>>: Rajasthan Assembly Elections 2023 : राजस्थान के इस विधानसभा क्षेत्र में बस एक ही सवाल ‘राज’ बदलेंगे या फिर ‘रिवाज’ ?

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Rajasthan Assembly Elections 2023 : मौसम में जैसे-जैसे ठंडक बढ़ रही है, वैसे-वैसे चुनावों की गर्माहट का अहसास होने लगा है। वैसे तो पाली में मतदाताओं के लिए न तो उम्मीदवार नए हैं और न ही चुनावी मुद्दे। नया है तो बस एक सवाल, पाली का राज बदलेगा या रिवाज?
यहां भाजपा के ज्ञानचंद पारख और कांग्रेस के भीमराज भाटी के बीच सीधा मुकाबला है। पांच बार के विधायक पारख छठी बार मैदान में हैं। हर चुनाव में सैकण्ड डिवीजन लाने वाले भाटी इस बार भी फर्स्ट डिवीजन के लिए मशक्कत कर रहे हैं। रोचक बात यह है कि भाटी और पारख के बीच यह छठा मुकाबला है। भाटी हर बार सैकण्ड डिवीजन पर अटक जाते हैं और पारख बाजी मार जाते हैं।

इस चुनाव में भी दोनों के बीच रिपोर्ट कार्ड का घमासान है। भीतरघात से दोनों ही पार्टियां जूझ रही है। पारख को अंदरखाने एंटीइन्कबेंसी और अपनों की नाराजगी का भय सता रहा है तो भाटी के साथ कांग्रेस का कुनबा 'मन' से नहीं दिख रहा। नया-नया संभाग बनी कपड़ा नगरी के लिए यह चुनाव अब रोचक मोड़ ले रहा है। हालांकि, हर चुनाव की सुर्खियां बनने वाले प्रदूषण, रोजगार, पानी जैसे मुद्दे अब भी मुंह बाएं खड़े हैं। पारख को जीत का ***** लगाने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार के साथ-साथ अपने कार्यकाल पर भरोसा है तो भाटी को गहलोत सरकार की योजनाओं का फायदा और मतदाताओं से सहानुभूति की उम्मीद हैं। चुनाव प्रचार में जुटे दोनों प्रत्याशियों से मतदाता सवाल भी कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी से 25 साल का हिसाब मांग रहे हैं तो भाटी को सक्रियता का सबूत देना पड़ रहा है।

Rajasthan Assembly Elections 2023 : मतदाता बोले
संभाग स्तर की सुविधाएं मिले
पाली विधानसभा में शिक्षा, चिकित्सा और सड़कों के हाल बुरे है। संभाग स्तरीय सुविधाएं देने का वादा करने वाले प्रत्याशी को ही चुनेंगे। प्रत्याशी की छवि भी मायने रखती है। मतदाताओं की सुध लेने वाला प्रत्याशी चुनेंगे।
तखतसिंह सोलंकी, पाली

कपड़ा नगरी में शिक्षा के द्वार खुले
पाली में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। यहां शिक्षा के उच्च केन्द्र और कौशल को बढ़ावा देने वाले केन्द्रों की कमी है। रोजगार के साथ विकास कराने वाला प्रत्याशी ही जनता का सच्चा हितैषी होगा।
-गोविन्द सिंह, ढाबर

 

प्रत्याशियों के मुद्दे
-पाली में पेयजल की समस्या का समाधान कराना
-प्रदूषण की समस्या का समाधान कराना
-युवाओं को रोजगार दिलाना
-सीवरेज की समस्या का समाधान
मतदाताओं के मुद्दे
-रोजगार के साधनों का अभाव
-शिक्षा का बड़ा केन्द्र नहीं
-कपड़ा उद्योग के अलावा अन्य उद्योगों का अभाव
-संभाग स्तरीय संसाधनों का अभाव
-शहर की बसावट में विजन का अभाव
-पेयजल की बरसों पुरानी समस्या यथावत

कुल मतदाता 274466
पुरुष -141553
महिला -132913

सीट का गणित
1985 से लगातार भाजपा काबिज

2018 में मत मिले
ज्ञानचंद पारख, भाजपा - 75,480
भीमराज भाटी, निर्दलीय -56,094

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