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नई सरकार से जगी उम्मीदें : अब माननीयों की बारी, जो वादे किए, वो पूरे हो Sunday 10 December 2023 07:10 AM UTC+00 सोलहवीं विधानसभा के लिए भीलवाड़ा की जनता ने भी सरकार चुन ली है। नए जनप्रतिनिधि चुनने के साथ भीलवाड़ा की उम्मीदें भी अब परवान चढ़ेगी। चुनाव में जनता ने जनप्रतिनिधियों की झोली वोटों से भरी है। अब जनप्रतिनिधियों की बारी है कि वो जनता से किए वादों पर खरे उतरे। भीलवाड़ा के सभी सात विधायक सत्ता पक्ष में बैठेंगे। इनमें छह भाजपा और एक निर्दलीय विधायक बने हैं। जनता ने चुनाव के समय शहर के मुद्दे चुनाव में रखे। जनप्रतिनिधियों ने भी डंके की चोट पर उनके समाधान का भरोसा दिलाया। पहले राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी। लेकिन विधायक भाजपा के थे। तब यह बहाना था कि सरकार से सहयोग नहीं मिल रहा। अब सभी विधायक एवं सरकार एक दल से है। ऐसे में नई सरकार से शहरवासियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भीलवाड़ा में एक और ओवरब्रिज की मांग हो या गांधीसागर व मानसरोवर झील के संरक्षण व सौन्दर्यकरण का मामला। अब उम्मीदों को पूरा करने के लिए जनता की आवाज जनप्रतिनिधि बनेंगे। भीलवाड़ा की जनता चाहती है कि भीलवाड़ा का विकास उदयपुर, जयपुर, जोधपुर और कोटा की तर्ज पर हो। एक और ओवरब्रिज : अब तक क्यों अटका : आगे का समाधान : शहर से गुजर रही कोठारी नदी अतिक्रमण की चपेट में है। अवैध बजरी दोहन से माफिया ने सीना छलनी कर रखा है। कोटा की तर्ज पर यहां रिवर फ्रंट बनना है लेकिन मामला अभी खटाई में है। नगर विकास न्यास ने रिवर फ्रंट की दिशा में अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति कार्रवाई की। लेकिन रिवर फ्रंट बनाने का काम आगे नहीं बढ़ा। उम्मीद है कि इस दिशा में नए जनप्रतिनिधियों का विजन नई सरकार के साथ भीलवाड़ा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। अब तक क्यों अटका : आगे का समाधान : झीलों का संरक्षण : अब तक क्यों अटका : नगर परिषद भाजपा बोर्ड का अब तक यह बहाना था कि राज्य सरकार से साथ नहीं मिल रहा। अब तो कड़ी से कड़ी जुड़ गई है। इसलिए प्रभावी कार्ययोजना सरकार को भेजकर झीलों व तालाबों का संरक्षण किया करवाना होगा। जनप्रतिनिधियों को भी अफसरों के भरोसे नहीं रहना है। जनप्रतिनिधि खुद निगरानी रखेंगे तो कार्ययोजना पर समय पर अमल हो पाएगा। वंचित कॉलोनियों को चम्बल का पानी: जलदाय विभाग, नगर विकास न्यास और कॉलोनाइजरों में आपसी तालमेल के अभाव में मामला अटका हुआ है। यहां रहने वाले लोगों को फुटबाल की तरह घुमाया जा रहा है। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अफसर पल्ला झाड़ रहे हैं। अब तक स्थानीय नेताओं ने भी इस मामले पर फोकस नहीं किया। आगे का समाधान : इन समस्याओं की भी जनता मांगे समाधान |
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