>>: उद्योगों पर फ्यूल सरचार्ज का झटका, 5 माह में टूटी की कमर, देखें पूरा गणित

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जोधपुर। राज्य सरकार की ओर से विद्युत बिलों पर लगाए गए फ्यूल सरचार्ज तथा स्पेशल फ्यूल सरचार्ज के झटके से उद्योग जगत त्रस्त है। पिछले करीब 5 माह से उद्योगों पर लागू फ्यूल व स्पेशल फ्यूल सरचार्ज ने उद्योगों की कमर तोड़ कर रखी दी है। इससे शहर की करीब 5 हजार से ज्यादा इकाइयां प्रभावित हैं व औद्योगिक इकाइयों का बिजली का बिल दुगुने भी ज्यादा आ रहा है।

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यों पड़ रहा भार
- वर्ष 2018 से 36 माह तक लगातार 5 पैसे यूनिट वसूली की गई। (अनुच्छेद-1)

- वर्ष 2022 से अगले 60 माह तक लगातार 7 पैसे प्रति यूनिट वसूलने का प्रावधान। (अनुच्छेद-2)

- औद्योगिक इकाइयों से माह मई 2023 के बिल में 45 पैसे (अनुच्छेद-3) से फ्यूल सरचार्ज माह अप्रेल, मई, जून 2022 मे किए गए उपभोग पर वसूले गए।

- जुलाई , अगस्त, सितम्बर माह के 63 पैसे (अनुच्छेद-4 व 5) प्रति यूनिट नियत किए गए है, जिसमें से 52 पैसे जून के बिल में वसूले गए तथा 11 पैसे उसके अगले तिमाही में वसूलने का प्रावधान रखा। यह भार जो इकाई 1,00,000 यूनिट प्रति माह उपभोग करती है, उस पर 63 पैसे के हिसाब से 63000 रुपए प्रति माह अतिरिक्त लगेंगे।

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विरोध में 52 से अधिक संगठन हुए एक, कर चुके प्रदर्शन
राज्य सरकार ने इस वर्ष अप्रेल से फ्यूल सरचार्ज लागू किया था। फ्यूल सरचार्ज के विरोध में गठित द्मद्मउद्योग व्यापार संगठन विद्युत उपभोक्ता संघर्ष समितिद्मद्म के बैनर तले जोधपुर के 52 से अधिक औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों ने 20 जुलाई को डिस्कॉम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था।

इनका कहना है
सरकार को उद्योगों को राहत देनी चाहिए। फ्यूल सरचार्ज व विशेष फयूल सरचार्ज व अन्य कर तुरन्त प्रभाव से वापस ले पॉवर फैक्टर प्रोत्साहन सीमा पहले की भांति 0.90 किया जाए।
- घनश्याम ओझा, संयोजक, उद्योग व्यापार संगठन विद्युत उपभोक्ता संघर्ष समिति

सरकार को स्पेशल फ्यूल सरचार्ज की दरें वापस लेकर उद्योग हित में निर्णय लेना चाहिए।
- सुमेरमल जांगिड़, उद्यमी

राज्य के उद्योगों पर फ्यूल सरचार्ज व स्पेशल फ्यूल सरचार्ज के नाम पर अतिरिक्त भार पड रहा है । हैण्डीक्राफ्ट सहित अन्य उद्योग अतिरिक्त भार से नकारात्मक प्रभाव पड रहा है ।
- भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैन्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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