कठूमर. क्षेत्र के गांव गारू में एक धार्मिक आयोजन के बाद में प्रसादी के आयोजन में प्रसाद ग्रहण करने से रात्रि साढ़े नौ बजे तक करीब डेढ सौ लोग फूड पॉयजङ्क्षनग का शिकार हो गए। जिन्हें सीएचसी खेरली व गारू सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एसडीएम लाखन ङ्क्षसह गुर्जर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए थे।
गारू सरपंच प्रतिनिधि सुरेन्द्र गोयल ने बताया कि गारू के करोला मोहल्ला निवासी अमर चंद सैनी के रामायण पाठ के समापन पर दाल बाटी चूरमा व दाल के बने कांजी बड़े का प्रसाद बनाया गया। इसको दोपहर में सैंकड़ों लोगों ने ग्रहण किया। करीब तीन बजे बाद प्रसाद ग्रहण करने वालों को उल्टी, दस्त की शिकायत होने लगी और गारू स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पर भर्ती होने लगे। स्थिति काबू से बाहर होने पर कठूमर सीएचसी प्रभारी डॉ. हेमंत वर्मा और गारू के स्वास्थ्य कर्मी रजनीकांत मरीजों का इलाज करने लगे। इधर मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। जिस पर मरीजों को खेरली सीएचसी भेजा जाने लगा। प्रभारी डॉ. अंकित जेटली, डॉ. हरेंद्र शर्मा, विकास अग्रवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों का इलाज शुरू किया। मरीजों की संख्या को देखते हुए बैंड कम पड़ गए और जमीन पर लिटा कर इलाज करना पड़ा। रात साढ़े नौ बजे तक करीब सत्तर मरीज खेरली सीएचसी पहुंच गए। चिकित्सकों का मानना है कि कांजी बड़े खाने से बीमार हुए हैं।
इधर मामले में एसडीओ लाखन ङ्क्षसह गुर्जर का कहना है कि फूड पॉयजङ्क्षनग का मामला प्रतीत हो रहा है। गारू स्वास्थ्य केन्द्र व खेरली सीएचसी पर टीमे बनाकर मरीजों का उपचार कर रही है। वही खेरली सीएचसी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरेंद्र शर्मा का कहना है कि दूषित भोजन के खाने से लोग बीमार हुए हैं। जिनमें उल्दी-दस्त की शिकायतें मिली है।
इधर बीसीएमएचओ डॉ. रविराज सिंह ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली।