>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
गाय को सड़क पर तड़पते देखा तो बदल लिया खुद का नाम और काम Saturday 24 February 2024 07:24 AM UTC+00 झुंझुनूं जिले के गोठड़ा गांव के एक युवक पर गोसेवा का ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने पूरा जीवन ही गायों की सेवा में समर्पित कर दिया। गायों से प्रेम इस हद तक बढ़ा कि 1999 में पांच गायों से गो-सेवा केंद्र बनाने का अभियान शुरू किया और अब तक 30 से अधिक गो-सेवा केंद्र बनाकर एक मिसाल कायम की है। यूं शुरू हुआ गो-प्रेम 30 केंद्र बनाए, 113 का लक्ष्य
खेतड़ी के गो-सेवा केंद्रों में गायों के लिए सभी सुविधाएं हैं। गायों के रहने के लिए पक्के निर्माण हैं तथा सर्दी-गर्मी से बचाव का पूरा बंदोबस्त किया गया है। कई गो-सेवा केंद्रों को आत्मनिर्भर भी बनाया गया है। नंगली सलेदी सिंह के गो-सेवा केंद्र में गोबर से लकड़ियां बनाई जा रही है जो ईंट भट्टों पर व शहरों में बिकने को जाती हैं। होटलों पर दाल बाटी बनाने के काम आती हैं। गोमूत्र भी तैयार करके भेजा जाता है। बिजली की आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा प्लेट लगाई हुई है।हर बाड़े में गायों को कृष्ण धुन सुनाई जाती है।
|
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajasthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
