>>: राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव, 4 से 8 अक्टूबर तक कई जिलों में बारिश की चेतावनी

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Monsoon returns in Rajasthan : राजस्थान में मानसून ने फिर से दस्तक दी है। एक नए सिस्टम के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर के पहले हफ्ते में राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दोपहर में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, नए सिस्टम के सक्रिय होने से राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इनमें पूर्वी राजस्थान के जिलों, जैसे- जयपुर, भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर शामिल हैं।

मौसम विभाग ने 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

राजस्थान में मानसून की शुरुआत 25 जून को हुई थी। हालांकि, मानसून का असर ज्यादा नहीं रहा। राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति बनी रही।

नए सिस्टम के सक्रिय होने से राजस्थान में बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और सूखे की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।


राजस्थान में 2 अक्टूबर को मौसम का हाल

राजस्थान में 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। दिन के समय मौसम गर्म और उमस भरा रहा, लेकिन सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आई। सुबह के समय गुलाबी ठण्ड का अहसास होने लगा है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। तापमान के कारण लोगों को गर्मी के जैसा अनुभव हुआ। अजमेर, टोंक, सिरोही, बीकानेर, चूरू में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। वहीं भीलवाड़ा, सीकर, हनुमानगढ़, सिरोही, फतेहपुर और करौली में रात के समय गुलाबी ठंड होने लगी है. इन जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। आपको बता दें कि राजस्थान में मानसून की शुरुआत 25 जून से हुई थी। हालांकि, मानसून का असर ज्यादा नहीं रहा। राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति बनी रही।


मानसून नया अपडेट

राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर से दस्तक दी है। एक नए सिस्टम के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर के पहले हफ्ते में राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दोपहर में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, नए सिस्टम के सक्रिय होने से राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इनमें पूर्वी राजस्थान के जिलों, जैसे- जयपुर, भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर शामिल हैं।

बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। नए सिस्टम के सक्रिय होने से राजस्थान में बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और सूखे की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।


राजस्थान में 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। दिन के समय मौसम गर्म और उमस भरा रहा, लेकिन सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। राजस्थान में मानसून की विदाई की शुरुआत हो गई है। बीकानेर संभाग और जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों से मानसून जा चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2-4 दिन में राज्य के लगभग सभी हिस्सों से मानसून की विदाई हो जाएगी।

राजस्थान में 85 साल बाद सबसे कम बारिश, 93 लाख हेक्टेयर में फसल खराब होने की आशंका

राजस्थान में 85 साल बाद इस बार अगस्त में सबसे कम बारिश हुई है. इस बार पूरे महीने में औसत से 80 फीसदी कम पानी बरसा. इससे राज्य में 93 लाख हेक्टेयर में फसल खराब होने की आशंका है.

राजस्थान में अगस्त में औसत बारिश 155.7 मिमी होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 30.9 मिमी ही हुई. अलनीनो के प्रभाव से अगस्त में स्थिति बिगड़ गई, ठीक ऐसा ही हाल सितंबर महीने में भी रहा.

मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में भी राजस्थान में औसत से 60 फीसदी कम बारिश हुई है. इससे राज्य में फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

राज्य के कृषि विभाग के अनुसार, राजस्थान में खरीफ फसलों का रकबा 2.09 करोड़ हेक्टेयर है. इनमें से 93 लाख हेक्टेयर में फसल खराब होने की आशंका है. फसल खराब होने से किसानों को भारी नुकसान होगा. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा.

अगले 24 घंटों के लिए मौसम का पूर्वानुमान

अगले 24 घंटों के दौरान, निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और निकटवर्ती पश्चिम बंगाल के तट पर पहुंच जाएगा. इस दौरान, इन क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान की संभावना है।

निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बन रही है. इन राज्यों में शामिल हैं:

- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- बिहार

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