>>: Digest for June 08, 2023

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Table of Contents

education three point formula can solve problem of 1.5 lakh teachers सीकर. चुनावी साल में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले व नई भर्ती की नियुक्ति सरकार व शिक्षा विभाग के लिए गलफांस बन गए हैं। डीपीसी पर कोर्ट की रोक के बीच ये तय नहीं हो पा रहा है कि तबादलों व नई भर्ती के लिए खाली पदों की व्यवस्था कैसे हो। इनसे जुड़े करीब डेढ लाख शिक्षकों को संतुष्ट करने के साथ आगामी सत्र से पहले स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना भी बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में शिक्षक संगठनों की मदद से पत्रिका ने थ्री प्वाइंट फॉर्मूला तैयार किया है। जिसे अपनाने पर शिक्षकों के साथ सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले 96 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई की समस्या का भी समाधान हो सकता है।

ये तीन स्टेप हो सकते हैं कारगर

स्टेप 1: तदर्थ पदोन्नति

डीपीसी पर रोक की वजह से शिक्षकों की पदोन्नति तीन सत्र से अटकी हुई है। जिसके चलते ग्रेड थर्ड के पद खाली नहीं हो पा रहे हैं। इसके लिए विभाग को अस्थाई तौर पर शिक्षकों को तदर्थ रुप से पदोन्नत किया जा सकता है। कोर्ट का फैसला नहीं आने तक व्याख्याता से लेकर ग्रेड थर्ड तक अस्थाई पदोन्नति से ग्रेड थर्ड के करीब 25 हजार पद खाली हो जाएंगे। करीब 50 हजार शिक्षकों को भी फायदा होगा।

स्टेप: शिक्षकों के तबादले

तदर्थ पदोन्नति के बाद सरकार को ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इसके लिए 6(3) की पात्रता रखने वाले प्रा. शि. के शिक्षकों को मा. शि. मी स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे मा. शि. के रिक्त पद भरे जा सकेंगे और नई नियुक्ति के लिए प्रा . शि. मी पद रिक्त हो जाएँगे।इससे लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे शिक्षकों को गृह जिला मिल सकेगा। इससे भी करीब 50 हजार शिक्षकों को फायदा होगा।

स्टेप 3: नई भर्ती के अभ्यर्थियों को नियुक्ति

डीपीसी व तबादलों के बाद ग्रेड थर्ड शिक्षकों के प्रदेश में करीब 45 हजार पद खाली हो जाएंगे। इन पदों पर फिर नई भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।

अभी डीपीसी ने अटका रखा है मामला

तबादलों व नई भर्ती से नियुक्ति के बीच फिलहाल डीपीसी विभाग के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। 2019 में एडिशनल विषय से स्नातक की फर्जी डिग्री के मामले में वरिष्ठ शिक्षकों तथा पीजी में संबंधित विषय की अनिवार्यता के नियम के मुद्दे पर व्याख्याताओं की डीपीसी कोर्ट में अटकी हुई है। जिसके चलते तबादलों व नई भर्ती के लिए ग्रेड थर्ड शिक्षकों के पर्याप्त पद नहीं हो पा रहे हैं। तदर्थ नियुक्ति के लिए हाल में शासन सचिव को लिखे पत्र में खुद निदेशक ने भी इसका जिक्र किया था। जिसमें लिखा था कि नई भर्ती के लिए 19 हजार पदों की गणना विभाग ने संभावित डीपीसी को ध्यान में रखते हुए ही की थी। ऐसे में तदर्थ पदोन्नति व उसके बाद तबादले और फिर नई भर्ती का फॉर्मूला शिक्षकों के लिए फायदेमंद हो सकता है।इससे शिक्षकों की कमी दूर होने के साथ आगामी सत्र में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।

शिक्षक संगठन भी सहमत

1. तदर्थ पदोन्नति के बाद तबादलों व नई नियुक्ति के थ्री प्वाइंट फॉर्मूले से वाकई में शिक्षकों की सभी समस्या का समाधान हो सकता है। संगठन इसके पक्ष में है।

सुरेश कुमार, जिलाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर)

2. तदर्थ नियुक्ति और तबादलों से होने वाले रिक्त पदों पर ही नई भर्ती में चयनित शिक्षकों की नियुक्ति सम्भव है। अन्यथा प्रा.शि. में मात्र 21000 पद रिक्त हैं। ये सुझाव हमने विभाग के अधिकारियों और शिक्षा मंत्री को दिया है। इस थ्री प्वाइंट फ़ार्मूले से सभी मुद्दों का समाधान भी हो सकता है और ये शिक्षक, छात्र, विभाग और सरकार हित में भी है। अन्यथा जुलाई माह में नव प्रवेश के समय प्रतिकूल असर देखने को मिलेगा।

उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत।

सीकर/फतेहपुर. राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में बुधवार को ट्रोले व कार की भीषण भिडंत (Horrific Accident) हो गई। हिसार-सालासर हाइवे पर मरडाटू मोड़ पर हुए हादसे में कार सवार जोधपुर निवासी चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रोला कार को करीब 50 मीटर दूर तक सडक़ के नीचे घसीटता हुआ ले गया। चकनाचूर हुई कार में युवकों के शव भी बुरी तरह से फंस गए। जिन्हें मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से बड़ी मशक्कत से बाहर निकलवाया। पुलिस के अनुसार मृतक जोधपुर के बुडकिया निवासी तेजाराम सिहाग (27)पुत्र अर्जुन राम, कालिया डक्का हरिजन बस्ती खांडा फलसा निवासी शाहरूख खान(24)पुत्र अब्दुल सलीम, मियां चौक माइला बास खांड निवासी राजू रियाज खान (34)पुत्र गुलजार खान तथा भोपालगढ़, जोधपुर निवासी रेवत राम चौधरी (28)पुत्र नरसिंह राम बुडकिया है। जिनके शव धानुका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं।

ओवरटेक करते समय हुआ हादसा, फरार हुआ चालक
जानकारी के अनुसार कार सवार अल सुबह ही जोधपुर से फतेहपुर की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान मरडाटू मोड़ के पास सुबह करीब पांच बजे तेज रफ्तार ट्रोला एक वाहन को ओवरटेक करता हुआ सामने से आकर कार से टकरा गया। कार को घसीटकर सडक़ से नीचे ले जाते हुए ट्रोला खुद भी कच्चे रास्ते में फंस गया। घटना के बाद ट्रोला चालक तुरंत मौके से फरार हो गया।

तेज धमाका हुआ, ट्रोले से चिपकी रही कार
ट्रोले व कार की भिड़त से तेज धमाका हुआ। जिसे सुन नजदीकी लोग भी मौके पर पहुंचे। देखा तो ट्रोले से टकराई कार उससे चिपकी हुई थी। सूचना पर पुलिस व एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। बाद में क्रेन की मदद से कार को अलग कर बड़ी मशक्कत से चारों के शव बाहर निकालकर उन्हें राजकीय धानुका अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चारों की मौत की पुष्टि के बाद मोर्चरी में रखवाया गया।

सर्दी, जुखाम, खांसी व अस्थमा जैसी साधारण बीमारी के उपचार के लिए अब आदमी को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। वजह केन्द्र सरकार की ओर से खांसी को दूर करने वाली 14 तरह की दवाओं पर बैन लगाना है। जिससे मरीज को न केवल कई तरह की अलग-अलग दवाएं खरीदनी पड़ेगी वहीं सही मात्रा में खुराक भी तय नहीं हो पाएगी। हालांकि इस संबंध में सरकार का तर्क है कि इन कॉम्बिनेशन में शामिल कई दवाओं का दुरुपयोग भी हो रहा है वहीं कई दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए बैन लगाया गया है। सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नेहरा ने बताया कि बैन लगाने के कारण दवा निर्माता कंपनियों ने भी अपने स्टॉकिस्ट व डीलर से इन दवाओं को वापस मंगवाना शुरू कर दिया है। वहीं कई डीलर्स ने दवाएं भेज भी दी है।
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इन साल्ट कॉम्बिनेशन पर बैन
निमूस्लाइड के साथ पैरासिटामोल, एमॉक्सासिलीन के साथ ब्रोमाहेक्सिन, फोल्कोडाइन के साथ प्रोमेथीजीन तथा क्लोरफेनारमाइमेलिएट के साथ डेक्सामिथेफेन, गुयन्फैनिसिन, अमोनियम क्लोराइड मेंथॉल व अमोनियम क्लोराइड ब्रोमहेक्सिन डेक्सट्रोमिथोरफेन और क्लोरफेनारमिन मिलेएट, कोडिन सिरप। ब्रोमहेक्सिन डेक्सामिथोरफेन, अमोनिया क्लोराइड मेंथॉल। डेक्सट्रोमेथोरफेन क्लोरफेनारमाइन मिलेएट, गुआफिनेसिन, अमोनियम क्लोराइड। पैरासिटामोल ब्राम्हेक्सिन, फिनाइलफेरिन, क्लोरफेनारमिन, गुआफिनेसिन। साल्बुटामोल ब्रोमहेक्सिन। क्लोरफेनारमिन कोडिन फॉस्फेट मेंथॉल। फेनाएटोयिन फेनोबारबीटोन सोडियम। अमोनियम क्लोराइड, सोडियम साइट्रेट क्लोरफेनारमाइन मिलेएट, मेंथॉल सिरप। साल्बुटामोल, हाइड्रोक्सीथाइल थियोफिलाइन, ब्रोमक्सिन।

Sextortion: Girlfriend's brother blackmailing lover in the name of obscene photos. सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के पाटन थाना इलाके में प्रेमिका के भाई द्वारा अश्लील फोटो के नाम पर प्रेमी को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। डर से प्रेमी ने उसे अलग- अलग समय पर करीब छह लाख रुपए भी दे दिए। पर लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर प्रेमी ने अब पुलिस में रिपोर्ट दी है। जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

ये है मामला
पाटन निवासी पीडि़त भारत कौशिक पुत्र वीरेन्द्र कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2014-15 में उसके मोबाइल पर एक लडक़ी का व्हाटसअप कॉल आया। जिससे उसकी बातचीत शुरू हो गई। कुछ दिनों में उनकी दोस्ती हो गई। इस बीच उसके कुछ पर्सनल फोटोज युवती के पास चले गये। बाद में उस लडकी का फोन आना बंद हो गया। इसके बाद उस लडक़ी के भाई के नाम से उसके पास फोन आया। जिसनेे उन फोटोज को लेकर झूठे मुकदमे मे फंसाने की धमकी देते हुए उसेे रुपयों के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के मारे उसने उसे ऑनलाइन रुपये भेजना शुरू कर दिया। करीब पांच से छह लाख रुपए तक वह उसे दे चुका है। पर अब भी उसकी मांग पूरी नहीं हो रही। रुपए नहीं देने पर वह उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दे रहा है। रिपोर्ट में बताया कि वह काफी परेशान हो चुका है। उसे ब्लैकमेलिंग से बचाया जाए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पूरण सिंह शेखावत/सीकर। राजस्थान में नवाचार के लिए जाने वाले शेखावाटी में धोरों में सेव के पौधे उगाकर एक नया कीर्तिमान जोड़ा है। बेरी गांव की प्रगतिशील किसान संतोष खेदड़ ने सिंदूरी अनार के सफल उत्पादन हासिल है।

गर्मी के पीक समय में सुर्ख रंग के सेव से लकदक पौधों को देखकर कृषि विभाग के अधिकारियों सहित हर कोई हतप्रभ है। जून माह में इन पौधों का उत्पादन बाजार में आने लगेगा। अधिकांश फलों का वजन भी दो सौ ग्राम तक है। संतोष ने 2015 में सेव की एचआरएमएन 99 सेव किस्म के पौधे की एक कलम नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन अहमदाबाद की ओर से दी गई थी।

इसके बाद उसने एक मदर प्लांट से सेव की नई कलम तैयार की और उन्हें खेत में लगाया। इसके बाद एक साल से अच्छी फ्रुटिंग आई और अब सेव के एक पेड़ से 70 से 80 किलोग्राम का उत्पादन मिलने के आसार है। वहीं ऑफ सीजन होने के कारण लोगों को कोल्ड स्टोरेज की सेव नहीं खानी पड़ेगी।

गर्मियों में मिलेंगे ताजा सेवा
बकौल संतोष हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर क्षेत्र में सेव अगस्त से नवम्बर माह में तैयार हो जाता है। लेकिन गर्मियों में तापमान ज्यादा होने के कारण उन पौधों पर फल नहीं आते हैं। इसे देखते हुए हरमन 99 किस्म तैयार की गई और शुरूआत में काजरी संस्थान में इसके दो हजार पौधे लगाए गए लेकिन अधिकांश पौधे नष्ट हो गए।

इसके बाद वहां से सेव की कलम लाकर बेरी में उगाई गई। खास बात यह है कि ये वेराइटी जून माह में ही तैयार हो जाती है। इस वैरायटी में 1 साल में फल आना शुरू हो जाया। किसानों की आय अधिक बढ़ाई जा सके इसके लिए वह खेत में किसानों को ट्रेनिंग भी देती है।

इनका कहना है
बेरी में प्रगतिशील किसान के खेत का अवलोकन किया गया। जिसमें सेव के पौधों पर अच्छे फल मिले। हालांकि स्वाद और गुणवत्ता को लेकर अभी स्पष्ट से कुछ नहीं कहा जा सकता है।
हरदेव सिंह बाजिया, उपनिदेशक उद्यान

सीकर. मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर भाजपा 30 जून तक जनसंपर्क के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि इस दौरान प्रबुद्धजन सम्मेलन, सोशल मीडिया मीट, लाभार्थी सम्मेलन, विकास तीर्थ, टिफिन बैठक, योग दिवस कार्यक्रम व प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो कांफ्रेंस से संवाद सरीखे कार्यक्रम होंगे। जिनमें मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा व राज्यसभा सदस्य सुरेंद्रसिंह नागर भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि 23 जून से पहले शहर में बड़ी सभा भी होगी। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रणवां ने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर 24 से 30 जून तक प्रत्येक घर तक पत्रक वितरित किये जाएंगे। जिला प्रभारी दिनेश धाभाई ने बूथ से लेकर मंडल व जिला स्तर तक के सभी वर्गों से संवाद करने की बात कही। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष व अर्जुन यादव ने बताया कि कार्यक्रमों के क्रम में मोर्चा 11 जून को नव मतदाता सम्मेलन,10 से 20 जून तक मंडल स्तर पर बाइक यात्रा तथा 25 जून से ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी का आयोजन करेगा। इस दौरान पूर्व विधायक गोरधन वर्मा, केडी बाबर, जिला महामंत्री रमेश जलधारी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष स्वदेश शर्मा, राजेश रोलन, जिला मीडिया संयोजक जितेंद्र माथुर, जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश बिजारणियां, पूर्व जिला महामंत्री नंदकिशोर सैनी आदि मौजूद रहे।

कुंभाराम योजना का श्रेय ले रहे झुंझुनूं के विधायक
प्रेसवार्ता में सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कुंभाराम लिफ्ट योजना के विस्तार, मेडिकल कॉलेज, रेलवे विकास, कृषि विज्ञान केंद्र, नर्सिंग कॉलेज व सैनिक एकेडमी आदि को अपनी उपलब्धि बताया। कुंभाराम परियोजना को लेकर पिलानी विधायक जेपी चंदेलिया को भी घेरा। कहा कि परियोजना के विस्तार का श्रेय चंदेलिया ले रहे हैं। जबकि उन्होंने इस संबंध में एक कागज तक नहीं चलाया। जब उनसे फोन कर पूछा तो उन्होंने कहा कि कागज नहीं चलाया, बल्कि अपने स्तर पर वैसे ही प्रयास किए हैं। बोले, कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो ना तो पत्र लिखती है और ना ही फाइल चलाती है।

राजस्थान में नवाचार के लिए जाने वाले शेखावाटी के धोरों में सेव के पौधे उगाकर एक नया कीर्तिमान जोड़ा है। बेरी गांव की प्रगतिशील किसान संतोष खेदड़ ने सिंदूरी अनार के सफल उत्पादन के बाद यह उपलिब्ध हासिल की है। गर्मी के पीक समय में सुर्ख रंग के सेव से लकदक पौधों को देखकर कृषि विभाग के अधिकारियों सहित हर कोई हतप्रभ है। जून माह में इन पौधों का उत्पादन बाजार में आने लगेगा। अधिकांश फलों का वजन भी दो सौ ग्राम तक है। संतोष ने 2015 में सेव की एचआरएमएन 99 सेव किस्म के पौधे की एक कलम नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन अहमदाबाद की ओर से दी गई थी। इसके बाद उसने एक मदर प्लांट से सेव की नई कलम तैयार की और उन्हें खेत में लगाया। इसके बाद एक साल से अच्छी फ्रुटिंग आई और अब सेव के एक पेड़ से 70 से 80 किलोग्राम का उत्पादन मिलने के आसार है। वहीं ऑफ सीजन होने के कारण लोगों को कोल्ड स्टोरेज की सेव नहीं खानी पड़ेगी।

गर्मियों में मिलेंगे ताजा सेवा

बकौल संतोष हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर क्षेत्र में सेव अगस्त से नवम्बर माह में तैयार हो जाता है। लेकिन गर्मियों में तापमान ज्यादा होने के कारण उन पौधों पर फल नहीं आते हैं। इसे देखते हुए हरमन 99 किस्म तैयार की गई और शुरूआत में काजरी संस्थान में इसके दो हजार पौधे लगाए गए लेकिन अधिकांश पौधे नष्ट हो गए।

इसके बाद वहां से सेव की कलम लाकर बेरी में उगाई गई। खास बात यह है कि ये वेराइटी जून माह में ही तैयार हो जाती है। इस वैरायटी में 1 साल में फल आना शुरू हो जाया। किसानों की आय अधिक बढ़ाई जा सके इसके लिए वह खेत में किसानों को ट्रेनिंग भी देती है।

इनका कहना है

बेरी में प्रगतिशील किसान के खेत का अवलोकन किया गया। जिसमें सेव के पौधों पर अच्छे फल मिले। हालांकि स्वाद और गुणवत्ता को लेकर अभी स्पष्ट से कुछ नहीं कहा जा सकता है।

हरदेव सिंह बाजिया, उपनिदेशक उद्यान

सीकर. नेक्सा एवरग्रीन घोटाले के बाद सोलर स्मार्ट सिटी के नाम पर हुई ठगी में भी धोलेरा सिटी का कनेक्शन सामने आया है। झुंझुनूं के खेदड़ों की ढाणी निवासी रोहिताश खेदड़ पुत्र मूलचंद ने इस संबंध में सदर थाने में रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया कि वायरलैस विभाग के आरोपी कांस्टेबल श्रवण बिश्नोई ने निवेश का झांसा देते समय फलौदी की श्याम सिटी व खाटूश्यामजी के अलावा गुजरात की धोलेरा स्मार्ट सिटी में भी बड़ी कॉलोनी बसाने का झांसा दिया था। निवेश की राशि भी दो लाख रुपए बताई। जिसके बदले खाते में 60 महीने तक रोजाना 900 रुपए के हिसाब से 3 लाख 78 हजार रुपए देने के साथ धोलेरा प्रोजक्ट में आवासीय भूखण्ड देने की बात भी कही। पर निवेश के कुछ समय बाद ही लाभांश मिलना बंद हो गया। जिसके बाद आरोपी श्रवण से संपर्क किया तो पहले तो रुपए मिलने का आश्वासन देता रहा फिर पुलिस में नौकरी का हवाला देते हुए वह धमकी देने लगा। रिपोर्ट में बताया कि उसने बैंक से लोन लेकर निवेश किया था। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

आर्मी मैन ने भी दर्ज करवाया मुकदमा
इधर मामले में नागौर के नांवा निवासी एक्स आर्मीमैन मानसिंह पुत्र भगवान सिंह ने भी सदर थाने में रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया कि 2022 में उसकी मुलाकात वायरलेस विभाग में कांस्टेबल जोधपुर निवासी श्रवणकुमार विश्नोई, उसके भाई श्याम सुन्दर पुत्र हरि सिंह तथा उग्रसेन से हुई। श्रवण के सहयोगी एएसआई महिपाल सिंह, लक्ष्मणगढ़ निवासी राकेश चौधरी तथा रवि कुमार उर्फ रविन्द्र ने सोलर स्मार्ट कम्पनी के बारे में बता निवेश का झांसा दिया। एक लाख रूपये के निवेश पर 425 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 3,150 रूपये का लाभांश प्रति सप्ताह देने की बात पर उसने नवम्बर 2022 से दिसम्बर 2022 तक कुल 5.35 लाख रूपये निवेश कर दिए। पर 14 फरवरी के बाद लांभाश आना बंद हो गया। इसी तरह खड़ी छोटी निवासी राजेन्द्र सैन पुत्र छगन लाल सैन ने भी श्रवण कुमार पर सोलर स्मार्ट कंपनी के नाम पर 70 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया है।

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