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चार माह बाद देव उठनी एकादशी पर गूंजेगी शहनाइयां, होटल-मैरिज गार्डन बुक, तैयारियों में जुट रहे लोग Friday 17 November 2023 04:31 AM UTC+00 पिछले पांच माह से थमी शहनाइयां जल्द ही गूंजने लगेगी। इसके तहत 23 से 30 नवंबर तक 8 दिन में विवाह के 6 शुभ मुहूर्त है। इनमें 23 नवंबर को देव उठनी एकादशी को स्वयं सिद्ध अबूझ सावा रहेगा। नवंबर में 6 और साल के अंतिम महीने दिसंबर में 7 सावे रहेंगे। इस बार सावन अधिक मास के कारण चातुर्मास चार की जगह पांच माह का रहा। चातुर्मास के साथ ही शहनाइयों की धूम थम गई थी। इस साल 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी और 24 नवंबर को तुलसी विवाह होगा। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 22 नवंबर को 11.03 मिनट बजे शुरू होगी और 23 नवंबर को 09.01 मिनट पर खत्म होगी। चार माह बाद शहर में गूंजेगी शहनाइयां चार माह से देवउठनी एकादशी का इंतजार कर रहे व्यापारियों का इंतजार खत्म हो जाने से मुरझाए चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। इन दिनों जमकर हुई खरीददारी से व्यापारियों अच्छा मुनाफा हुआ है। देवउठनी एकादशी पर अविवाहित युवक-युवतियों के हाथ पीले होने जा रहे है, जिससे शहरी एवं ग्रामीण अंचल में विवाह की तैयारियों को लेकर चारों ओर धूम मची हुई है। धर्मशालाएं, होटले व सार्वजनिक स्थल बुक घरों में जहां महिलाएं मांगलिक गीत गाकर दुल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप कर निखार रही है। वहीं युवक युवतियां महिला संगीत में डीजे साउण्ड की रंग बिरंगी लाइटों की चकाचौंध में फिल्मी गानों पर जमकर थिरक रहे है। देवउठनी एकादशी पर विवाह होने से शहर की सभी धर्मशालाएं, होटले व सार्वजनिक स्थल बुक हो चुके है। साथ ही एडवांस बुङ्क्षकग के चलते टेन्ट हाउस, ईलेक्ट्रिकल्स, हलवाई, पण्डित, नाई, धोबी, चाट-पकौड़े, घोड़ी, बैण्ड-बाजे सहित विवाह में काम करने वाले लोग व्यस्त नजर आ रहे है।वहीं बारात में जाने के लिए कार के किराए की रेटे बढ़ गई है। व्यापारियों में भी खुशी |
सिंचाई के लिए किरावल सागर बांध से नहरों में पानी छोड़ा Friday 17 November 2023 05:03 AM UTC+00 किरावल सागर बांध की दो नहरों में आई दरारों की जल संसाधन विभाग ने सुध ली है। मिडेल व साऊथ केनाल की नहरों की मरम्मत होने से किसानों को राहत मिली है। तीनों नहरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर मोरी के वॉल्व खोलकर पानी छोड़ा गया है। नहरों में जलधारा बहने से किसानों के चेहरे खिल उठे। सिंचाई करने में जुटे किसान किसान रबी की फसल की सिंचाई करने में जुट गए है। गौरतलब है कि दो नहरों के पक्कीकरण में दरारें आने से किसान चिंता में डूबे हुए थे। किसानों की समस्या को देखते हुए पत्रिका ने नहरों में आई दरारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने ठेकेदार को तत्काल नहरों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। इस बांध पर विकास कार्यों पर 6 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा।नहरों में पानी छोडऩे के दौरान कनिष्ठ अभियंता जयदेव सोलंकी,अध्यक्ष जगदीश गुंजल, विष्णु शर्मा मौजूद रहे। किसानों ने पत्रिका का जताया आभार बांध की नहरों में आई दरारों की मरम्मत होने पर किसानों ने राजस्थान पत्रिका का आभार जताया है।उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने गत 6 नवम्बर के अंक में गुणवत्ता की खुली पोल,किरावल सागर बांध की दो नहरों में आई दरारें,किसानों ने उठाई जांच की मांग शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद ठेकेदार ने क्षतिग्रस्त हुई नहरों की मरम्मत कर किसानों को राहत पहुंचाई।अब बांध का पानी नहरों के माध्यम से अंतिम छोर तक पहुँच पाएगा।बांध के पानी से रबी की फसल सरसों,चना,जौ व गेंहू की सिंचाई होगी। रामसागर की नहरों में छोड़ा पानी मालपुरा. उपखंड के लाम्बाहरीसिंह लघु सिंचाई परियोजना के तहत रामसागर बांध की गुरुवार को पूजा अर्चना के बाद रबि की फसल के लिए सिंचाई के लिए नहरों में पानी खोला गया। पंडित रामअवतार पाराशर ने पूजा अर्चना के बाद जल वितरण समिति अध्यक्ष सरवन लाल माली ने मोरी पर चाबी लगाकर नहरों में पानी छोड़ा। जहां किसानों ने अपने-अपने खेतों में पिलाई शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता जयदेव सोलंकी ने बताया कि रामसागर बांध में 11 फीट पानी है, जिससें 1500 बीघा ङ्क्षसचित भूमि में सिचाई होगी। इस अवसर पर जल वितरण समिति अध्यक्ष सरवन लाल माली, सीआर रूपचंद आकोदिया, रमेश चंद्र वैष्णव, घीसालाल उपस्थित थे। |
निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने का बनाया दबाव, मारपीट कर हमले में एक घायल Friday 17 November 2023 05:29 AM UTC+00 पचेवर थाना क्षेत्र के चावण्डिया गांव में एक परिवार पर हुए हमले को लेकर समाज के लोगों ने मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसमें समाज के लोगों ने हमले के दोषियों को गिरफ्तार करने तथा परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। इसमें बताया कि गांव में सामुदायिक भवन के पीछे राधेश्याम वैष्णव का मकान है, जहां पर 14 नवंबर की रात को करीब 12 लोग मकान में दाखिल हो गए। गाली-गलौच व मारपीट की सभी लोग परिवार के सदस्यों व महिलाओं को डराने धमकाने लगे। लोगों ने आरोप लगाया कि परिवार के लोगों पर निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने का दबाव डाला। उनकी इच्छानुसार वोट नहीं डालने को लेकर परिवार के साथ गाली-गलौच व मारपीट कर दी। इस दौरान हमले में रामप्रसाद वैष्णव के सिर में गंभीर चोट आने से घायल हो गया। इस घटना को लेकर गांव के लोग भयभीत है। वैष्णव समाज के लोगों ने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। स्वतंत्र मतदान कराने की मांग वैष्णव समाज ने गांव में स्वतंत्र मतदान कराने की मांग की है। समाज के लोगों ने बताया कि हमले की घटना से गांव में स्वतंत्र मतदान होना एवं शान्ति से रहना मुश्किल हो गया है।समाज के लोगों ने निष्पक्ष व दबाव मुक्त मतदान कराने की व्यवस्था एवं सुरक्षा दिलाने की मांग की है।ज्ञापन देने के दौरान चिरंजी लाल वैष्णव, संजय वैष्णव, नन्दकिशोर स्वामी, मनीष वैष्णव, गोपाल लाल, धनराज स्वामी सहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे। |
कांटा जाल तकनीकी से फंसेंगी छोटी-बड़ी मछलियां, एक माह से बनास नदी में अपनाई जा रही है तकनीक Friday 17 November 2023 11:48 AM UTC+00 बनास नदी सहित जलाशयों में मछली पकडऩा टेडी खीर साबित हो रही थी। जो अब नई तकनीक से आसान नजर आने लगी है। अब नदी नालों के साथ ही जलाशयों में अब मछलियों का संवेदक के कार्मिकों से बचकर निकलना मुश्किल है। इस तकनीक को कांटा जाल के नाम से जानते हैं। जो पिछले एक माह से बनास नदी में अपनाई जा रही है। जो अन्य तकनीक से अधिक फायदेमंद साबित हो रही है।
पन्द्रह दिन का लगता समय कांटा जाल तकनिक से नदी में एक एरिया में मछली पकडऩे के लिए पहले एरिया निश्चित किया जाता है। वहां चारों तरफ जाल लगाकर लकडिय़ों के सहारे बांध दिया जाता है। उसके बाद धीरे-धीरे बांधी गई जाल का एरिया कम किया जाता है। एरिया के अंदर की मछली पानी में भी रहती वो भागने में कामयाब नही हो सकती है। करीब एक एरिया में मछली पकडऩे में एक पखवाड़े का समय लग जाता है। मगर एरिया की जाल की सम्पूर्ण मछली जाल में फंस जाती है। जिससे मछली संवेदक को घाटा होने से बच जाता है। उस क्षेत्र की सम्पूर्ण बडी मछलियां निकाल ली जाती है। छोटी मछलियां जाल के छेद से बाहर निकल जाती है। |
मतदान बहिष्कार की चेतावनी: प्रशासन ने ग्रामीणों से की समझाइश, 5 मांगों का दिया आश्वासन Friday 17 November 2023 01:36 PM UTC+00 मतदान बहिष्कार की चेतावनी: प्रशासन ने ग्रामीणों से की समझाइश, 5 मांगों का दिया आश्वासन
साथ ही बीएलओ के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी तक ज्ञापन पहुंचाया था। इसके बाद से ही लगातार प्रशासन ग्रामीणों से समझाइश में जुटा हुआ हैं।
इसको लेकर गत दिनों भी प्रशासन ने उनके बीच आकर 10 दिन में मवासीपुरा श्मशान घाट, आम रास्ते पर हो रखे अतिक्रमण को हटाने की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। उपखंड अधिकार वर्षा शर्मा ने ग्रामीणों को बताया कि चुनाव के चलते प्रशासन एवं पुलिस सभी व्यस्त है। मतदान के बाद प्राथमिकता के साथ सभी समस्याओं को समाधान किया जाएगा। हालांकि इस दौरान ग्रामीण समझाइश पर बढ़ चढ़ कर मतदान करने के सहमत हो गए तथा कहा कि इस चुनाव के बाद उनकी मांगे प्रमुखता से पूरी की जाएं। मांगे पूरी नहीं होने पर लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। जल जीवन मिशन में मिल चुकी है स्वीकृति
सडक़ को लेकर भेजा जाएगा प्रस्ताव सिसोला गांव से पीपलू तहसील मुख्यालय तक दो प्रमुख मार्गों पर पक्की सडक़ नहीं बनने के मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता देवीराम मीणा ने बताया कि गांव आवागमन को लेकर सोहेला-डिग्गी मार्ग तक डामर सडक़ से जुड़ा है। वहीं पीपलू से सीधा संपर्क मार्ग को जोडऩे को लेकर सरकार को पूर्व में तकमीना भेजा गया था। वर्तमान में दोनों मार्गों पर करीब 7.5 करोड़ का तकमीना बनकर तैयार है। जिसको पुन: राज्य सरकार को भेजा जाएगा। ग्रामीणों की इस मुख्य मांग को पूरी करने के लिए प्रशासन सहमत है तथा प्राथमिकता से इसे जोडऩे का कार्य किया जाएगा। यह रखी प्रमुख मांगें
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टोंक जिले में 1110 मतदान केंद्रों पर 11 लाख 5 हजार 208 मतदाता करेंगे मतदान Friday 17 November 2023 02:03 PM UTC+00 राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ ओम प्रकाश बैरवा (कलक्टर) ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता कर चुनाव की तैयारी की जानकारियां दी। बैरवा ने बताया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में टोंक जिले की चारों विधान सभाओं में कुल 1110 मतदान केंद्रों पर 11 लाख 5 हजार 208 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें 5 लाख 68 हजार 225 पुरूष एवं 5 लाख 36 हजार 978 महिला एवं 5 ट्रांसजेंडर मतदाता है। 1 लाख 38 हजार 614 पुरूष मतदाता मालपुरा विधानसभा में 274 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 70 हजार 948 मतदाता अपना वोट डालेंगे। इनमें 1 लाख 38 हजार 614 पुरूष एवं 1 लाख 32 हजार 334 महिला मतदाता है। 1 लाख 37 हजार 902 महिला मतदाता निवाई में निवाई विधानसभा में 285 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 84 हजार 642 मतदाता अपना वोट डालेंगे। इनमें 1 लाख 46 हजार 740 पुरूष एवं 1 लाख 37 हजार 902 महिला मतदाता है। 2 लाख 52 हजार 828 मतदाता टोंक में टोंक विधानसभा में 250 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 52 हजार 828 मतदाता अपना वोट डालेंगे। इनमें 1 लाख 29 हजार 445 पुरूष एवं 1 लाख 23 हजार 379 महिला एवं 4 ट्रांसजेंडर मतदाता है। 301 मतदान केंद्रों पर होगा मतदान देवली-उनियारा विधानसभा में 301 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 96 हजार 790 मतदाता अपना वोट डालेंगे। इनमें 1 लाख 53 हजार 426 पुरूष एवं 1 लाख 43 हजार 363 महिला मतदाता है। शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए बनाई टीमें जिले में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए 114 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 13-13 एफएसटी एवं एसएसटी की टीमें बनाई गयी है। साथ ही, 5 वीएसटी एवं 4 वीवीटी टीमें गठित की गई है। |
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