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सरकार की रोडवेज बसों में किराया छूट घोषणा बनी छलावा, महंगे सफर को मजबूर महिलाएं Monday 29 May 2023 11:09 AM UTC+00 पीपलू. प्रदेश सरकार के अंतिम बजट में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट सौगात तो दी, लेकिन कई क्षेत्रों में इसका लाभ लेने से महिलाएं कोसों दूर नजर आती है। इसका मुख्य कारण है कि कई देहाती अंचलों में रोडवेज की बसों का संचालन ही नहीं हो पा रहा है। पीपलू उपखंड क्षेत्र के स्टेट हाइवे 117 पर मौजूद पंचायतों मुख्यालय को छोडकऱ अन्य पंचायतों व ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण महिलाओं को राज्य सरकार की रोडवेज बसों में किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने मार्च माह में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर करने पर आधा किराया माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के सडक़ मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो रहा। इन मार्गों पर अधिकतर निजी बसों, कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन होता है। यह बसें हो रही संचालित यह ग्राम पंचायतें पूरी तरह वंचित रोडवेज बसों का संचालन महज एक सपना पंचायतों में एक-एक बस ही संचालित स्टेट हाइवे 117 पर सोहेला डिग्र्गी मार्ग पर स्थित सोहेला, हाडीकलां, डारडातुर्की, नाथड़ी, झिराना, बोरखंडीकलां पंचायत मुख्यालय ही रोडवेज बस सेवा से जुड़ा हुआ हैं। वहीं कठमाणा, रानोली, बनवाड़ा, नानेर, जवाली, गहलोद, पीपलू, बगड़ी पंचायत बस सेवा से जुड़ी हुई हैं, लेकिन सिर्फ एक-एक बस ही इन मार्गों से संचालित हो रही है। &टोंक आगार में 80 बसें थी, जिनमें से 5 अन्य डिपो को ट्रांसफर हो चुकी हैं। वहीं 4 बसें कंडम हो चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही बसों में भी कटौती करनी पड़ रही हैं। वहीं महिलाओं को 50 प्रतिशत किराए की छूट साधारण बसें में ही है। |
जिन्दगी चुनो, तम्बाकू नही का दिया संदेश, तम्बाकू निषेध सप्ताह पर निकाली जागरूकता रैली Monday 29 May 2023 02:16 PM UTC+00 टोंक. विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के उपलक्ष्य में जिले में 25 से 31 मई तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू निषेध सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के विद्यार्थियों द्वारा तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों को बताने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। इसी के साथ दरबार स्कूल में विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव को बताने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही तंबाकू सेवन न करने एवं दूसरों को तंबाकू का सेवन रोकने के लिए शपथ ग्रहण कराई गई एवं रैली का आयोजन किया गया। प्रारंभिक और युवावस्था में लगती है लत सीएमएचओ डॉ एस एस अग्रवाल ने बाया कि तम्बाकू के सेवन का सबसे आम तरीका धूम्रपान है और तम्बाकू धूम्रपान किया जाने वाला आम पदार्थ है। आमजन में इसकी शुरूआत आमतौर पर प्रारंभिक अवस्था में या युवावस्था में इसकी लत देखी जा सकती है। तम्बाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसमें मौजूद निकोटीन नामक जहरीला पदार्थ नशा पैदा करता है। यह तंबाकू का सेवन करने वालों के व्यवहार को प्रभावित करता है। तंबाकू सेवन से हो रही है घातक बीमारियां तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। इससे रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है साथ ही उच्च रक्तचाप की समस्या भी खड़ी हो जाती है। पैरों की नसों में थक्के की रूकावट आने का जोखिम अधिक होता है। वर्तमान समय में बच्चों व युवकों में हानिकारक पदार्थों के सेवन का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। नशे की इस बढ़ती लत के कारण पूरा समाज खोखला होता जा रहा है। विभिन्न प्रकार के तंबाकूजन्य हानिकारक पदार्थों के सेवन से लोगों के फेफडों को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों को टीबी, कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़् रहा है। सिगरेट पीने की बुरी लत के बढ़ते स्तर का प्रभाव नशे न करने वालों के सेहत पर भी पड़ रहा है। तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केन्द्र संचालित भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निरोगी राजस्थान अभियान के तहत कई विशेष कदम उठाये जा रहे है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला सआदत चिकित्सालय में तम्बाकू रोगियों के उपचार हेतु जिला तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केन्द्र संचालित है, जिसमें तम्बाकू रोगियों की स्पाइरोमीटर एवं कार्बनमोनोआक्साइड मीटर के माध्यम से नि:शुल्क जांच की जाती है। तम्बाकू रोगियों को नि:शुल्क एनआरटी थैरेपी दी जाती हैै। वित्तीय वर्ष 2022-23 तक कुल 2195 तम्बाकू रोगियों की काउन्सिलिंग की गई जिसमें 459 रोगियों को एनआरटी थैरेपी दी गई जिसमें से 111 लोगों ने तम्बाकू सेवन करना पूर्णतया छोड़ दिया।
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