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Rajasthan News: बीसलपुर को मिले पर्यटन की नई ऊंचाईयां, प्राकृतिक सम्पदा का है खजाना, बस नजरें हो इनायत Sunday 10 December 2023 09:23 AM UTC+00 राजमहल. जिले की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना के साथ ही राज्य की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध स्थल पर अब तक सभी सरकारों की नजर सिर्फ पेयजल तक सिमट कर रह गई। यहां पर्यटन विकास के लिए कई स्थान व प्राकृतिक सम्पदा होने के बाद भी पर्यटन विकास को दरकिनार किया गया है। जिससे यहां पर्यटक आते तो है मगर असुविधाओं को लेकर दोबारा मुंह तक नहीं करते हैं। ग्राम पंचायत प्रशासन राजमहल की ओर से भी बीसलपुर बांध स्थल व बनास नदी क्षेत्र में पर्यटन विकास को लेकर कई मर्तबा प्रस्ताव बनवाकर राज्य सरकार को भेजे गए। मगर योजनाओं पर स्वीकृति की हरी झंडी नहीं मिलने के कारण आज भी बीसलपुर में लोग पर्यटन विकास को तरस रहे हैं। सड़क मार्ग के लिए तरसे: राष्ट्रीय राजमार्ग से बीसलपुर बांध स्थल तक पहुंचने के लिए सुगम सड़क मार्ग तक नहीं है। जिसके कारण पर्यटकों को गड्ढों से भरे मार्ग से गुजरना पड़ता है। कई पर्यटकों के वाहन बीच रास्ते में खराब हो जाते हैं। जिससे वो बांध स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। अधिकांशतया पर्यटक बीसलपुर पहुंचते हैं तो वहां छाया पानी, शौचालय के अभाव के साथ ही गंदगी को लेकर परेशान नजर आते हैं। वॉटर पॉइंट व बर्ड वॉचिंग सेंटर बन सकता है: बांध में वर्ष भर पानी भरा रहता है। यहां का वैटलैंड एरिया भी पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। वैंटलैंड एरिया में देशी-विदेशी पक्षियों का अक्टूबर से मार्च तक जमावड़ा रहता है। इस पर ध्यान दिया जाए तो बीसलपुर राजस्थान का बड़ा बर्ड वॉचिंग सेंटर बन सकता है। इसके अलावा बांध की डाउन स्ट्रीम में नौकायन का बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे पर्यटकों को रुझान बढ़ेगा।
बीसलपुर बांध व वन क्षेत्र एक नजर में बीसलपुर बांध स्थल पर पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं के साथ ही पर्यटन विकास को लेकर को लेकर कई मर्तबा बैठक में प्रस्ताव लेकर मंजूरी के लिए भिजवाया गया था। मगर सरकार की अनदेखी के कारण वित्तिय स्वीकृति नहीं मिलने से पर्यटन विकास कार्य अधूरे पड़े है। यह भी पढ़ें : राजस्थान की ये खूबसूरत पांच हवेलियां, जिनकी पीएम मोदी भी कर चुके तारीफ, हर साल आते हैं 8 लाख पर्यटक हमारा पूरा वार्ड बीसलपुर में स्थित है, जहां बीसलपुर बांध बनने के बाद से अब तक पर्यटन विकास तो बहुत दूर की बात है। यहां की बस्ती में रह रहे दर्जनों परिवार पेयजल,बिजली सड़क आदि मुलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। अब नई सरकार से बीसलपुर में विकास की आस है। बीसलपुर बांध स्थल के साथ ही निकटवर्ती शिलाबारी दह किनारे पर्यटन विकास को लेकर प्रस्ताव भिजवायें गये थे। मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई। राजमहल शिलाबारी दह किनारे आज भी प्रकृति की अनोखी छटा होने से रोजाना कई नये जोड़े प्री वेडिंग शूट के लिए आते हैं। मगर यहां उनको छाया पानी शौचालय आदि का अभाव नजर आता है। अगर सरकार यहां पर्यटन विकास को बढ़ावा देती है तो लोगों के लिए रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। यह भी पढ़ें : राजस्थान के इकबाल सक्का की बनाई स्वर्ण पादुका पहनेंगे अयोध्या में भगवान श्रीराम बीसलपुर बांध से लेकर राजमहल बनास नदी रपट तक पहाड़,झरने,नदी झील आदि का सुंदर प्राकृतिक दृश्य है। मगर यहां पर्यटन विकास को लेकर विकास कार्य का अभाव रहा है। यहां विकास कार्य को लेकर राज्य सरकार के साथ ही पंचायत प्रशासन ने भी अनदेखी बरती है। जबकि यहां बारिश के दौरान पर्यटकों का जमावड़ा रहता है। सरकार व प्रशासन अगर बीसलपुर व बनास नदी किनारे पर्यटन विकास पर ध्यान तो रोजगार के नये आयाम स्थापित हो सकते हैं। |
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