>>: मौत का हाइवे : चित्रा सिंह से पहले 80 लोगों की जान ले चुका है दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे

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बाड़मेर.
दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे मौत का हाइवे बन चुका है। मंगलवार को एक्सप्रेस-वे पर नौगांवा के समीप सड़क हादसे में पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह की मौत हो गई। चित्रा सिंह की मौत से पहले अलवर सीमा में पिछले एक साल में ये हाइवे करीब 80 लोगों की जान ले चुका है, लेकिन इन मौतों की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। सरकारी मशीनरी एक्सप्रेस-वे पर हादसों को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में हाइवे पर चलने वाले वाहन चालकों को खुद ही जागरूक होना पड़ेगा।
केन्द्र सरकार की ओर से 12 हजार 173 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य एनएचएआई (नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से कराया जा रहा है। 8 लेन के दिल्ली-मुम्बई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे दिल्ली-अलवर-दौसा-लालसोट खंड का 12 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घाटन कर चुके हैं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए 120 किमी प्रति घंटा गति सीमा निर्धारित है, लेकिन एनएचएआई की ओर से यहां वाहनों की गति सीमा पर कोई कंट्रोल नहीं है। जिसके कारण वाहन ओवर स्पीड में दौड़ रहे हैं और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।

न सीसीटीवी सर्विलांस न पुलिस चौकी

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का सर्विलांस सिस्टम पूरी तरह से फेल है। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की स्पीड को कंट्रोल करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए हैं, लेकिन अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। वाहनों की स्पीड पर निगरानी रखने के लिए सर्विलांस सिस्टम भी अभी चालू नहीं हो सका है। जिससे ओवर स्पीड दौड़ रहे वाहनों के ऑनलाइन चालान नहीं काटे जा रहे हैं। चालान या कार्रवाई का डर नहीं होने से हाइवे पर 150 से 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक से वाहन दौड़ रहे हैं। वहीं, एनएचएआई (नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से एक्सप्रेस-वे पर कोई पुलिस चौकी स्थापित नहीं की है। जबकि जिला पुलिस प्रशासन की ओर से एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक पुलिस चौकी के लिए शीतल और बड़ौदामेव में दो जगह चिन्हित कर एनएचएआई को तीन बार प्रस्ताव भिजवाया जा चुका है। पुलिस एक्सप्रेस-वे पर कुछ घंटे इंटर सेप्टर वाहन खड़ा कर ओवर स्पीड के चालान काटती है। पिछले 11 महीनों में पुलिस करीब 26 हजार वाहनों के ओवर स्पीड के चालान काट चुकी है।

पूर्व सांसद की कार अनियंत्रित होकर 150 अंदर घुस डिवाइडर से टकराई

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर नौगांवा के खुसपुरी के समीप मंगलवार शाम को पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र बाड़मेर के पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह जसोल की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसे मानवेन्द्र सिंह चला रहे थे। हादसे में उनकी पत्नी चित्रा सिंह की मौत हो गई। जबकि मानवेन्द्र सिंह, उनका पुत्र हमीर सिंह और ड्राइवर घायल हो गए। हादसे का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें कार अनियंत्रित होकर हाइवे पर साइड में कच्चे रास्ते में करीब 150 अंदर घुसकर डिवाइडर से टकराती नजर आ रही है। एक्सपर्ट के अनुसार दुर्घटना के दौरान कार की स्पीड 120 किमी प्रति घंटा से कम थी।

एक्सप्रेस-वे के फैक्ट फाइल
कुल लम्बाई - 1382 किमी
कुल लागत - 12173 करोड़ रुपए
अलवर जिले में दूरी - 67 किमी
इंटरचेंज - शीतल व पिनान
अधिकतम गति सीमा - 120 किमी प्रति घंटा
एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई - 8 लेन
निर्माण एजेन्सी - एनएचएआई

कारणों का पता लगा रहे
दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार शाम को पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह की कार का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गई तथा पूर्व सांसद, उनके पुत्र और कार चालक घायल हो गए। घटना के सम्बन्ध में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। एक्सप्रेस-वे पर हादसों की रोकथाम के लिए ट्रैफिक पुलिस चौकी का प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा हुआ है।
- आनंद शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।

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