>>: अब दाल में कैसे लगेगा तड़का, जीरे की कीमतों ने तोड़ा रिकार्ड, जानिए 1KG की कीमत

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जोधपुर। प्रमुख मसाला फसल जीरा इन दिनों ऐतिहासिक ऊंचाई पर है। जीरे के भावों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। इस वजह से दाल-सब्जियों में जीरे का तड़का महंगा हो गया है और आम आदमी के घरों में राई व अन्य मसालों से तड़के लगने लगे है। बाजार में जीरे के रिटेल भाव 750-800 रुपए प्रति किलो है, जो अब तक के सबसे ऊंचे भाव बताए जा रहे हैं। हालांकि, अच्छी क्वालिटी के मशीन क्लीन जीरे के होलसेल भाव 615-640 रुपए प्रति किलो है। पिछले दो महीने में जीरे के होलसेल भाव में खास उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है। जीरा 55 से 60 हजार रुपए क्विंटल के आसपास ही बिक रहा है, इससे किसानों को तो फायदा हो रहा है, लेकिन आम आदमी के लिए रिटेल में जीरा खरीदना भारी पड़ रहा है। जीरे की बढ़ती कीमतों की वजह से आम आदमी आसानी से इसे खरीद नहीं पा रहा है।

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मारवाड़ के जीरे की क्वालिटी बेस्ट
देश में राजस्थान, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान व गुजरात में जीरा होता है। इनमें राजस्थान का जीरा क्वालिटी, खुशबू व रंग में श्रेष्ठ होता है, इस वजह से मारवाड़ के जीरे में विश्वभर में मांग रहती है।

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अन्य मसालों के भाव भी तेज
जहां काली मिर्च एक माह पहले करीब 600-650 रुपए प्रति किलो रिटेल में बिक रही थी, वह आज 850-900 रुपए प्रति किलो बिक रही है।


मसाले- रिटेल भाव प्रति किलो
काली मिर्च- 850-900
सौंफ- 400
मैथी- 90
राई- 120
हल्दी- 160
धनिया- 160
मिर्च- 360

अभी 250-300 बोरी जीरा प्रतिदिन आ रहा
जोधपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी है। यहां सीजन में करीब 5 हजार से अधिक बोरी प्रतिदिन माल आता है। वहीं, अभी ऑफ सीजन में 250-300 बोरी प्रतिदिन जीरा आ रहा है।
-पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष, जोधपुर जीरा मंडी व्यापार संघ


डिमांड व सप्लाई में असंतुलन
माल स्टॉकिस्टों के पास स्टॉक किया हुआ है। बाजार में डिमांड व सप्लाई के बीच असंतुलन के कारण रिटेल भावों में तेजी बनी हुई है। जीरे की नई फसल आने पर भावों में कमी आने की उम्मीद है।
-विष्णु डागा, रिटेल व्यापारी


रसोई का बजट बिगड़ गया
जीरा महंगा होने की वजह से जीरे की जगह अब घरों में राई व अन्य मसालों का उपयोग करना पड़ रहा है, क्योंकि जीरे के भावों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।

- रेशमबाला, नौकरी पेशा

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