गाली देते हैं। अब जो काम करेगा वो प्रेम पाएगा और जो बातें करेगा, वो गाली ही खाएगा। उन्होंने कहा कि संसद का लोकार्पण राष्ट्रपति से कराना था। रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री हमें पूछते हैं कि 70 साल में क्या किया। मैं पूछता हूं मोदीजी - आप अपना चलाया हुआ 2 हजार का नोट सात साल नहीं चला पाए, देश क्या चलाओगे। फसल बीमा की बात करते हैं, लेकिन 40 हजार करोड़ का लाभ कम्पनियों ने कमाया है, किसानों को नहीं मिला। |
Monday 29 May 2023 05:11 PM UTC+00 -बारिश के साथ आए तूफान में नागौर, खींवसर एवं डेह सहित अन्य जगहों पर सैंकड़ों की संख्या में गिर गए बिजली के पोल, सडक़ों पर बिखरे तार, ट्रांसफार्मर भी टूटे -अकेले नागौर शहर में ही चार से पांच दर्जन पेाल टूटे, जिले में टूटे हुए पोलों का के साथ ट्रांसफार्मर एवं तार आदि के टूटने के नुकसान का आंकलन करने में जुटा विभाग -अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था दो से तीन दिन में यथावत कर दिए जाने की जताई उम्मीद नागौर. बारिश के साथ तूफान ने रविवार को जिले में सैंकड़ों पेड़ों के साथ ही बिजली के पोलों को उखाड़ दिया। बिजली पोलों के साथ जहां-तहां लगे पेड़ों के गिरने से कई जगहों पर एलटी लाइन पूरी तरह से टूट कर बिखर गई। इस तूफान में केवल पेड़ ही नहीं गिरे, बल्कि ट्रांसफार्मर भी हवा की मानिंद उड़ कर टूटे। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक सडक़ों पर गिरे, टूटे व बिखरे पोलों के पड़े अवशेष आई आंधी के भयावहता को दर्शाते नजर आए। इससे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी उतरी रही। स्थिति यह रही कि जिले के ज्यादातर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र तूफान-बारिश के कहर से पीडि़त रहे। डिस्कॉम के अनुसार लगातार चल रहे तूफान व बारिश के कहर से विभाग के नुकसान का आंकड़ा भी करोड़ों में जा पहुंचा है। उल्लेखनी है कि गत 25 मई को आए तूफान में करीब सात हजार पोल टूटे थे। इसके बाद 26 मई को 369 पोल डेमेज हो गए थे। अब रविवार को इस तूफान ने सैंकड़ों पोलों को धराशायी कर दिया। फिलहाल डिस्कॉम पोलों के टूटने की संख्या के साथ ही नुकसान का आंकलन करने में लगा हुआ है। पिछले तीन से चार दिन नागौर के लिए बेहद तकलीफदेह रहे। मौसम के बिगड़े रूख ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी से उतार दी। रविवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे आए तूफान ने एक बार फिर से जिले को अंधेरे में डूबो दिया। अपराह्न में करीब साढ़े तीन बजे तेज हवा चलने के साथ बारिश शुरू हुई। तेज हवा के तूफान में बदलने के साथ ही बारिश भी तेज हो गई। इस तूफान में जिला मुख्यालय के मूण्डवा रोड से लेकर मानासर चौराहा, बीकानेर रोड, नया दरवाजा, अस्पताल रोड आदि क्षेत्रों में दर्जनों पेड़ गिर गए। यह पेड़ 33 केवी, 11केवी एवं एलटी लाइन पर गिरे। इसमें अस्पताल रोड पर पेड़ सीधा ट्रांसफार्मर पर गिरा। इससे यह क्षतिग्रस्त हो गया। नया दरवाजा, कुंदन सिटी, मूण्डवा रोड से मानासर चौराहे तक पेड़ एलटी एवं 33 केवी लाइन पर गिरे नजर आए। इसी तरह से डेह रोड पर भी तूफान संग बारिश ने भारी तबाही मचाई। डेड रोड पर बिजली का एक टॉवर टूटा तो उसका एक हिस्सा सामने की बिल्डिंग में जा गिरा। यहां पर कई जगह लगे फ्लेक्स, शेड आदि कागज की मानिंद उडकऱ सडक़ पर जा गिरे। इस तबाही से नागौर शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी उतरी रही। देर रात्रि तक पूरा नागौर शहर अंधेरे में डूबा नजर आया। बारिश से मौसम की तपिश से राहत मिली, लेकिन आंशिक रूप से। इसके चलते गर्मी से बिजली के अभाव में पूरा शहर परेशान रहा। विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं के साथ बुजुर्गों को बिजली नहीं होने से बेहद मुश्किल का सामना करना पड़ा। जिले में हर जगह छाया अंधेरा डिस्कॉम के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार नागौर, मूण्डवा, खींवसर एवं डेह में इस तूफान व बारिश ने ज्यादा तबाही मचाई है। अकेले नागौर में ही चार से पांच दर्जन बिजली के पोलों के टूटने की सूचना मिली है। इसी तरह से जिले के खींवसर में भी कई जगह काफी संख्या में पोल गिरे। डेह की भी यही स्थिति बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने का है, लेकिन यह तो जरूर है कि विभाग को इस तूफान ने भी करोड़ो का नुकसान पहुंचाया है। सही वस्तुस्थिति तो पूरी तरह से आंकलन करने के बाद ही सामने आ पाएगी। व्यवस्था को सुचारु करने में लगेंगे दो-तीन दिन डिस्कॉम के अधिकारियों के अनुसार सैंकड़ों की संख्या में पोल गिरे, ट्रांसफार्मर टूटे एवं तार भी टूटकर बिखर गए। इसकी वजह से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से व्यवस्थित होने अनुमानत: दो से तीन दिन का समय लग जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि जिले प्रभावित क्षेत्रों में डिस्कॉम की टीम आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने में लगी हुई है। इस दौरान फिर से तूफान व बारिश ने तबाही नहीं मचाई तो अनियंत्रित स्थिति को व्यवस्थित कर लिया जाएगा, नहीं तो फिर हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। इनका कहना है... तूफान के साथ आई बारिश से काफी संख्या में बिजली के पोल डैमेज हुए हैं। कई जगह पर पेड़ों के गिरने के कारण ट्रांसफार्मर एवं एलटी, 33 केवी एवं 11 केवी लाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। एफ आर. मीणा, अधीक्षण अभियंता, अजमेर डिस्कॉम नागौर |
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