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Video: देशी पाहुणों के सैलाब से जैसलमेर से सम तक 'नो रूम' Friday 17 November 2023 06:02 AM UTC+00 गुजरात समेत अन्य राज्यों और राजस्थान के विविध शहरों के हजारों सैलानियों के सैलाब से पीत पाषाणों से निर्मित स्वर्णनगरी खचाखच भर गई है और जैसलमेर के होटलों से लेकर सम-खुहड़ी के रिसोट्र्स में नो रूम के हालात बन गए हैं। सैलानियों को दो से तीन गुना तक ज्यादा किराया देकर कमरों में ठहरने या घूमने-फिरने का लुत्फ उठाना पड़ रहा है। शहर के अच्छे रेस्टोरेंट्स में तो सैलानियों को खाने-पीने के लिए कई घंटों तक वेटिंग तक करनी पड़ रही है। कई जगहों पर तो उन्हें जगह भी नहीं मिल रही। इसी तरह से सैलानियों के लाए गए वाहनों से शहर के तीनों पार्किंग स्थल छोटे पड़ गए और जगह-जगह सडक़ों के किनारे वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इसके अलावा बाहरी क्षेत्र की सडक़ों से लेकर भीतरी भागों में मार्ग जाम हो रहे हैं। टैक्सियों व कारों तथा बसों के आमने-सामने आ जाने से काफी देर तक पैदल राहगरों से लेकर दुपहिया वाहन चालकों को मार्ग सुगम होने का इंतजार करना पड़ रहा है। 'मिनी गुजरात' बना जैसलमेर हर बार दिवाली के अगले रोज यानी गोवद्र्धन पूजा के दिन से गुजराती सैलानी जैसलमेर में उमड़ पड़ते हैं, इसमें इस बार एक-दो दिन की देरी हुई। कायदे से अपार भीड़ का मंजर भैया दूज से शुरू हुआ है। शहर में जहां भी देखो, वहां देशी सैलानी ही दिखाई दे रहे हैं। पर्यटन स्थलों के अलावा शहर के बाजारों व गलियों-मोहल्लों तक में दिन से रात तक चहल-पहल का मंजर बना हुआ है। गुजराती सैलानी इतनी तादाद में आए हैं कि स्वर्णनगरी एक तरह से मिनी गुजरात ही बन गया है। सैलानियों की तरफ से गुजराती भाषा में आपसी बातचीत के माहौल में कई बार लगता है कि राजस्थान का यह सीमांत शहर गुजरात में शुमार हो गया है। किले पर चढऩा-उतरना मुहाल सैलानियों की भारी भीड़ की वजह से सबसे ज्यादा यातायात जाम की स्थिति ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की घाटियों में देखने को मिल रही है। सुबह 10 बजे से सायं करीब 4 बजे तक दुर्ग की घाटियों में चढऩा-उतरना मुश्किल हो गया है। अखे प्रोल के बाहर से ही हजारों सैलानियों के अंदर-बाहर होने के कारण जाम के हालात बनने शुरू होते हैं, जो दुर्ग के पूरे मार्ग से लेकर दशहरा चौक तक में नजर आते हैं। सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों को आवाजाही में सबसे ज्यादा दिक्कत सूरज प्रोल, गणेश प्रोल व हवा प्रोल में पेश आ रही है। सोनार किला स्थित म्यूजियम, हवेलियों और सिटी व्यू पॉइंट से लेकर जैन मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर व अन्य गलियों में भरपूर सैलानी नजर आ रहे हैं। फोटोग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज जैसलमेर घूमने आने वाले सैलानियों में यहां पीत पाषाणों से निर्मित ऐतिहासिक स्थलों पर फोटोग्राफी करने का आकर्षण सर्वाधिक नजर आ रहा है। इसके अलावा सम के लहरदार धोरों में ऊंट व जीप सफारी करना उन्हें खूब रास आ रहा है। सूर्यास्त के समय धोरों में जहां तक नजर जा रही है, पर्यटक ही दिखाई दे रहे हैं। शहर के सैकड़ों साल प्राचीन कलात्मक गड़ीसर सरोवर और दर्शनीय पटवा हवेलियों का भ्रमण तथा वहां अलग-अलग स्थानों पर फोटोग्राफी करने का क्रेज जबर्दस्त बना हुआ है। पर्यटकों की इतनी तादाद में आवक से पर्यटन क्षेत्र के सभी स्तर व वर्ग के व्यवसायियों और प्रोफेशनल्स में खुशी की लहर है। |
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