>>: 15 साल बाद गुलजार होंगे लोहारकी के मखमली धोरे

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परमाणु परीक्षण के बाद विश्व के मानचित्र पर उभरे परमाणु नगरी पोकरण को पर्यटन के मानचित्र पर जगह दिलाने के लिए जैसलमेर की तर्ज पर पोकरण में भी एक दिवसीय मरु महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत इस वर्ष नवाचारों के साथ होने वाले आयोजनों को लेकर आमजन में उत्साह नजर आ रहा है। यही नहीं क्षेत्र के लोहारकी गांव में भी इस वर्ष मरु महोत्सव की संध्या पर कार्यक्रम होगा। जिससे रेतीले धोरों को पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि स्वर्णनगरी जैसलमेर में प्रतिवर्ष 3 दिवसीय मरु महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इससे पूर्व 1 दिन पोकरण में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते है, ताकि पोकरण के पर्यटन व्यवसाय को गति मिल सके। जिसको लेकर इस वर्ष नवाचार के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसको लेकर आमजन में उत्साह है। जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।

इन कार्यक्रमों का होगा आयोजन

जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार 21 फरवरी को पोकरण में एक दिवसीय मरु महोत्सव आयोजित होगा। जिसके अंतर्गत सुबह साढ़े 9 बजे सालमसागर तालाब स्थित नेपालेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक व आरती के बाद 10 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान पहुंचेगी। राउमावि मैदान में 11 बजे लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दोपहर 12 बजे मिस्टर पोकरण व मिस पोकरण, साफो बांधो, मूंछ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।

रेतीले धोरों में होंगे आध्यात्मिक गाथा व नृत्य कार्यक्रम

प्रतिवर्ष शाम के समय पोकरण के राउमावि मैदान में ही कार्यक्रम आयोजित होता है और बाहर से सेलिब्रिटी बुलवाई जाती है। इस बार नवाचार करते हुए पोकरण की बजाय शाम का सेलिब्रिटी नाइट कार्यक्रम पोकरण से 30 किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्र के लोहारकी गांव के रेतीले धोरों में होगा। यहां आध्यात्मिक गाथा (स्परिचुअल सागा) का कार्यक्रम होगा। जिसके अंतर्गत स्वाति मिश्रा की ओर से राम आएंगे तो अंगना सजाउंगी... की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा साधो बैंड की ओर से भी कई गानें व भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान तेरहताली नृत्य होगा और बाबा रामदेव के भजन करने वाले लोक कलाकारों की ओर से भी प्रस्तुतियां दी जाएगी।

15 वर्ष बाद रेतीले धोरों पर होगा कार्यक्रम

पोकरण में मरु महोत्सव की शुरुआत 2008 में हुई थी। इस दौरान एक दिन का छोटा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। अगले वर्ष 2009 में 2 दिन तक कार्यक्रम हुए थे। इसमें पहले दिन पोकरण और दूसरे दिन लोहारकी में ऊंट दौड़, मटका रेस सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। 2009 के बाद पोकरण में मरु महोत्सव का आयोजन बंद हो गया। जिसकी पुन: शुरुआत 2019 में हुई। 2021 में कोरोना के कारण फिर आयोजन नहीं हो सका। 2022 के बाद लगातार मरु महोत्सव का आयोजन किया जा रहा, लेकिन एक दिन का कार्यक्रम ही आयोजित हो रहा है, वह भी पोकरण के राउमावि मैदान में ही। इस वर्ष लोहारकी के रेतीले धोरों को भी शामिल किया गया है और शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिससे रेतीले धोरों को विशेष पहचान मिल सकेगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पोकरण में होने वाले मरु महोत्सव में इस वर्ष कई नवाचार किए जाएंगे। आध्यात्मिक और स्थानीय लोक कलाकारों के कार्यक्रमों से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पोकरण के ऐतिहासिक स्थलों की पहचान पर्यटकों को मिल सकेगी। जिससे उनकी आवक बढ़ेगी।

- महंत प्रतापपुरी, विधायक, पोकरण

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