>>: इस बड़े स्टोर को चाय पत्ती के 37 रुपए 25 पैसे ज्यादा लेना पड़ा भारी, अब चुकाना पड़ा इतने का जुर्माना

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झुंझुनूं. उपभोक्ता से चायपत्ती के पैकेट पर अंकित एमआरपी से 37 रुपए 25 पैसे अधिक लेना एक बडे स्टोर को महंगा साबित हुआ। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इसे गंभीर सेवादोष व अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए एमआरपी से अधिक लिए गए रुपए 8 फीसदी ब्याज सहित परिवादी को लौटाने व परिवाद व्यय के पेटे 1,500 रुपए व मानसिक संताप के पेटे 3,300 रुपए परिवादी को देने के आदेश दिए हैं।

गुढ़ागौडज़ी निवासी परिवादी राजवीर सिंह शेखावत ने 21 दिसंबर 2021 को चाय का पैकेट खरीदा था। इस पर एमआरपी 130 रुपए थी, जबकि उससे 167.25 रुपए लिए गए। रिलायंस रिटेल के टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत की। बाद में परिवादी ने 28 जनवरी 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद पेश किया। आयोग अध्यक्ष मनोज मील व सदस्य नीतू सैनी ने मामले में सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि उपभोक्ता से एमआरपी से ली गई अधिक राशि ब्याज सहित लौटाई जाए।

एवीवीएनएल को देने होंगे 8 हजार रुपए
झुंझुनूं निवासी मोहम्मद सलीम ने आयोग में 20 जनवरी 2020 को परिवाद दायर किया था कि उनके पिता उस्मान तेली के नाम से कृषि विद्युत कनेक्शन है। विद्युत सप्लाई समस्तपुर-प्रतापपुरा ब्लॉक जो कि ग्रामीण क्षेत्र में आता है, से हो रही है। लेकिन बिल शहरी टैरिफ के हिसाब से वसूला जा रहा है। उसने एवीवीएनएल में गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसे आयोग अध्यक्ष मील व सदस्य सैनी ने एवीवीएनएल की गंभीर लापरवाही माना और आदेश दिया कि कृषि विद्युत कनेक्शन से संबंधित बिल ग्रामीण टैरिफ से जारी किए जाएं। वहीं परिवाद पेश करने से लेकर अब तक बिल में ली गई ज्यादा राशि आगे के बिलों में समायोजित करें। मानसिक संताप पेटे 5,500 रुपए व परिवाद व्यय पेटे 2,500 रुपए भी परिवादी को देने के आदेश दिए गए हैं।
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क्लैम राशि देने के दिए आदेश
हाऊसिंग बोर्ड के निवासी दीपक गर्वा ने परिवाद दर्ज करवाया था कि कोरोना में बीमार होने पर भी बीमा कंपनी द्वारा उपभोक्ता को मेडिकल बीमा क्लैम का भुगतान नहीं किया। आयोग ने सुनवाई करते हुए 2 माह में क्लैम राशि का भुगतान, मानसिक संताप पेटे 10 हजार रुपए और परिवाद व्यय पेटे 5500 रुपए परिवादी को देने के आदेश दिए हैं। दो महीने में भुगतान नहीं करने पर 9 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित क्लैम राशि चुकानी होगी ।

वृद्ध उपभोक्ता को चुकाएं ब्याज सहित परिपक्वता राशि
नवगठित नीम का थाना जिले में बलजी की ढाणी तन गोठड़ा की रहने वाली 78 वर्षीय महिला सारली देवी ने परिवाद प्रस्तुत किया था कि उसने सहारा इंडिया में 2 खाते खुलवाकर 18 महीने की पॉलिसी ली थी और प्रत्येक खाते में 1 लाख 11 हजार रुपए जमा करवाए थे। पॉलिसी खातों की परिपक्वता पर 2 लाख 54 हजार 634 रुपए मिलने थे, जो नहीं मिले। ठीक ऐसे ही इनके पति ने भी 36 महीने के लिए पॉलिसी ली थी, पॉलिसी के परिपक्व होने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए आवेदन किया, लेकिन भुगतान नहीं किया।
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इस पर आयोग ने फैसला दिया कि परिवादिया के पति ने जो पॉलिसी खरीदी है, उसकी परिपक्वता राशि 1 लाख 70 हजार 494 रुपए 9 फीसदी ब्याज सहित परिवादिया को दी जाए। साथ ही मानसिक संताप पेटे 15 हजार रुपए व परिवाद व्यय पेटे 3300 रुपए व परिवादिया की स्वयं की 2 पॉलिसीज के संबंध में परिपक्वता की कुल राशि 2 लाख 54 हजार 634 रुपए का भुगतान 9 फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। वहीं मानसिक संताप पेटे 25 हजार रुपए व परिवाद व्यय पेटे 5 हजार रुपए देने होंगे।

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