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नागौर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर में किसान सम्मेलन एवं विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण समारोह में पहुंचे। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नागौर को जिला बनाने के बाद यहां के लोगों को काफी खुशी हो रही होगी।

उन्होंने आगे कहा कि यहां के लोगों को अब राहत मिली होगी। क्योंकि नागौर मुख्यलाय एक तरह था और नागौर शहर एक तरह था। इसलिए सोच समझकर फैसला किया। राज्य में 19 जिले बनाए गए हैं। अब लगभग राज्य में 50 जिले हो गए हैं।

गहलोत ने कहा कि जिले बनने से यहां लोगों को प्रशासनिक कार्यों के परेशानी नहीं होगी। साथ ही जिले में नए सरकारी कार्यालय बनने से कानून-व्यवस्था के साथ बाकि कामों में लोगों को इसका फायदा होगा। अब इससे सरकार और जनता की दूरी और कम हो गई है।

इस दौरान उन्होंने चिरंजीवी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना से आम और गरीब जनता को फ्री इलाज मिल पा रहा है। इससे अब लोगों को 25 लाख रुपए तक का फ्री इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को फ्री में दी जाने वाली मोबाइल फोन की बात भी कही। जिसके तहत सरकार एक करोड़ 35 लाख परिवार की मुख्य महिलाओं को सरकार मोबाइल फोन देगी। जिसमें 40 लाख महिलाओं को जल्द ही फोन मिल जाएगा। इसके साथ ही फोन में तीन साल तक इंटरनेट सेवा फ्री होगी। साथ ही बुजूर्गो को पेंशन भी हमारी सरकार दे रही है। जिससे उन्हें बुढापे में बच्चों के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ रहा है।

गहलोत ने आगे कहा कि मैं केंद्र सरकार से यह मांग करता हूं कि देश के सभी बुजुर्गों और दिव्यांगों को सरकार को पेंशन देना चाहिए। देश दुनिया के 6-7 बड़े इकोनॉमी में शामिल हो गया है। यह कोई मोदी जी की देन नहीं है। यह पूर्व सरकारों के योजनाओं की देन है। उन्होंने केंद्र से राइट टू सोशल सिक्योरिटी कानून बनना चाहिए। जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को न्याय मिले।

नागौर. नागौर जिले के मौलासर कस्बे में रविवार को आयोजित किसान महासम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की योजनाओं का बखान किया। रविवार को गहलोत का भाषण काफी संयमित रहा। उन्होंने न तो प्रधानमंत्री को लेकर कोई बयान दिया और न ही वसुंधरा राजे और राजेंद्र राठौङ को लेकर कुछ बोले। सचिन पायलट को लेकर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा।
किसान महासम्मेलन आयोजित कराने के पीछे डीडवाना विधायक चेतन डूडी का उद्देश्य डीडवाना या मौलासर को जिला मुख्यालय घोषित कराना था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में कोई घोषणा नहीं की। केवल इतना बोले कि नागौर जिले के विधायक चेतन डूडी और महेन्द्र चौधरी दोनों ही मजबूत नेता हैं और दोनों युवा हैं, दोनों ने जिले की मांग की थी, इसलिए मैंने डीडवाना-कुचामन जिला बना दिया।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान, देश का नम्बर वन राज्य बने, इसके प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा- ये जिले क्यों बने, इसके माध्यम से एक प्रकार से सरकार का विकेन्द्रीकरण करना है। इसके बाद आप देखेंगे कि विकास तेजी से होगा।
मुख्यमंत्री ने आरटीएच का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के स्वास्थ्य का ध्यान रखा है।
उन्होंने कहा - हमारी योजनाएं मामूली फैसले नहीं हैं और न ही ये योजनाएं चुनाव के हिसाब से की है, ये परमानेंट हैं। गहलोत ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 750 से 1000 की है, हो सकता है चुनाव के बाद हम 1500 कर दें।

देश में राइट टू सोशल सिक्युरिटी कानून बने
गहलोत ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि देश में राइट टू सोशल सिक्युरिटी कानून बनाया जाए।


ओपीएस पर केन्द्र दबाव में आई है
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि ओपीएस एक क्रांतिकारी फैसला है। हालांकि केन्द्र मान नहीं रहा है, लेकिन हम भी लगातार दबाव बना रहे हैं, इसलिए अब एक कमेटी बनाई है, कोशिश की जा रही है कि ओपीएस और एनपीएस के बीच का कोई रास्ता निकाल सके। गहलोत ने सभा में ओपीएस की टोपी पहनकर बैठे कर्मचारियों से कहा कि आपकी आवाज दिल्ली तक पहुंच रही है। यह निर्णय वापस नहीं होने वाला है।

नए जिलों से प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि नागौर के डीडवाना-कुचामन सहित 19 नए जिले बनाने की घोषणा से प्रदेश में प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होगा और राजस्थान के विकास का हमारा सपना पूरा होगा। प्रशासनिक इकाइयां बढ़ने से जटिलताएं कम होंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाना ही लक्ष्य है।

नागौर जिला किसानों का सिरमौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 को नागौर से ही पंचायती राज व्यवस्था का दीपक प्रज्ज्वलित किया था। यहां के किसानों ने उसे सुदृढ़ करने का कार्य किया। इसलिए नागौर जिला किसानों का सिरमौर है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही 22 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। अलग से कृषि बजट पेश कर सर्वांगीण विकास में कई योजनाएं लागू की। अब उन्हें 2000 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली मिलेगी, जिससे आर्थिक सम्बल मिलेगा। गहलोत ने कहा कि जब केंद्र सरकार उद्योगपतियों के करोड़ों रुपए माफ कर सकती है तो किसानों के क्यों नहीं।

आपके स्वास्थ्य की देखभाल हमारी जिम्मेदारी

गहलोत ने कहा कि निरोगी राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए कानून बनाकर स्वास्थ्य का अधिकार (आरटीएच) लागू किया गया। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 25 लाख रुपए का नि:शुल्क इलाज, नि:शुल्क जांचें व दवाइयाें का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है। गहलोत ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 750 से 1000 की है, हो सकता है चुनाव के बाद हम इसे 1500 कर दें।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को देंगे मोबाइल

गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महिलाओं को चुनावों में आरक्षण दिलाया, जिससे उन्हें प्रतिनिधितत्व मिला। राज्य सरकार भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रही है। रक्षाबंधन से 3 साल की इंटरनेट सेवा के साथ महिलाओं को मोबाइल वितरित किए जाएंगे, जिनके जरिए वे योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगी। केंद्र सरकार को भी पूरे देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करना चाहिए।

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