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सड़क सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च, कम नहीं हो रहे हादसे, छीन रहा परिवार का सहारा Friday 23 February 2024 07:22 AM UTC+00 केस-01 : सीकर में लक्ष्मणगढ़ रोड पर 11 फरवरी को सडक़ हादसे में झुंझुनूं के गांव दिलावरपुरा के डॉ. पंकज मांजू की मौत हो गई थी। पंकज झुंझुनूं शहर के हाउसिंग बोर्ड में रहते थे और एसके मेडिकल कॉलेज में शिशु औषध विभाग में स्नातकोत्तर में अध्ययनरत थे। उनका दो महीने बाद ही कोर्स पूरा होने वाला था। वे कार से सीकर से लक्ष्मणगढ़ रोड पर जा रहे थे कि हादसे ने उनकी जिदंगी लील ली।
------------- increasing road accidents : बढ़ते सड़क हादसे हैरान कर रहे हैं। हादसे परिवारों का सहारा छीन रहे हैं। प्रदेश में रोजाना औसतन तीन दर्जन लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। राजस्थान में वर्ष 2023 में 24,705 सडक़ हादसे हुए। इन हादसों में 11,762 लोगों ने अपनी जान गंवाई। रोजाना औसत 67 सडक़ हादसे हो रहे हैं और इनमें तीन दर्जन के करीब अपनी जान गंवा रहे हैं। यह आंकड़ा कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। सडक़ हादसों में कमी की बजाए हो रही बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। कम होने की बजाय बढ़ते हादसे बढ़ा रहे चिंता प्रदेश सरकार की ओर सडक़ हादसों में कमी लाने के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। सडक़ सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन हादसे कम होने की बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2022 में 23,614 सडक़ हादसे हुए। 2023 में यह संख्या बढकऱ 24,705 हो गई। इनमें मॄतकों की संख्या 11,104 से बढकऱ 11,762 हो गई। एक साल में ही 658 लोगों ज्यादा मौत के आगोश में चले गए। जबकि हादसों की संख्या करीब 1100 हो गई और आठ सौ के करीब लोग घायल हो गए। जानिए: हादसों की बड़ी वजह पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से कोई बेहतर प्रयास नहीं सडक़ निर्माण में खामियों का होना प्रदेश की ज्यादातर सडक़ों का अलाइमेंट सही नहीं है। झुंझुनूं जिले में गुजर रही सडक़ों पर काफी घुमाव हैं। कहीं सडक़ों पर पानी जमा रहता है तो कहीं पर गड्ढ़े पड़े हैं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर संकेतकों की कमी जिले के ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा ट्रैफिक लाइटों का अभाव सडक़ों के दोनों किनारों पर अतिक्रमण आवेर स्पीड में वाहन चलाना, सीट बैल्ट नहीं पहनना व हेलमेट नहीं लगाना यातायात नियमों की अधूरी जानकारी पांच साल के दौरान प्रदेश में हादसे व मौतवर्ष दुर्घटनाएं मौत 2019 23480 10523 2020 19114 9250 2021 20951 10043 2022 23614 1104 2023 24705 11762 नियमों की करें पालना, अभियान चलाकर करेंगे कार्रवाई बढ़ते सडक़ हादसों पर एसपी ज्ञानचंद्र यादव बताते हैं कि राज्य सरकार व पुलिस मुख्यालय के निर्देश हैं कि जहां रोड एक्सीडेंट के ब्लैक स्पॉट है। वहां पुलिस व पीडब्लूडी मिलकर उन्हें चिह्नित कर अवेयरनेस के सिंबल लगाएं। इस संबंध में बजट भी मिला है। 50 दिन के अंदर इसकी पालना कराई जाएगी। सडक़ें अच्छी बन गई हैं। इसलिए ओवर स्पीड से वाहन ना चलाएं। वाहन चलाते समय सीट बैल्ट लगाएं व हेलमेट जरूर पहने। ज्यादातर हादसों का कारण शराब पीकर वाहन चलाने से होते हैं। शराब पीकर वाहन ना चलाएं। इसके अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम कराकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। |
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