>>: भजनलाल सरकार की तैयारी, शिक्षा विभाग ने दिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में बदलाव के निर्देश

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विजय शर्मा

New Syllabus Of NCERT : राजस्थान में भाजपा सरकार आने के बाद अब स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव का राग शुरू हो गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इसके संकेत दिए हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री का कहना है कि पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। लेकिन स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल विवादित अंशों को हटाया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री की मानें तो नए सत्र से मिलने वाली किताबों में आंशिक बदलाव देखने को मिलेंगे।


राजस्थान में कक्षा छह से 12 वीं तक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों को लागू किया गया है। गत वर्ष राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल ने करीब डेढ़ करोड़ पुरानी किताबें बांटी थीं, जिनमें एनसीईआरटी का नया पाठ्यक्रम लागू नहीं हुआ। आरोप लगे थे कि कांग्रेस सरकार ने एनसीईआरटी की ओर से किया गया बदलाव राजस्थान में लागू नहीं किया। अब मंडल की ओर से तीन करोड़ किताबें नई छापी गई हैं। ऐसे में गत वर्ष की पुरानी किताबों की जगह बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी, जिनमें एनसीईआरटी का नया सिलेेबस होगा।

तो ऐसे अंशों को करेंगे विलोपित
शिक्षा मंत्री का कहना है कि पहले सुना था कुछ पुस्तकों में पढ़ाया जा रहा था कि चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह आतंकवादी हैं। अगर हमारे शिक्षक क्रांतिकारियों को आतंकवादी पढ़ाएंगे तो बच्चों के मन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अगर ऐसे अंश होंगे तो उनकी समीक्षा कर रहे हैं। अंशों को विलोपित करेंगे।

अकबर मीना बाजार लगाता था, महान कैसे हुआ : दिलावर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि वे सिलेबस में बदलाव के पक्षधर नहीं हैं। लेकिन सही है कि जानबूझकर अगली पीढ़ी को गलत दिशा देने की कोशिश की जा रही है। महापुरुषों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे अंश हटाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अकबर मीना बाजार लगाता था। मां-बहनों को उठाकर ले जाता था। फिर भी उसे किताबों में महान बताया गया। वह महान कैसे हो सकता है।

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राजनीति ठीक नहीं, इतिहास कैसे बदल सकते हैं : बी.डी. कल्ला
पूर्व शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला का कहना है कि शिक्षा में राजनीति नहीं होनी चाहिए। बच्चों को वही पढ़ाना जाना चाहिए जो इतिहास में है। बच्चों को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए। हम इतिहास से छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस सरकार में हमने सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया था।

 

पिछली भाजपा सरकार ने किए थे ये बदलाव

स्कूल की किताबों में अकबर के आगे से महान शब्द हटाया था। उसके बाद से ही अकबर और महाराणा प्रताप को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, सुभाषचंद्र बोस के पाठ पाठयक्रम में जोड़े।

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़े कुछ अंशों को हटाया।

नेहरू की जगह सरदार पटेल की तस्वीर छापने पर विवाद हुआ।

संघ व हिंदू संगठनों से जुड़े सावरकर, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय को पाठ में किया शामिल।

पूर्व सर संघचालक सुदर्शन, नानाजी देशमुख की जीवनी शामिल।

प्रार्थना सभा योग, वंदे मातरम, सूर्य नमस्कार को भी जोड़ा।

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