>>: बैंक ने बिना पूछे खाते से निकाले 3 लाख, अब पेनल्टी

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मोहम्मद इलियास/उदयपुर

बैंक ने एक महिला के खाते से बिना पूछे तीन लाख रुपए निकाल लिए, तीन माह बाद पता चलने पर बैंक ने खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर राशि वापस डाली। इतना ही नहीं उसे कभी जो कार्ड ही इश्यू नहीं करवाया उस कार्ड के भी बैंक ने पैसे काट लिए।

इस संबंध में स्थाई लोक अदालत में वाद दायर होने पर पीठासीन अधिकारी रवि प्रकाश शर्मा, सदस्य राजेन्द्र सिंह व डॉ.गरिमा गुप्ता ने बैंक लापरवाही व सेवा में दोष माना। कोर्ट ने बैंक को आदेश दिया किया वह तीन लाख रुपए पर तीन माह के ब्याज के अलावा कार्ड के 177 रुपए तथा परिवाद व मानसिक व्यय के तीन हजार रुपए अलग से अदा करे। न्यायालय ने यह निर्णय देबारी निवासी मोहन कुंवर पत्नी भीम सिंह देवड़ा बनाम यूको बैंक, जरिये शाखा प्रबंधक बापू बाजार के प्रकरण में दिया। परिवादिया की ओर से पैरवी अधिवक्ता कृष्ण सिंह चौहान ने की।
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यह था मामला
परिवादिया ने बताया कि उसका एक संयुक्त बचत खाता विपक्षी बैंक में है। 10 जून 2021 को विपक्षी ने परिवादी के खाते से बगैर उसकी स्वीकृति 3 लाख रुपए काट लिए। 29 जून को 177 रुपए कार्ड जारी करने के चार्जेज के नाम पर काट लिए जबकि परिवादिया ने कोई कार्ड विपक्षी से जारी नहीं करवाया। उक्त संव्यवहार की जानकारी प्राप्त होते ही विपक्षी से कई बार संपर्क कर काटी गई राशि की जानकारी चाही गई परंतु विपक्षी ने कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। जिस पर 9 सितम्बर 2021 को परिवादिया द्वारा एक लिखित शिकायत पत्र विपक्षी को प्रस्तुत की गई जिस पर विपक्षी के द्वारा अगले ही दिन 10 सितम्बर 2021 को यूको बैंक शाखा सादड़ी से 1.70 लाख रुपए 1.30 लाख रुपए उसके खाते में राशि काटने की दिनांक के 3 माह बाद जमा कर दिए गए। साथ ही विपक्षी ने परिवादिया से एक खाली कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। प्रार्थिया ने इस बारे में पूछा तो बताया कि आपकी राशि आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी है, अब आपके व हमारे मध्य विवाद शेष नहीं होने से आपसे उक्त खाली कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए है तथा हम आपके खाली कागज का कोई दुरुपयोग नहीं करेंगे।

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