>>: बारिश का प्रहार, पिछले से उभरे नहीं कि किसानों को झेलनी पड़ रही दोहरी मार

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Crop Damage: बारिश व अधंड़ के कारण क्षेत्र में फल व सब्जियों में नुकसान हुआ है। लगातार हो रही बारिश व तापमान में कमी आने पर फसलों में रोगों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। किसान अनूप सिंह शेखावत मणकसास, सलाव कंवर, नंदलाल स्वामी,महिपाल सिंह, दिलीप सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि तापमान कम रहने के कारण फल व सब्जियों में रोग व कीटों का अधिक प्रकोप रहा। किसान बजरंग सिंह व कमल कंवर मणकसास ने बताया कि फल मक्खी का अधिक प्रयोग होने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा तथा उत्पादन भी कम हुआ। बारिश से खरबूजे व तरबूज की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कृषि पर्यवेक्षक पूरण प्रकाश यादव पचलंगी व प्रह्लाद जांगिड़ बाघोली ने बताया कि फल व सब्जियों को रोगों से बचाव के लिए किसानों को उपाय बताए जा रहे हैं।

पिछला मुआवजे भी नहीं मिला
महिला किसान अनुप सिंह, सीताराम सैनी, नंदलाल स्वामी,महिपाल सिंह, दिलीप सिंह सहित अन्य ने बताया कि सर्दी व पाले से रबी की खराब हुई फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला। वहीं वैशाख व जेठ में हुई बारिश से जायद मौसम की फल व सब्जियों की फसलों में नुकसान अधिक हुआ है। सरकार को इसका मुआवजा देना चाहिए।

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गुढागौड़जी सहित आस पास के गांवों में हुई बारिश के बाद किसानों ने खेतों में बिजाई शुरू कर दी है। किसानों ने ट्रैक्टर, ऊंट और बैलों से बिजाई शुरू की है। रघुनाथपुरा के किसान श्रीचंद रेपस्वाल ने बताया कि इस बार बारिश थोड़ी पहले हुई है। लेकिन बाजरे की बुआई का समय है। इस समय देशी बाजरे की बुआई की जा सकती है। अधिकतर लोग बुआई कर भी रहे हैं। शंकर बाजरे की बुआई में अभी समय है। इस समय शंकर बाजरे की बुआई से कम पैदावार होने के आसार रहते हैं।

श्रीचन्द रेपस्वाल ने बताया कि वो काफी समय से अपने खेत में बैल से ही जुताई कर बिजाई करते हैं। इससे उनके खेत मे अनाज की पैदावार कम लागत में ज्यादा होती है। किसान महताब खरबास केशरीपुरा ने बताया कि इस समय किसान मूंगफली की फसल के लिए भी पलाव कर रहे थे। बारिश होने से किसानों को काफी आसानी हुई है। मूंगफली की फसल में भी काफी पैदावार होगी।

 

फसल - क्षेत्रफल

खरबूजा 4 सौ हेक्टेयर

तरबूज 220 हेक्टेयर

ककड़ी 125 हेक्टेयर

लौकी 25 हेक्टेयर

टिंडा 50 हेक्टेयर

टमाटर 150 हेक्टेयर

बैंगन 50 हेक्टेयर

भिंडी 50 हेक्टेयर

ग्वार फली 5 हेक्टेयर

हरी मिर्च 150 हेक्टेयर

लौकी 25 हेक्टेयर

टिण्डा 50 हेक्टेयर

कद्दू वर्गीय 75 हेक्टेयर

अन्य 20 हेक्टेयर

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तरबूज, खरबूजा , तोरई, मतीरे सहित अन्य जायद मौसम की फसलों में लगातार हुई बारिश व अंधड़ से अधिक नुकसान हुआ है। इन फसलों में अधिक तापक्रम की आवश्यकता रहती है। तापक्रम कम होने के कारण बेल वाले फल, सब्जियों में रोगों का प्रकोप बढ़ा है। उत्पादन भी कम हुआ है। संबंधित कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से किसानों को फल व सब्जियों में रोग के उपचार बताकर जागरूक किया जा रहा है।
शीशराम जाखड़, सहायक निदेशक उद्यान उद्यान विभाग झुंझुनूं

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