>>: 1040 किलोमीटर सरहद पर तैनात 8 हजार सुरक्षा प्रहरियों को बांधेंगे रक्षासूत्र

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-दीपक व्यास
जैसलमेर. सरहद पर तैनात सुरक्षा प्रहरियों की कलाइयों पर राखी बांधकर सरहदी जिलों की बहनें उकनी लंबी उम्र की कामना करेगी, साथ ही सीमा सुरक्षा का संकल्प दिलाएगी। अपने घरों से मीलों दूर सीमा दूर सीमा पर निगरानी रखने वाले सीमा सुरक्षा बल के जवान भी रक्षाबंधन पर्व का इंतजार करते हैं, क्योंकि सीमा पर बहनें पहुंचती है रक्षासूत्र बांधने। इस बार रक्षाबंधन पर्व पर पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले की दुर्गम रेतीले इलाकों में बनी सीमा चौकियों पर पांच जिलों की बेटियां रक्षासूत्र बांधने जाएंगे। करीब 1040 किलोमीटर लंबी पश्चिमी सरहद पर करीब 225 वाहनों में 150 से अधिक टोलियां सरहद पर जाएगी। गौरतलब है कि सीमा जन कल्याण समिति की ओर से विगत दो दशकों से सरहद पर जाकर सुरक्षा प्रहरियों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इस बार जैसलमेरए बाड़मेरए बीकानेरए श्रीगंगानगर व नए बने जिले अनूपगढ़ से विभिन्न टोलियों में बालिकाएं रक्षासूत्र बांधने जाएगी, यही नहीं वे स्कूूलों में देश की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के लिए स्कूली छात्राओं की ओर से लिखे पत्र भी ले जाएगी। सरहद के निगेहबानों की कलाई पर राखी बांधने सरहदी जिलों में सीमा सुरक्षा बल की स्थापित सीमा चौकियों पर पश्चिमी राजस्थान के पांच जिलों में बॉर्डर पर तैनात बल के करीब 8 हजार जवानों की सूनी कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधे जाएंगे।
दुर्गम मार्ग और चहुंओर रेगिस्तान
गौरव के क्षणों की अनुभूति करने और सीमा सुरक्षा बल के जवानों का मनोबल बढ़ाने व पर्व की खुशियों में भागीदार बनने के लिए पहुंचने वाली टोलियों के लिए मार्ग इतना सहज भी नहीं है। करीब 250 किमी तक दूरी जिला मुख्यालय से 225 से 250 किलोमीटर की दूरी पर कुछ सीमा चौकियां ऐसी भी होती हैं, जहां दूर.दूर तक केवल रेगिस्तान ही नजर आता है। यहां 5 जिलों में 300 से अधिक सीमा चौकियां स्थापित हैं, जिनमें अकेले जैसलमेर जिले में 133 चौकियां बनी हुई हैं।
फैक्ट फाइल
-290 के करीब बीओपी पर रक्षाबंधन पर्व मनाने जाएगी टोलियां
-50 के करीब बीएसएफ हेड क्वार्टर व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के स्थानों पर पहुंचेंगे
-8 हजार से अधिक सुरक्षा प्रहरियों पर बांधी जाएंगे रक्षासूत्र
-225 के करीब वाहनों में जाएंगी टोलियां -400 से अधिक गांवों से जाएंगे कार्यकर्ता

हस्त लिखित पत्रक व राखियां
रेत के समंदर में आई सीमा चौकियों तक पहुंचकर जवानों को रक्षासूत्र बांधने की परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। जिला और तहसील केन्द्रों से जाने वाली रक्षाबंधन टोलियां अपने साथ स्कूलों, कॉलेजों में अध्ययनरत छात्राओं की ओर से जवानों के नाम हस्तलिखित रक्षा बंधन पत्रक और राखियां भी साथ ले जाते हैं।
-शरद व्यास, प्रांत प्रचार प्रमुख, सीमा जन कल्याण समिति

अलग-अलग सीमा क्षेत्र पहुंचेगी टोलियां
रक्षाबंधन पर सीमाजन कल्याण समिति के कार्यकर्ता और संबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण रक्षासूत्र बांधेंगे। सीमाजन के कार्यकर्ता और पांचों जिलों के सीमावर्ती गांवों के लोग, जिनमें बालिकाएं भी शामिल हैंए रक्षाबंधन पर्व पर अलग-अलग सीमा क्षेत्रों में पहुंचेंगे। महिला सुरक्षा प्रहरी भी रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाती है।
-नींबसिंह, प्रदेश संगठन मंत्री राजस्थान-गुजरात, सीमा जन कल्याण समिति

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