>>: Digest for February 03, 2024

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Table of Contents

शिक्षा विभाग में ऐवजी टीचरों के जरिए वेतन उठाने वाले शिक्षकों की खैर नहीं है। बांरा जिले में पिछले दिनों कई सालों से ऐवजी शिक्षकों के जरिए नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद अब विभाग सख्त हो गया है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए है। इसमें बताया कि अब सभी पीईईओ को अपने अधीन के विद्यालयों का शपथ पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराना होगा। इसमें स्पष्ट तौर पर लिखना होगा कि उनके अधीन संचालित किसी भी विद्यालय में ऐवजी शिक्षक कार्यरत नहीं है। पीईईओ के प्रमाण पत्रों के आधार पर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निदेशालय में पूरे जिले का शपथ पत्र भिजवाना होगा। इसके बाद विभाग की ओर से प्रदेशभर में औचक निरीक्षण कराए जाने की भी योजना है। शिक्षा निदेशक ने बताया कि यदि बाद में ऐसे ऐवजी शिक्षक सामने आते है तो दोषियों के साथ-साथ शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

बांरा में सामने आ चुका है मामला
बांरा जिले के एक स्कूल में पिछले दिनों हुए निरीक्षण सें इस तरह का मामला सामने आया था। यहां एक शिक्षक व एक शिक्षिका कई महीनों से ऐवजी शिक्षक के भरोसे नौकरी कर रहे थे। जब मामले की पूरी जांच हुई पता लगा कि गांव के लोग व छात्र इन शिक्षकों को अधिकारी समझते थे। इस मामले में शिक्षा विभाग ने पीईईओ के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

2023 के स्वच्छता सर्वेक्षण में कमतर रहने के बाद सीकर नगर परिषद ने इस साल अव्वल रहने के लिए कमर कस ली है। क्लीन सीकर मूवमेंट के तहत नगर परिषद ने शहर को कचरा मुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है। जिसके तहत शहर में रात्रिकालीन सफाई के साथ गाड़ी के जरिए कचरा संग्रहण की व्यवस्था भी दिन में तीन वक्त की जाएगी। बाजार में सूखे व गीले कचरे को अलग- अलग रखने की व्यवस्था के साथ कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया जाएगा। गुटखे व पान की पीक थूकने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभियान को लेकर बुधवार को आयुक्त शशिकांत शर्मा की अगुआई में नगर परिषद की टीम ने स्टेशन रोड से लेकर बजाज रोड, जाट बाजार, तबेला बाजार, सुभाष चौक, घंटाघर व अजमेर स्टैंड तक का जायजा लिया। व्यापारियों सेे अभियान में सहयोगी बनने की अपील करने के साथ नगर परिषद में भी उनके साथ अलग से बैठक की।

 

सात दिन समझाइश, फिर कार्रवाई

अभियान के तहत नगर परिषद सात दिन तक व्यापारियों व शहरवासियों से समझाइश करेगी। जिसमें उन्हें सूखा व गीला कचरा अलग रखने, कचरा गाड़ी में ही डालने और किसी भी ग्राहक को कचरा नहीं फैलाने देने सरीखी अपील की जाएगी। सात दिन के बाद यदि किसी दुकान के बाहर कचरा फैला हुआ या पीक के निशान मिले तो दुकानदार के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

 

तीन बार उठेगा कचरा

अभियान को लेकर आयुक्त ने नगर परिषद में भी व्यापारियों से वार्ता की। जिसमें व्यापारियों ने भी अभियान को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। इस दौरान आयुक्त ने मुख्य स्थलों पर रात्रि कालीन सफाई शुरू करवाने व कचरे के लिए सुबह 10, दोपहर एक व शाम 6 से 9 बजे से तक ऑटो टीपर से कचरा उठवाने की बात कही। बैठक में सहायक अभियंता नागरमल, एमआईएस अभियंता साहिल अली, सीकर व्यापार संघ से राम प्रसाद मिश्रा, राधेश्याम पारीक, दिनेश जाखड़, लक्ष्मण सिंह, नाथूराम ओला, जसवीर चौधरी, भगवान राम, नाथूराम ओला, हरिराम मिल, जुगल किशोर, संजू गोदारा, सरिता देवी, सुभीता कुमारी, गोकुल गोदारा, गोपालराम आचार्य, जयप्रकाश सोनी आदि मौजूद रहे।

Interim Budget 2024: केंद्र सरकार के गुरुवार को जारी अंतरिम बजट (Interim Budget 2024) ने झटका दिया तो किसी को झुमा भी दिया। आयकर स्लैब (Tax Slabs) में बदलाव नहीं होने पर आयकर दाताओं (Tax Payers) को जहां निराशा हाथ लगी तो आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat scheme) के दायरे में लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (Anganwadi workers) और आशाओं (ASHA) के चेहरे खिल उठे। योजना के तहत जिले की करीब साढ़े सात हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आशाओं को हेल्थकेयर कवरेज (healthcare coverage) मिलेगा। वहीं, मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना (Housing Scheme) की घोषणा से इस वर्ग का भी घर बनाने का सपना पूरा हो सकता है। अगले 5 साल में 2 करोड़ घर बनाने के लक्ष्य से जिले में करीब 20 हजार परिवारों को फायदा मिलने की संभावना है। लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Scheme) के तहत महिलाओं के लिए रोजगार (Employment) के अवसर भी बढ़ेंगे। 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत (Vande Bharat) जैसे कोच में बदलने का फायदा भी अंचल के यात्रियों को मिलेगा। हालांकि सीधे फायदे वाली घोषणाएं नहीं होने से जिले के लोगों को काफी निराशा भी हाथ लगी।

सोलर सिटी को मिलेगी ताकत
प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना (Pradhan Mantri Suryodaya Yojana) के तहत देश में 1 करोड़ घरों में 300 यूनिट सोलर फ्री बिजली (free electricity) दिए जाने की घोषणा की गई है। योजना के तहत हाल में सोलर सिटी (solar city) घोषित सीकर जिले को लाभ मिल सकता है। सब्सिडी के साथ यहां करीब 10 हजार परिवारों को सोलर प्लांट (solar plants) लगाने पर फ्री बिजली का लाभ मिल सकता है।
यह भी पढ़ें : Budget 2024 से राजस्थान को मिली कई सौगात, 300 यूनिट फ्री बिजली के साथ मिलेगी ये सब सुविधा


नई रेल लाइन को लेकर थोड़ी उलझन
Train For Ringus Khatushyamji: रींगस से खाटूश्यामजी तथा सालासर से नोखा रेल लाइन के सर्वे के बाद अंतरिम बजट से बजट मिलने की उम्मीद थी। पर बजट में नई रेल लाइन के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं होने पर इन लाइनों को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। हालांकि 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत जैसे कोच में बदलने की योजना से अंचल के यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

सीकर/अजीतगढ़. नगर पालिका प्रशासन ने कस्बे में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को कस्बे के कुसुमपुरा मोहल्ले में स्थित लक्ष्मी नगर आवास योजना में बिना आवासीय भू रूपांतरण के प्लाटिंग करने पर पालिका प्रशासन ने बोर्ड लगाने की कार्रवाई की। इधर नगर पालिका की कार्रवाई से अवैध कॉलोनियां काटने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका सोलंकी ने बताया कि अजीतगढ़ में अवैध कॉलोनी को लेकर शिकायतें मिल रही है । इसको लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। कस्बे के कुसुमपुरा मोहल्ले में लक्ष्मी नगर आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए प्रयोजनार्थ सक्षम स्तर से अनुमोदित नहीं होने के कारण इसमें भूखंड बेचना व खरीदना अवैध है। इसको लेकर आमजन को सूचित करने के लिए बोर्ड लगाया गया है । ईओ सोलंकी ने बताया कि इसके अलावा अन्य कॉलोनियों की भी जांच करवाई जा रहीहै। जो भी अवैध कॉलोनी मिलेगी, उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जमकर हो रही प्लाटिंग

गौरतलब है कि कस्बे में इन दिनों नियमों की अनदेखी करके धड़ल्ले से बिना अनुमति लिए अवैध रूप से कॉलोनियां काटी जा रही है। इसी तरह कई लोग कस्बे में मुख्य सडक़ों के किनारे तीन-तीन मंजिल कटले बना रहे हैं । लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को इनकी भी जांच करनी चाहिए।

नीमकाथाना. सेठ नन्द किशोर पटवारी राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को नैक (नेशनल असेसमेंट एक्रेडिटेशन कमेटी) टीम निरीक्षण करने पहुंची। टीम कॉलेज में दो दिन निरीक्षण करेगी। गुरुवार को प्रथम दिन महाविद्यालय में नेक टीम चेयरपर्सन प्रो. मीना राजीव चंदावरकर, कॉर्डिनेटर प्रो. फकीर चन्द तथा सदस्य प्रो. संजय सिंह के द्वारा सभी विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग व प्रेजेंटेशन, विभागों का निरीक्षण, प्रयोगशालाओं की जांच की। वहीं एलुमिनी मीट, अभिभावको व विद्यार्थियों के साथ संवाद किया गया। प्राचार्य डॉ. सन्तोष कुमार वर्मा ने बताया कि नेक टीम ने पुस्तकालय, स्पोट्र्स, आईसीटी लैब, फिजिकल एक्टीविटी तथा विभिन्न समितियों के कार्यों का अवलोकन किया। पूर्व छात्र परिषद् से भी फ ीडबैक लिया गया। जहां अध्यक्ष, पूर्व छात्र परिषद् दौलत राम गोयल की ओर से महाविद्यालय के विकास में सहयोग के लिए आश्वस्त किया। कोषाधिकारी रामगोपाल मेगोतिया, पूर्व आयुक्त कॉलेज शिक्षा केआर सिलोलिया, विष्णु चेतानी, जगदीश जाखड़, शंकरलाल वर्मा, अशोक मिठारवाल, एडवाकेट बलवीर सिंह जाखड़ व मीडिया प्रभारी विमल भारद्वाज इत्यादि उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासनिक विभागों की जांच की गई। अन्त में महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रदेश के लाखों किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले की प्रत्येक पंचायत समिति में मिट्टी-पानी की जांच के लिए प्रयोगशाला बनाई जाएगी। जहां किसानों के सैम्पल की जांच निशुल्क होगी। अच्छी बात है कि इन प्रयोगशालाओं में जांच किए जाने वाले सैम्पल की जांच ऑनलाइन की जाएगी। विभाग का मानना है कि ग्राम स्तर पर ही चलने वाली प्रयोगशाला में जांच होने से अंधाधुंध उर्वरक और रसायनों के प्रयोग पर अंकुश लगाया जा सकेगा। कृषि विभाग के आरकेवीवाई- सॉयल हेल्थ एंड फर्टीलिटी के तहत प्रदेश की 254 पंचायत समितियों में ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाएं बनाने का लक्ष्य है।

अभी ये हालात

सीकर जिले में फिलहाल जिला मुख्यालय पर मिट्टी-पानी की जांच की सुविधा है। जिससे बुवाई से पहले मिट्टी पानी की जांच करवाने के लिए किसानों को सैम्पल जिला मुख्यालय या लक्ष्मणगढ ले जाने पड़ते हैं। जहां पूरे जिले के सेम्पल आने से कई बार किसान बिना जांच करवाए ही बुवाई कर लेते हैं या बगीचा लगवा लेते हैं। जिसका असर आगामी उत्पादन पर पड़ता है। किसानों को इस परेशानी से बचाने के लिए कृषि आयुक्तालय ने यह कवायद शुरू की है। मिट्टी पानी की प्रयोगशाला खुलने से बेरोजगार युवाओं को फायदा होगा। लैब के लिए उपकरण व मशीनरी के लिए केन्द्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।

लैब चलाने के लिए कृषक समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के एक तिहाई गांवों से सिंचित और असिंचित क्षेत्र के सैम्पल लेने होंगे।

सैम्पल संग्रहण करने वाले को 23 रुपए प्रति सेम्पल पुर्नभरण की राशि दी जाएगी। जांच का खर्च योजना के तहत वहन किया जाएगा। पांच सौ सैम्पल के लिए उद्यमी को प्रत्येक सैम्पल के लिए 20 रुपए की राशि बतौर प्रोत्साहन दी जाएगी।


जिला सैम्पल संख्या लक्ष्य

अजमेर 27000

जयपुर 54000

दौसा 32000

टोंक 32000

बांसवाड़ा 14000

डूंगरपुर 14000

प्रतापगढ़ 10000

झुंझुनूं 23000

नागौर 32000

सीकर 32000

लैब खोलने के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जा रहे हैं। योग्यता के आधार पर ही जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी लैब के संचालन के संबंध में निर्णय लेगी। लैब खुलने से किसानों सहित इस कार्य से जुडे लोगों को फायदा होगा।

रामनिवास पालीवाल, उपनिदेशक कृषि

Aphid Attack On Rabi Crop: सीकर जिले के मौसम में आए बदलाव के कारण सरसों व गेहूं की फसल में एफिड (चेंपा ) का प्रकोप बढ़ गया है। एफिड के प्रकोप को देखते हुए किसानों को फसलों के उत्पादन के प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।

गेहूं व जौ की फसल में दीमक का असर नजर आया। जबकि सरसों की फसल में एफिड का प्रकोप ज्यादा है। कृषि विभाग के फील्ड स्टॉफ ने किसानों को एफिड या दीमक के बचाव के लिए दवाओं के प्रयोग के लिए सलाह देना शुरू कर दिया है।अधिकारी दवा और कीटनाशी की उपलब्धता के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में डीलर्स से सम्पर्क कर रहे हैं। जिससे किसानों की फसलों को समय रहते बचाया जा सके। कृषि अधिकारियों ने बताया कि एफिड से बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी है।

बादल-नमी से समस्या
चेंपा फसलों का रस चूसने वाली श्रेणी का एक कीट है, जिसका साइज बेहद महीन होता है। यह कीट बिना पंखों वाला होता है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में तापमान बढ़ोतरी होने पर हल्के पंख उग आने से यह सरसों की फसल से उडऩे लगता है। सरसों के शिशु एवं प्रौढ़ पौधों के बढने वाले वाले भाग, फलियां एवं फूलों के बीच में चेंपा के कीट चिपके रहकर पौधों के रस को चूसते रहते हैं। इससे पौधों की वृद्धि रुक जाती है और पैदावार में कमी हो जाती है। जिससे पौधा छोटा रह जाता है और तना छोटा एवं पतला होकर सूख जाता है।
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मौसम बदलने के कारण फसलों में आई बीमारी खुद ही खत्म हो जाएगी। किसानों को फसल का प्रतिदिन निरीक्षण करना चाहिए। बीमारी के लक्षण दिखाई देते ही क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से प्रभावित फसल का निरीक्षण करवाएं व छिड़काव के लिए दवाएं काम में लें।
-डॉ. हुशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार सीकर

Rain and Hail alert in rajasthan: राजस्थान में मौसम में भारी बदलाव होने वाला है। प्रदेश में बारिश के साथ अब ओलावृष्टि होगी। जिसका असर शनिवार से देखने को मिलेगा। इस दौरान पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कई जिलो में दो दिन तक ओलों के साथ बरसात होगी। जिससे प्रदेश में सर्दी एकबार फिर सितमगर होगी। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने औरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऐसा होगा। जिसके असर से एकबारगी तो प्रदेश में तापमान बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद फिर उसमें गिरावट दर्ज होगी।

इन जिलों में बरसात के साथ होगी ओलावृष्टि
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर शनिवार को प्रदेश के बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर व नागौर जिलों में ओलावृष्टि और मेघगर्जन के साथ बरसात का ऑरेंज तथा झुंझुनूं, सीकर, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसी तरह रविवार को जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू व नागौर जिलों में बारिश के ओलावृष्टि का ऑरेंज तथा अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बाड़मेर, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर और पाली जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

केंद्र सरकार के गुरुवार को जारी अंतरिम बजट ने झटका दिया तो किसी को झुमा भी दिया। आयकर स्लैब में बदलाव नहीं होने पर आयकर दाताओं को जहां निराशा हाथ लगी तो आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आशाओं के चेहरे खिल उठे। योजना के तहत जिले की करीब साढ़े सात हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आशाओं को हेल्थकेयर कवरेज मिलेगा। वहीं, मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना की घोषणा से इस वर्ग का भी घर बनाने का सपना पूरा हो सकता है। अगले 5 साल में 2 करोड़ घर बनाने के लक्ष्य से जिले में करीब 20 हजार परिवारों को फायदा मिलने की संभावना है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत जैसे कोच में बदलने का फायदा भी अंचल के यात्रियों को मिलेगा। हालांकि सीधे फायदे वाली घोषणाएं नहीं होने से जिले के लोगों को काफी निराशा भी हाथ लगी।

सोलर सिटी को मिलेगी ताकत

प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत देश में 1 करोड़ घरों में 300 यूनिट सोलर फ्री बिजली दिए जाने की घोषणा की गई है। योजना के तहत हाल में सोलर सिटी घोषित सीकर जिले को लाभ मिल सकता है। सब्सिडी के साथ यहां करीब 10 हजार परिवारों को सोलर प्लांट लगाने पर फ्री बिजली का लाभ मिल सकता है।

नई रेल लाइन को लेकर गफलत

रींगस से खाटूश्यामजी तथा सालासर से नोखा रेल लाइन के सर्वे के बाद अंतरिम बजट से बजट मिलने की उम्मीद थी। पर बजट में नई रेल लाइन के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं होने पर इन लाइनों को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। हालांकि 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत जैसे कोच में बदलने की योजना से अंचल के यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

जनता को लुभाने वाला बजट नहीं
अंतरिम बजट जनता को लुभाने वाला नहीं होकर देश की अर्थव्यवस्था पर आधारित है। दो महीने के लिए ही होने की वजह से इसमें पहले से ही टैक्स में छूट व कर स्लैब में परिवर्तन की उम्मीद नहीं थी। बजट में सबसे ज्यादा फंड का एलोकेशन डिफेंस मिनिस्ट्री को और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को हुआ। बजट में 2014-15 से पहले की 10000 व 2010-11 से पहले की 25000 तक की टैक्स डिमांड को खत्म कर दिया गया है। इससे करीब करोड़ करदाता को राहत मिलेगी।

सीए गौरव अग्रवाल, सीकर।

विजन पेश कियाआयात शुल्क सहित डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं होने से कुछ भी सस्ता या महंगा नही हुआ है। टैक्स में छूट व कर स्लैब में भी परिवर्तन नहीं हुआ है। किराए के घर, बस्ती, अनियमित घरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए आवास की घोषणा अच्छी है। सीधी घोषणाओं की बजाय सरकार ने भारत के विकास का विजन प्रस्तुत किया है।

सीए रामावतार जोशी

इस बजट में आयकर की दरों व इम्पॉर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर के लिए समान कर दरें बरकरार रखी गई है। नए और पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया। आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 2.4 गुना बढ़ गई। यह बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्यूरिज्म, लॉजिस्टिक और रिसर्च पर केन्द्रित रहा।
सीए कमल जांगिड़, सीकर

विकास के साथ रोजगार सर्जनआर्थिक उन्नति और रोजगार विकास को बढ़ावा देने के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के साथ एक लाख करोड़ का कोष स्थापित किया जाएगा। इससे कोष के दीर्घकालीन बिल पोषण या पुन: वित्त पोषण कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव से उद्योगों व व्यापार को संबल मिलेगा। विकास के साथ नया रोजगार सर्जन भी होगा।

डा. अनिल शर्मा, सहायक निदेशक, सांख्यिकी विभाग, सीकर।

पूरी तरह निराशाजनकबजट में सरकारी कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला है। कर स्लैब में भी बदलाव नहीं किया गया है। अंतरिम बजट कर्मचारियों के लिहाज से पूरी तरह निराशाजनक है।

श्रवण थालौड़, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ

इस अन्तरिम बजट में गरीब, युवा,कृषक एवं महिलाओं के उत्थान से सम्बंधित कार्यक्रमों को जारी रखते हुए आवास,सडक़, रेल एवं अन्य आधारभूत संरचना पर बल दिया गया है। पूंजीगत व्यय का सर्वकालिक उच्चतम स्तर बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। पर आयकर दरों को यथावत रखते हुए मध्यम वर्ग को निराश किया है..
हीरा लाल जांगिड़, अर्थशास्त्री व पूर्व प्राचार्य

गरीब के कल्याण व विकसित भारत का विजन: सुमेधानंद सरस्वती

अंतरिम बजट नए भारत को दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाने का रोड मैप व विकसित भारत का विजन है। स्टार्टअप पर टैक्स छूट देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्वास्थ्य सुविधाएं, गरीब का उत्थान, अंत्योदय का संकल्प और आत्मनिर्भर भारत इसकी धुरी है। बेहतर बजट के लिए वित्त मंत्री का आभार जताता हूं।स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, सांसद।

केन्द्र सरकार की ओर से घोषित बजट में युवाओं पर काफी फोकस किया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार भी स्किल इंडिया अभियान पर बजट में मुहर लगाई है। सीकर संभाग के 70 हजार युवाओं को इस साल प्रशिक्षण मिलने की आस है। केन्द्र सरकार ने बजट में स्वास्थ्य पर भी काफी फोकस किया है। इस साल बजट में नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेजों का विजन दिखाया है। इससे संभाग क्षेत्र में भी स्वास्थ्य का ढांचा भी सुधरने की आस है। पत्रिका की पहल पर गुुरुवार को सीकर संभाग मुख्यालय पर भी बजट चर्चा हुई। इस दौरान बजट को कई वर्ग ने सराहा है तो कई वर्ग ने नकारा भी है। संभाग मुख्यालय पर हुई चर्चा में सीकर संभाग व्यापार संघ के अध्यक्ष राधेश्याम पारीक, महामंत्री कैलाश स्वामी, संरक्षक मदन प्रकाश मावलिया, राजेन्द्र खंडेलवाल, रघुनाथ सुटवाल, दयाल सिंह शेखावत, बजरंग सिंह राठौड़, अशोक कलावटिया व महावीर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

गरीब के कल्याण व विकसित भारत का विजन: सुमेधानंद सरस्वती
अंतरिम बजट नए भारत को दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाने का रोड मैप व विकसित भारत का विजन है। स्टार्टअप पर टैक्स छूट देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्वास्थ्य सुविधाएं, गरीब का उत्थान, अंत्योदय का संकल्प और आत्मनिर्भर भारत इसकी धुरी है। बेहतर बजट के लिए वित्त मंत्री का आभार जताता हूं।
स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, सांसद

जनता को लुभाने वाला बजट नहीं
अंतरिम बजट जनता को लुभाने वाला नहीं होकर देश की अर्थव्यवस्था पर आधारित है। दो महीने के लिए ही होने की वजह से इसमें पहले से ही टैक्स में छूट व कर स्लैब में परिवर्तन की उम्मीद नहीं थी। बजट में सबसे ज्यादा फंड का एलोकेशन डिफेंस मिनिस्ट्री को और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को हुआ। बजट में 2014-15 से पहले की 10000 व 2010-11 से पहले की 25000 तक की टैक्स डिमांड को खत्म कर दिया गया है। इससे करीब करोड़ करदाता को राहत मिलेगी।
सीए गौरव अग्रवाल, सीकर।

विजन पेश किया
आयात शुल्क सहित डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं होने से कुछ भी सस्ता या महंगा नही हुआ है। टैक्स में छूट व कर स्लैब में भी परिवर्तन नहीं हुआ है। किराए के घर, बस्ती, अनियमित घरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए आवास की घोषणा अच्छी है। सीधी घोषणाओं की बजाय सरकार ने भारत के विकास का विजन प्रस्तुत किया है।
सीए रामावतार जोशी

इस बजट में आयकर की दरों व इम्पॉर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर के लिए समान कर दरें बरकरार रखी गई है। नए और पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया। आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 2.4 गुना बढ़ गई। यह बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्यूरिज्म, लॉजिस्टिक और रिसर्च पर केन्द्रित रहा।
सीए कमल जांगिड़, सीकर

विकास के साथ रोजगार सर्जन
आर्थिक उन्नति और रोजगार विकास को बढ़ावा देने के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के साथ एक लाख करोड़ का कोष स्थापित किया जाएगा। इससे कोष के दीर्घकालीन बिल पोषण या पुन: वित्त पोषण कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव से उद्योगों व व्यापार को संबल मिलेगा। विकास के साथ नया रोजगार सर्जन भी होगा।
डा. अनिल शर्मा, सहायक निदेशक, सांख्यिकी विभाग

पूरी तरह निराशाजनक
बजट में सरकारी कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला है। कर स्लैब में भी बदलाव नहीं किया गया है। अंतरिम बजट कर्मचारियों के लिहाज से पूरी तरह निराशाजनक है।
श्रवण थालौड़, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ

इस अन्तरिम बजट में गरीब, युवा,कृषक एवं महिलाओं के उत्थान से सम्बंधित कार्यक्रमों को जारी रखते हुए आवास,सडक़, रेल एवं अन्य आधारभूत संरचना पर बल दिया गया है। पूंजीगत व्यय का सर्वकालिक उच्चतम स्तर बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। पर आयकर दरों को यथावत रखते हुए मध्यम वर्ग को निराश किया है
हीरा लाल जांगिड़, अर्थशास्त्री व पूर्व प्राचार्य।

कृषि क्षेत्र में अनुसंधान व फसलों की एमएसपी तय करने सरीखे कदम सरकार को उठाने चाहिए थे। फसल कटाई के बाद की गतिविधियों में सार्वजनिक के साथ निजी निवेश भी संदिग्ध है। स्टार्टअप की छूट बढ़ाना सराहनीय है।
लोकेश कुमावत, नवाचारी किसान

बजट पूरा निराशाजनक
ना किसान की बात ना खेती की बात ना रोजगार की बात सिर्फ सरकार की तारीफ। बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी खास नहीं रहा। चुनावी साल में सिर्फ जुमलेबाजी देखने को मिली। किसान विरोधी बजट होे से आमजन में निराशा है।
वेदप्रकाश राय, पूर्व पार्षद

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की रैंकिंग में चूरू फिर शिखर पर काबिज हो गया है। जनवरी महीने के रैंकिंग में 49.70 स्कोर के साथ जिले ने ये उपलब्धि हासिल की है। जबकि रैंकिग में पिछड़ रहा सीकर जिला इस बार भी 13वें स्थान पर रहा। जिसका स्कोर 35.30 रहा। रैंकिंग में पिछडऩे से शिक्षा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले सीकर जिले की सरकारी शैक्षिक व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 2023 में फरवरी व सितंबर महीने में चूरू व सीकर जिले रैंकिंग में पहले व दूसरे स्थान पर रह चुके हैं। इसके अलावा भी पूरे साल में दोनों जिले ज्यादातर महीनों में टॉप-10 जिलों में शामिल रहे हैं।

यह जिले रहे टॉपर
रैंकिंग में चूरू के बाद भरतपुर, कोटा, राजसमंद व डुंगरपुर टॉप पांच स्थानों पर रहे। जबकि बारां, जयपुर, बाड़मेर, प्रतापगढ़ व धौलपुर सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। सबसे कम 23.60 स्कोर के साथ बारां जिला सबसे अंतिम स्थान पर रहा।

यूं होता है मूल्यांकन
स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार आधारों पर तय करता है। ये आधार शैक्षिक,चार श्रेणियों से होता है। मूल्यांकन स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार आधारों पर तय करता है। ये आधार शैक्षिक, नामांकन, सामुदायिक सहभागिता व आधारभूत सुविधाएं हैं। इसमें शैक्षणिक श्रेणी के 100, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के 20-20 तथा आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 तथा आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है। इस तरह कुल 150 अंकों में से जिलों को उनके कार्यों के हिसाब से अंक दिए जाते हैं।

राज्य सरकार ने सौ दिवसीय कार्य योजना में संशोधन कर प्रदेश के शिक्षकों व विद्यार्थियों को फिर बड़ा झटका दिया है। संशोधन के बाद सरकार ने शिक्षकों की तबादला नीति के ड्राफ्ट व पदोन्नति को कार्य योजना से बाहर कर दिया है। अधिशेष शिक्षकों के समायोजन व 12वीं पास मेधावी छात्रों के टेबलेट वितरण को भी संशोधित कार्ययोजना में शामिल नहीं किया है। जबकि इन चारों कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इन्हें पहले जारी सौ दिवसीय कार्य योजना में शामिल किया था। ऐसे में संशोधित कार्य योजना से लाखों शिक्षकों व बच्चों को फिर निराशा हाथ लगी है। शिक्षकों ने मामले में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

17500 पदों की डीपीसी थी शामिल
सरकार की 100 दिवसीय मूल कार्य योजना में सेवा नियमों में संशोधन कर 17500 से ज्यादा शिक्षकों की डीपीसी को शामिल किया गया था। इनमें व्याख्याताओं की 10 हजार से ज्यादा, प्रधानाचार्यो की 8282, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी की 1400 पदों पर डीपीसी शामिल थी।

तबादले का ड्राफ्ट गायब, होगी विशेष कमेटी
राज्य सरकार ने शुरुआती कार्य योजना में शिक्षकों के तबादलों के लिए पारदर्शी नीति का 30 दिन में ड्राफ्ट तैयार करना तय किया था। पर संशोधित प्रस्ताव में उसे भी हटा दिया गया है। हालांकि नई कार्ययोजना में एक विशेष कमेटी के गठन का जिक्र है जो
शिक्षकों की सभी तरह की समस्याओं का समाधान करेगी।

यह कार्य प्रस्तावित
संयुक्त शासन सचिव किशोर कुमार द्वारा जारी नई कार्य योजना में सरकार ने 15 फरवरी को सूर्य सप्तमी पर स्कूलों में सूर्य नमस्कार करवाने, स्कूलों में स्वच्छता, 1500 स्कूलों में स्काउड गाइड की गतिविधि शुरू करने, शिक्षकों के करियर मार्गदर्शक कोर्स, प्रशिक्षण, आईईसी मेटेरियल उपलब्ध करवाने, सार्वजनिक पुस्तकालयों में 15 दिन से युवा महोत्सव आयोजित करने, संभाग स्तर पर पुस्तक मेलों का आयोजन, पीएमश्री स्कूलों में वर्चुअल लैब विकसित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण व केंद्रों में चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर, पांचवी तक के बच्चों का हॉलिस्टिक कार्ड बनाने, सरकारी स्कूलों में एक हजार कक्ष निर्माण, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिविर व शिक्षकों को प्रशिक्षण तथा कक्षा एक से आठ के लिए कंप्यूटर शिक्षण के लिए पाठ्यपुस्तक तैयार करवाने सरीखे कार्य शामिल किए हैं।

इनका कहना है
संशोधित 100 दिवसीय कार्य योजना में डीपीसी का मुद्दा बिल्कुल हटा ही दिया गया। शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से मांग है कि तीन सत्र से अटकी वरिष्ठ अध्यापक व व्याख्याता पदों की पदोन्नति प्राथमिकता से की जाए। वरना आंदोलन किया जाएगा।
बसन्त कुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा

स्थाई स्थानांतरण नीति के पांच साल के कांग्रेस सरकार के राग अलापने के बाद भाजपा सरकार भी उसी तर्ज पर कार्ययोजना बना रही है। स्कूलों में शिक्षकों का समान वितरण, रिक्त पदों पर नियुक्ति और शिक्षक के स्वाभिमान की रक्षा से ही सार्वजनिक शिक्षा का ढाँचा मज़बूत होगा। संतुष्ट व निर्भीक शिक्षक ही बच्चों को संतुष्ट कर सकता है। पर अफसोस है कि कोई सरकार इन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं देती।
उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ ( शेखावत)

पदोन्नति के जरिए शिक्षा विभाग में व्यवस्था बेपटरी है। विभाग को डीपीसी के मुद्दे पर िस्थति स्पष्ट करनी चाहिए, जिससे संशय दूर हो सके। 100 दिन की कार्ययोजना से डीपीसी को हटाने के पीछे क्या वजह रही यह भी विभाग को स्पष्ट करना चाहिए।
विपिन शर्मा, शिक्षक नेता,

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