>>: सहमति से सुलटे आपसी विवाद, राहत मिली तो बढ़ाए कदम

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श्रीकरणपुर. बैकों से लिए गए ऋण में छूट मिलने पर कर्जधारकों के चेहरे खिले नजर आए और उन्होंने निर्णित राशि मौके पर जमा करवा दी। मौका था ताल्लुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत का।
जानकारी अनुसार इसमें आपसी समझाइश से फौजदारी, सिविल व अन्य प्रकार के कुल 422 प्रकरण निस्तारित किए गए। समिति अध्यक्ष एसीजेएम मोहनलाल बेदी ने दोनों पक्षों की आपसी समझाइश के बाद सुनवाई कर निर्णय दिया। समिति सचिव कौशल डाबला ने बताया कि लोक अदालत में पूर्व निर्धारित प्री-लिटिगेशन के कुल 574 प्रकरणों में 36 प्रकरण निस्तारित हुए व इनमें 90 लाख 27 हजार 666 रुपए अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं, एसीजेएम कोर्ट के कुल 356 में से निस्तारित 32 प्रकरणों में 28 लाख 31 हजार 198 रुपए तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के कुल 92 में से 12 प्रकरण निस्तारित हुए और इसमें 35 हजार रुपए की अवार्ड राशि पारित हुई। इसके अलावा एडीजे कोर्ट के कुल 83 में से निस्तारित 14 प्रकरण तथा राजस्व न्यायालय के 328 प्रकरण निस्तारित हुए। समिति सदस्य नायब तहसीलदार जगदीश प्रसाद, बार संघ के नव मनोनीत अध्यक्ष सतीश अरोड़ा, अधिवक्ता भगवानदास मेघवाल, रामदयाल, विनय गर्ग, गौरव विश्रोई, एडीजे कोर्ट के रीडर जगदीश जग्गा, जेएम कोर्ट के रीडर विष्णु गरूड़ा, तामिल कुङ्क्षनदा रामचंद व विद्युत निगम के लेखाकार अजय गुप्ता के अलावा विभिन्न बैंकों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
रायसिंहनगर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को बार संघ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुरुआत राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच के अध्यक्ष व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनिल कुमार शर्मा की ओर से सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्वलन कर की गई। जिसमें समेजा कोठी के नायब तहसीलदार मनजीत ङ्क्षसह, बार संघ अध्यक्ष प्रीतम ङ्क्षसह गिल, विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल एवं विद्युत निगम के प्रतिनिधिगण, न्यायिक एवं राजस्व कर्मचारीगण व पक्षकारान उपस्थित रहे। गठित लोक अदालत बैंच संख्या 10 में चारों न्यायिक न्यायालयों के कुल 1771 राजीनामा योग्य नियमित प्रकरण एवं राजस्व न्यायालय के कुल 164 प्रकरण तथा विभिन्न बैंकों के 1676, विद्युत निगम के 307 एवं भारत संचार निगम लिमिटेड के 47 प्रिलिटिगेशन प्रकरण पक्षकारान में आपसी समझौता एवं समझाईश के माध्यम से निस्तारण हेतु रखे गए। न्यायालय एडीजे सं.1 में वैवाहिक विवाद के 16, इजराय दीवानी के 2, मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण के 14 प्रकरण, चेक अनादरण के 2 तथा फौजदारी का 1 प्रकरण, इस प्रकार कुल 35 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जाकर कुल 20 लाख 10 ह•ाार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। वहीं न्यायालय एडीजे सं.2 में चेक अनादरण के 1 प्रकरण का निस्तारण किया जाकर 1 लाख 80 ह•ाार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी क्रम में एसीजेएम में दीवानी एवं फौजदारी के कुल 21 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जाकर कुल 37लाख 93हजसा 7सौ रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट के दीवानी एवं फौजदारी के कुल 34 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जाकर कुल 17 लाख 78 हजार 4 सौ 97 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसके अलावा राजस्व न्यायालय में कुल 160 प्रकरणों का भी लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया गया। तथा प्रिलिटिगेशन के कुल 43 प्रकरणों का निस्तारण किया जाकर कुल 37लाख 69हजार 22 रुपए का अवार्ड पारित किया गया ।
घड़साना. कस्बे में न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर लगाया गया। जिसमें आपसी सहमति से पचास से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सैंशन न्यायाधीश) जिला श्रीगंगानगर के आदेशानुसार ताल्लुका विधिक सेवा समिति घड़साना के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। घड़साना मुख्यालय पर बैंच संख्या 09 का अध्यक्ष विजयश्री रावत न्यायिक मजिस्ट्रेट घड़साना व सदस्य सुन्दरपाल नायब तहसीलदार द्वारा शिविर का संचालन किया गया। ताल्लुका विधिक सेवा समिति घड़साना सचिव गोपीराम ने बताया कि घड़साना मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न वित्तीय संस्थानों ने ग्राहकों को भारी छुट देकर कर्ज से मुक्त कर राहत प्रदान की गई। आमजन ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत से प्रेरित होकर बढ़ चढ़ कर भाग लिया। घड़साना मुख्यालय पर न्यायालयों से संबधित कुल 54 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिनमें से 138 एन आई एक्ट के तीन प्रकरणो में राजीनामा के माध्यम से तीन लाख पचास हजार रूपये का व एमएसीटी के 5 प्रकरणो में कुल तेत्तीस लाख रूपये के अवार्ड पारित किये गये। बैंकों, संचार निगमो व विधुत निगमो से संबंधित प्रि लिटीगेशन के कुल 144 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमे एक करोड़ तेत्तीस लाख रूपयें के अवार्ड पारित किये गए। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता नियाज अहमद भाटी, भंवर ङ्क्षसह डुकिया, मूल ङ्क्षसह शेखावत, हरजीत ङ्क्षसह, दलीप ङ्क्षसह, बजरंग बाबल, देवेंद्र ङ्क्षसह, सहायक सचिव जयदेव व न्यायिक कर्मी व विभिन्न वित्तीय संस्थानों, संचार व विधुत निगमो के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
श्रीविजयनगर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के निर्देशन मे ताल्लुका श्रीविजयनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेतराम मूण्ड की अध्यक्षता मे किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 187 प्रकरणों का निस्तारण राजीनामा से किया गया। प्रकरणों में 17 सिविल प्रकरण, एनआई एक्ट के 52 प्रकरण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण 33, भरण पोषण के 16 प्रकरण तथा प्री लिटिगेशन के 49 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में नायच तहसीलदार महावीर प्रसाद, अधिवक्तागण न्यायालय स्टॉफ, बैंक अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसी अवसर पर विधिक शिविर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर मानवाधिकार, कर्तव्य, आमजन के साथ उचित मधूर व्यवहार आदि के बारे में एवं अन्य कानूनों की जानकारी दी गई। पसं
अनूपगढ़. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के निर्देशानुसार शनिवार को ग्राम न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ,जिसमें 138 एनआइएक्ट व विवादित प्रकरणों की समझाइश की गई एवं प्री-लिटिगेशन के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत की बैंच संख्या 7 की अध्यक्षता न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय गुरजोतङ्क्षसह के द्वारा की गई। जिसमें 1071 प्रकरण रखे गए और 104 प्रकरणों में सफल राजीनामा से 50 लाख 1 हजार 916 रूपए वसूल किए गए। साथ ही, रास्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष प्री-लिटिगेशन के 1231 मामले रखे गए, जिसमें 29 प्रकरण विधुत विभाग के निस्तारित किए गए व 07 प्रकरण बैंकों के निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में कुल 140 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही कुल 59 लाख 44 हजार 626 रूपए की वसूली की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में तहसीलदार राजेन्द्रङ्क्षसह , रीडर शिवकुमार, पेशकार राजेन्द्र जोशी, बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट रमेश सारस्वत, वरिष्ठ अधिवक्ता तिलकराज चुघ, ताल्लुका विधिक सहायक सचिव मनिन्द्रङ्क्षसह भटटी, पवन कुमार शर्मा, एक्सइएन विधुत विभाग भूपङ्क्षसह,एआरओ सन्नी , जगसीरङ्क्षसह गिल सहित अधिवक्ता एवं न्यायालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
सादुलशहर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर के निर्देशों की पालना में अपर जिला एवं सैशन न्यायालय तथा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन एसीजेएम मीना गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को किया गया। ताल्लुका समिति सचिव सत्यम पारीक ने बताया कि न्यायालय में जिला एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैच संख्या 12 का गठन किया गया। लोक अदालत में नायब तहसीलदार महेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। लोक अदालत में अपर जिला एवं सैशन न्यायालय के 40 ्रप्रकरण रखे गए। जिनमें बाद समझाइश 21 प्रकरणों में राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से प्रेरित होकर बाद राजीनामा निस्तारण किया गया। एसीजेएम न्यायालय के कुल 49 प्रकरणों में से 43 तथा जेएम न्यायालय के कुल 174 प्रकरणों में से 17 तथा प्री-लिटिगेशन के 1904 प्रकरणों में से 30 प्रकरणों में राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से प्रेरित होकर बाद राजीनामा निस्तारण किया गया। न्यायालय में लम्बित प्रकरणों में से कुल 81 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत बैच की ओर से राजस्व न्यायालय के 753 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। उक्त प्रकरणों में कुल 55 लाख 87 हजार 8 रुपए तक के अवार्ड पारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में बार संघ अध्यक्ष कुन्दनलाल चुघ, समस्त अधिवक्ता, बैंक व अन्य विभागों के अधिकारी व न्यायालय स्टाफ का सहयोग रहा।

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