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Table of Contents

सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील की गड़बड़ियों को रोकने व गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार गंभीर हो गई है। इसके लिए सरकार ने अब एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) व आइटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलोजी) का प्रयोग करना तय किया है, जिसे लेकर 100 दिवसीय कार्ययोजना की हाल में हुई समीक्षा बैठक में मंथन किया गया है। बताया जा रहा है कि अब एक ऐप के जरिए स्कूल में मिड-डे-मील की गुणवत्ता व वितरण व्यवस्था को रियल टाइम में जांचा जाएगा।

दो घंटे ऑनलाइन दिया प्रशिक्षण
मिड-डे-मील की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंगलवार को पोषाहार बनाने वाले कुक-कम हेल्पर्स का प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम व इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, जयपुर की ओर से आयोजित दो घंटे का प्रशिक्षण पीईईओ कार्यालय व आइसीटी लैब के जरिए ऑनलाइन हुआ। जिसमें किचन प्रबंधन व स्वच्छता के साथ स्वास्थ्यप्रद पोषाहार बनाने की जानकारी कुक कम हेल्पर्स को दी गई।

Rashidpura Khori Station: भारतीय रेल में हमेशा से एक वाक्य लिखा रहता है- 'रेलवे आपकी संपत्ति है इसे नुकसान न पहुंचाएं'। इस बात को सीकर-चूरू मार्ग स्थित एक रसीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन चरितार्थ करता है। जहां देश का एक ऐसा रेलवे स्टेशन है जो देशवासियों के लिए नजीर बना हुआ है। जिसे ग्रामीण अपने स्तर पर संचालित कर चुके हैं। दरअसल, 1942 में बने इस स्टेशन को कम आय का हवाला देकर रेलवे ने 2004 में बंद कर दिया था। लेकिन ग्रामीणों के प्रयास के चलते रेल मंत्रालय को यहां हरी झंडी देनी पड़ी।

ग्रामीणों के सामूहिक सहभागिता, समर्पण व संघर्ष से सफलता के 'स्टेशन' तक पहुंचने की ये दास्तां पूरे देश के लिए सीखने योग्य विषय है। सीकर-चूरू मार्ग स्थित छोटे से रसीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन को 2004 में बंद करने पर ग्रामीणों ने पहले तो रेलवे की शर्त पर लाखों रुपए खर्च कर अपने स्तर पर पांच साल तक संचालित किया।

 

 

 

रेलवे को देनी पड़ी हरी झंडी

 

 

 

बता दें कि नवंबर 2015 में फिर जब दोबारा स्टेशन बंद होने का खतरा मंडराया तो ग्रामीणों ने फिर उसे बचाने की मुहिम शुरू की। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार रेलवे को फिर से स्टेशन को हरी झंडी देनी पड़ी। अब यही स्टेशन करीब 20 करोड़ की लागत से हाईटेक होकर 9 कर्मचारियों सहित इसी महीने शुरू होने जा रहा है।

 

 

 

स्टेशन का ग्रामीणों ने लिया जिम्मा

 

 

 

यह एक ऐसा रेलवे स्टेशन है जहां ना कोई रेलवे अधिकारी है और ना ही कोई सरकारी कर्मचारी लेकिन इसके बाद भी ट्रेन रुकती है। फिर भी यात्री टिकट खरीदते हैं और उसका पैसा भी रेलवे के एकाउंट में जाता है। 2009 से 2015 तक यानी 6 सालों तक रेलवे स्टेशन का जिम्मा गांव वालों के पास था और अभी भी वह ये काम संभाल रहे हैं। ग्रामीण ही यात्रियों की टिकट कांटते हैं। खुद स्टेशन की साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं और सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर भी चौकन्ने रहते हैं।

 

 

 

रेलवे ने घाटे के चलते बंद की सेवा

 

 

 

जानकारी के अनुसार, 2005 में जयपुर से चूरू के रास्ते में पड़ने वाले रसीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन को रेलवे विभाग ने घाटे के चलते बंद कर दिया था। ऐसे में यहां आस-पास रहने वाले हजारों लोगों के लिए आवागमन का संकट खड़ा हो गया। कई सालों तक ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे। लेकिन बात नहीं बनी साल 2009 में रेलवे स्टेशन को दोबारा शुरू करने के लिए एक शर्त पर तैयार हुआ। शर्त रखी गई थी कि 300000 टिकट खरीद जरूरी है यदि ऐसा नहीं होता है तो स्टेशन बंद हो जाएगा। ऐसे में ग्रामीणों ने चंदा जुटाया और रेलवे स्टेशन चालू हो गया।

 

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नीमकाथाना. जिले के चीपलाटा ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार आत्महत्या मामले में पीडि़त परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता व न्याय की मांग को लेकर कलक्टर शरद मेहरा व एसपी प्रवीण नायक नुनावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी राज को ज्ञापन सौंपा। संवैधानिक विचार मंच संस्थापक गिगराज जोडली ने कहा कि मामले में पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पीडि़त परिवार को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी मिली है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले को लेकर पुलिस गंभीर है जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। मृतक ललित कुमार की बहन पूजा ने बताया कि उनका भाई कानपुर से आईआईटी ग्रैजुएट थे। ग्राम विकास अधिकारी के पद पर लगे। लेकिन दबंग भ्रष्टाचारियों ने उसके भाई को मानसिकरूप से इतना प्रताडि़त किया कि उससे वह तंग आकर आत्महत्या कर ली। परिवार के लोगों ने मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। संवैधानिक विचार

सचिन माथुर। प्रदेश की सरकारी स्कूलों का एक बार फिर एकीकरण होगा। इस बार भी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को नजदीकी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। इस बार एकीकरण का आधार नामांकन नहीं स्कूल की कक्षाएं होंगी। जिसमें कक्षा 6 से 12 व 9 से 12 तक संचालित 186 सरकारी स्कूलों में एक साथ कक्षा 1 से 12 तक संचालन के लिए नजदीकी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को उन में समन्वित किया जाएगा। इसको लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने आदेश जारी कर संभाग स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है।

एनईपी का हवाला



शिक्षा निदेशालय के अनुसार प्रदेश में 186 स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। इनमें कक्षा 6 से 12 की 131 तथा कक्षा 9 से 12 के 55 स्कूल शामिल है। इनमें नजदीकी स्कूलों को मर्ज कर यहां कक्षा एक से 12 तक का एक साथ संचालन होगा। एकीकरण के पीछे निदेशक ने नई शिक्षा नीति, अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण व्यवस्था व 15 फरवरी को शिक्षा मंत्री की बैठक के फैसले का हवाला दिया है।

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कमेटी में सदस्य



एकीकरण की टीम का संयोजक संबंधित संयुक्त निदेशक को बनाया गया है। डीईओ प्रारंभिक शिक्षा, डाइट प्रतिनिधि तथा एक प्रधानाचार्य या समकक्ष महिला शिक्षा अधिकारी को सदस्य तथा डीईओ (माध्यमिक) को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

बेहद जरूरी मुद्दों पर होगा मंथन



कमेटी इस बात की जांच करेगी कि कक्षा 1 से 12 की बजाय कक्षा 6 से 12 व 9 से 12 का स्कूल का संचालन किन कारणों से किया जा रहा है। दूसरा, यदि इन स्कूलों में नजदीकी स्कूल मर्ज करें तो कक्षा 1 से 12 तक के संचालन के लिए उसका भवन पर्याप्त होगा या नहीं। स्कूल मर्ज होने पर छात्राओं को आने जाने में किसी तरह की सुविधा का सामना तो नहीं करना पड़ेगा।

एकजुट होकर करेंगे आंदोलन - उपेंद्र शर्मा



राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने कहा पिछले कार्यकाल में भी भाजपा सरकार ने एकीकरण के नाम पर 19 हजार 900 स्कूलों को बंद किया था अब फिर स्कूलों को समन्वित कर बंद करने की आशंका है। यदि आरटीआई के प्रावधानों के खिलाफ कार्य हुआ तो शिक्षक समुदाय एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।

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सीकर/श्रीमाधोपुर। हल्के के पटवारी का बास निवासी जवान कमल किशोर बुधवार रात को शहीद हो गया था जिसका गमगीन माहौल में शुक्रवार को पैतृक गांव पटवारी का बास की नीमवाली ढाणी में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद कमल किशोर को ढाई साल के बेटे नक्षित चौधरी ने मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने शहीद कमल किशोर को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। सेना के अधिकारियों ने शहीद के पुत्र नक्षित व पिता मांगीलाल को तिरंगा व वर्दी सौंपी।

 

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जानकारी के अनुसार जवान कमल किशोर बिजारणिया श्रीनगर में तैनात था। अपनी ड्यूटी के दौरान कमल किशोर अपनी टीम के साथ मिशन पर था। इसी दौरान वह अचेत होकर गिर गया। इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्ट्या माना जा रहा है सांस लेने में तकलीफ या हार्ट अटैक के कारण उसका निधन हो गया। जैसे ही जवान के शहीद होने का समाचार बटालियन के साथियों व गांव में ग्रामीणों को लगा तो शोक की लहर छा गई।

 

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जवान कमल किशोर 2016 में सेना में भर्ती हुआ था और 2017 से आर्मी में 123 टीए ग्रेनेडीर बटालियन इको कंपनी में श्रीनगर नगर तैनात था। जवान कमल किशोर का शुक्रवार सुबह पार्थिव देह बाई प्लेन जयपुर पहुंचा, जहां से जवान की पार्थिव देह को सेना के ट्रक में सड़क मार्ग से श्रीमाधोपुर लाया गया। श्रीमाधोपुर के बाईपास स्थित हावड़ा मोड़ पर जब जवान का पार्थिव पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने जवान कमल किशोर अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाए।

यहां से सेना के ट्रक को फूलों से सजाया कर और तिरंगे में लिपटी जवान की पार्थिव देह को तिरंगा बाइक रैली के साथ पैतृक गांव पटवारी का बास के लिए रवाना हुए। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण और स्कूली छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा कमल किशोर का नाम रहेगा और भारत माता के जयकारे लगाते चल रहे थे।

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शाहिद की पार्थिव देह घर पहुंचती घर में कोहराम मच गया और वीरांगना व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शहीद कमल किशोर को श्रद्धांजलि देने यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती, खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला, सीकर जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी, एएसपी गजेन्द्र सिंह जोधा, सीओ खण्डेला इंसार अली, थानाधिकारी जाजोद अशोक सिंह, सेना के सीओ नरेंद्र सिंह सहित सेना के जवानों पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम विदाई दी।

Amrit Bharat Station Scheme: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नीमकाथााना रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य होगा। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के 6 अमृत भारत स्टेशनों एवं 44 रेल फ्लाईओवर/अंडरपास का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। मंडल रेल प्रबंधक विकास पुरवार व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर कैप्टन शशि किरण नें बताया कि वर्तमान में जयपुर मंडल सहित उत्तर पश्चिम रेलवे में रेल विकास की विभिन्न परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं।

जयपुर रेल मंडल के 16 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न समपार फाटकों पर आरओबी/आरयूबी अथवा सीमित ऊंचाई के पुल बनाने का कार्य किया जाएगा, जिनमें नीमकाथाना का रेलवे स्टेशन व सीकर जिला का फतेहपुर स्टेशन शामिल है। रेल यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिले इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा विभिन्न स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना बनाई है।
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इस योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों की मास्टर प्लान तैयार करना और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए चरणों में मास्टर प्लान का कार्यान्वयन करना है। गौरतलब है कि जयपुर मंडल पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री भार को देखते हुए पूर्व में 15 स्टेशनों का चयन किया गया हैं जिनमे रेवाड़ी, खैरथल, अलवर, राजगढ़, बांदीकुई, दौसा, आसलपुर जोबनेर, फुलेरा, नरेना, रींगस, सीकर, झुंझुनू, फतेहपुर शेखावाटी, नीमकाथाना, नारनौल स्टेशन शामिल है।

स्टेशन पर ये होंगे कार्य
अमृत भारत योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर लैंडस्केप के साथ सर्कुलेटिंग एरिया का विकास होगा। अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार बनाया जाएगा। टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग की सुविधाएं की जाएगी। यात्री क्षमता के अनुसार पर्याप्त क्षेत्र में प्रवेश हॉल का निर्माण, कोच इंडिकेशन बोर्ड का प्रावधान, मोर्डेन सुविधा युक्त वेटिंग रूम बनाया जाएगा। स्टेशन भवन के आंतरिक व बाहरी भाग में उत्कर्ष सजा-सज्जा, स्थानीय लोक कला से निर्माण, नए प्लेटफार्म शेल्टर, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं होगी। बेहतर साइनेज की सुविधाएं 12 मीटर चौड़ाई के फु ट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं एस्केलेटर इत्यादि यात्री सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
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स्टेशनों पर इतना होगा खर्च
जिन स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास होगा उनके मास्टर प्लान के सांगानेर रेलवे स्टेशन पर 192 करोड़, दौसा रेलवे स्टेशन पर 15.17 करोड़, राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर 13.09 करोड़, खैरथल रेलवे स्टेशन पर 12.78 करोड़ , नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर 16.15 करोड, फतेहपुर शेखावाटी रेलवे स्टेशन पर 15.57 करोड़ रुपए की लागत के कार्य कराए जाएंगे।

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा केन्द्रों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी अस्पतालों के फार्मासिस्ट को अस्पताल प्रबंधन को दवा केन्द्रों पर उपलब्ध व खपत होने वाली दवाओं की सूचना देनी होगी। इससे आउटडोर व इंडोर में मौजूद चिकित्सकों को मरीजों को दवा के अन्य विकल्प लिखने में मदद मिलेगी। जिससे मरीजों को निशुल्क दवाएं नहीं मिलने पर निजी दुकानों पर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके लिए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससीएल) ने प्रदेश के सभी सीएमएचओ और अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
स्थानीय खरीद बढ़ेगी
आरएमएससीएल के अनुसार निशुल्क दवा योजना का मॉडल कई राज्यों ने अपनाया था लेकिन इसके बावजूद कई चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क दवा की उपलब्धता और उपकरण व मशीनों के रखरखाव को लेकर प्रबंधन की ओर से गंभीरता नहीं बरती जाती है। जिससे अक्सर कई विशेष प्रकार की दवाएं कम हो जाती है। यही कारण है कि मरीजों अस्पतालों बढ़ तो रहे हैं लेकिन मरीजों को निशुल्क दवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

प्रदेश की सरकारी स्कूलों का फिर एकीकरण होगा। इस बार भी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को नजदीकी सीनियर सैकंडरी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। हालांकि इस बार एकीकरण का आधार नामांकन नहीं स्कूल की कक्षाएं होगी। जिसमें कक्षा 6 से 12 व 9 से 12 तक संचालित 186 सरकारी स्कूलों में एक साथ कक्षा एक सेे 12 तक संचालन के लिए नजदीकी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को उनमें समन्वित किया जाएगा। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने आदेश जारी कर संभाग स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है।

186 स्कूलों में एकीकरण, एनईपी का हवाला
शिक्षा निदेशालय के अनुसार प्रदेश में 186 स्कूल में प्राथमिक कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा। इनमें कक्षा 6 से 12 की 131 तथा कक्षा 9 से 12 के 55 स्कूल शामिल है। इनमें नजदीकी स्कूलों को मर्ज कर यहां कक्षा एक से 12 का एक साथ संचालन होगा। एकीकरण के पीछे निदेशक ने नई शिक्षा नीति, अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षण व्यवस्था व 15 फरवरी को शिक्षा मंत्री की बैठक के फैसले का हवाला दिया है।


कमेटी में इनको किया शामिल
संभाग स्तर पर गठित एकीकरण की टीम का संयोजक संबंधित संयुक्त निदेशक को बनाया गया है। जिसमें सीडीईओ व समग्र शिक्षा डीपीसी, डीईओ प्रारंभिक शिक्षा, डाइट प्रतिनिधी तथा एक प्रधानाचार्य या समकक्ष महिला शिक्षा अधिकारी को सदस्य तथा डीईओ (माध्यमिक) को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

इन मुद्दों पर मंथन करेगी कमेटी
कमेटी इस बात की जांच करेगी कि कक्षा एक से 12 की बजाय कक्षा 6 से 12 व 9 से 12 का स्कूल का संचालन किन कारणों से किया जा रहा है। दूसरा, यदि इन स्कूलों में नजदीकी स्कूल मर्ज करें तो कक्षा 1 से 12 तक संचालन के लिए उसका भवन पर्याप्त होगा या नहीं? इसके अलावा स्कूल मर्ज होने पर किसी स्कूल की छात्राओं को आने- जाने में तो किसी असुविधा या अराजक स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन तीन मुद्दों पर मंथन के बाद कसौटी पर सही पाए जाने पर स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा।

इनका कहना है...
पिछले कार्यकाल में भी भाजपा सरकार ने एकीकरण के नाम पर 19 हजार 900 स्कूल बंद की थी। अब फिर स्कूलों को समन्वित कर बंद करने की आशंका है। यदि आरटीई के प्रावधानों के खिलाफ कार्य हुआ तो शिक्षक समुदाय एकजुट होकर छात्र व अभिभावक हित में आंदोलन करेगा।
उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)

चिकित्सा विभाग की भर्तियों को लेकर सीएम व चिकित्सा मंत्री के तेजी दिखाने के बाद अब सीफू प्रशासन भी एक्शन मोड में आ गया है। अब तक आठ केडर की भर्तियों में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन को लेकर चल रही कवायद के बीच सीफू ने पैटर्न बदल लिया है। राजस्थान पत्रिका ने चिकित्सा विभाग की अटकी भर्तियों के मामले में एक्सपर्ट से बातचीत कर तीन दिन पहले ही सुझाया था कि राजस्थान लोक सेवा आयोग व कर्मचारी चयन बोर्ड के पैटर्न पर अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन कराया जाए तो बेरोजगारों को जल्दी राहत मिल सकती है। चिकित्सा विभाग ने भी राजस्थान पत्रिका के समाचार पर मुहर लगाते हुए इसी पैटर्न से बाहरी राज्यों से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के लिए अलग-अलग राज्यों में टीम भेजने का फैसला लिया है। पहले चरण में चिकित्सा विभाग ने तीन भर्तियों के चयनितों के दस्तावेज के लिए टीम सात दिन में रिपेार्ट देगी। ऐसे में इन भर्तियों का परिणाम इस महीने के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह में जारी हो सकता है।

इधर, परिवेदनाओं के निस्तारण की तैयारी
चिकित्सा विभाग ने आठ केडर की भर्तियों के लिए अलग-अलग रोडमैप तैयार किया है। सबसे पहले तीन सबसे छोटी भर्तियों का परिणाम जारी किया जाएगा। इनके दस्तावेजों की जांच के दौरान अन्य भर्तियों में लगी परिवेदनाओं के निस्तारण की पहल होगी। वहीं विभाग की विधिक टीम ने भर्ती को न्यायिक विवादों से बचाने के लिए महाधिवक्ता से राय लेने की भी तैयारी कर ली है।

बेरोजगारों ने किया पूर्व विधायक का अभिनंदन
नर्सिंग व पेरामेडिकल भर्तियों को अनलॉक कराने में सकारात्मक भूमिका निभाने पर बेरोजगारों की ओर से पूर्व विधायक रामलाल शर्मा का चौमूं में अभिनंदन किया। सीकर, नीमकाथाना, चूरू व झुंझुनूं सहित प्रदेश के कई जिलों के सैकड़ों बेरोजगारों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार पूरी तरह से बेरोजगारों के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेरोजगारों को राहत देने के लिए सत्ता में आते ही सबसे पहले पेपर लीक माफिया पर नकेल कसी है। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष खुशीराम मीना, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र गुर्जर, क्रीडा मंत्री राहुल जाखड़, जिला उपाध्यक्ष रोबिन, रविकान्त ,राजपाल मीना, निर्मला आदि ने कहा कि 23 दिन के आंदोलन के दौरान पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया था। इसके बाद अब बेरोजगारों को खुशियां मिली है। प्रदेश महासचिव सुरेंद्र गुर्जर ने बताया कि पूर्व विधायक ने सरकार, चिकित्सा विभाग और बेरोजगारों के बीच कड़ी बनकर काम किया। इस वजह से मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग की 20 हजार भर्तियों को पूरा कराने की बात कही है।

एक्सपर्ट की लेनी चाहिए मदद
सरकार भले ही किसी भी पैटर्न से दस्तावेजों की जांच कराए, लेकिन बेरोजगारों को राहत मिलनी चाहिए। यदि सीफू की ओर से प्लानिंग के तहत काम नहीं किया गया तो मामला आचार संहिता के फेर में उलझ सकता है। सीफू को एक्सपर्ट की मदद लेकर जल्द नियुक्ति देनी चाहिए।
खुशीराम मीणा, प्रदेश अध्यक्ष, नर्सिंग एसोसिएशन

विभाग को भी राहत
मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री ने बेरोजगारों की परेशानी को समझते हुए भर्तियाें को आगे बढ़ाने की पहल की है जो सराहनीय है। लगभग 20 हजार 500 पदों पर भर्ती होने से चिकित्सा विभाग को भी राहत मिलेगी।
सुरेन्द्र शुक्ला

संघर्ष की जीत
बेरोजगारों के 23 दिन के संघर्ष की यह जीत है। सरकार को अब नियुक्ति देने का कलैण्डर घोषित करना चाहिए। जिन भर्तियों में ज्यादा अड़चन नहीं है उनका परिणाम जल्द जारी करना चाहिए जिससे बेरोजगारों को राहत मिल सके।
राजपाल मीणा, प्रवक्ता

अब लगातार हो मॉनिटरिंग
सरकार की ओर से अब लगातार इन भर्तियों की मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। क्योंकि पिछली सरकार ने भी आचार संहिता के समय इन भतियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन चिकित्सा विभाग और सीफू की लापरवाही से मामला उलझ गया था।
रोबिन, जिला उपाध्यक्ष

स्थायी भर्तियों से ही राहत
चिकित्सा विभाग में लंबे अर्से बाद स्थायी भर्ती हो रही है। चिकित्सा विभाग को भविष्य में भी स्थायी भर्तियों की तरफ ही आगे बढ़ना चाहिए। जब तक चिकित्सकीय संस्थाओं में मरीजों के अनुपात में स्टाफ नहीं होगा तब तक राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
देवकिशन लोढा

अब तक हो जानी चाहिए थी नियुक्ति
चिकित्सा विभाग की आठ केडर की भर्तियों में अब तक नियुक्ति होनी चाहिए थी। लेकिन भर्ती एजेन्सी की लापरवाही की वजह से मामला उलझा हुआ रहा था। अब सरकार को जल्द बेरोजगारों को राहत देने का काम करना चाहिए।
नीतू

इंतजार होगा पूरा
बेरोजगारों को कई महीनों से नौकरी की आस है। उम्मीद है कि सीएम व चिकित्सा मंत्री की घोषणा के बाद जिम्मेदारों और तेजी से काम करेंगे। सरकार की इस पहल से बेरोजगारों की नौकरी का इंतजार पूरा होगा।
ज्योति कुमारी

शहरवासियों के लिए राहतभरी खबर है। झुंझुनूं बाईपास पर दिनभर लगे रहने वाले जाम से शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी। लगभग 86 करोड़ की लागत से दासा की ढाणी पर बनने वाले फोरलेन ओवरब्रिज का 26 फरवरी को पीएम नरेन्द्र मोदी वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। लगभग दो साल में यह ओवरब्रिज तैयार होगा। इससे सीकरवासियों के साथ झुंझुनूं के लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी। पिछले कई वर्ष से इस फाटक पर पुलिया बनाने की मांग गूंज रही थी। सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने भी कई बार इस मामले को लोकसभा में भी उठाया था। पिछले साल सरकार ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। अब लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने नीमकाथाना व फतेहपुर रेलवे स्टेशनों को भी चमकाने की तैयारी कर ली है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नीमकाथााना रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य होगा। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के 6 अमृत भारत स्टेशनों एवं 44 रेल फ्लाईओवर/अंडरपास का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। मंडल रेल प्रबंधक विकास पुरवार व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर कैप्टन शशि किरण नें बताया कि वर्तमान में जयपुर मंडल सहित उत्तर पश्चिम रेलवे में रेल विकास की विभिन्न परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। जयपुर रेल मंडल के 16 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न समपार फाटकों पर आरओबी/आरयूबी अथवा सीमित ऊंचाई के पुल बनाने का कार्य किया जाएगा, जिनमें नीमकाथाना का रेलवे स्टेशन व सीकर जिला का फतेहपुर स्टेशन शामिल है। रेल यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिले इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा विभिन्न स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना बनाई है। इस योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों की मास्टर प्लान तैयार करना और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए चरणों में मास्टर प्लान का कार्यान्वयन करना है। गौरतलब है कि जयपुर मंडल पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री भार को देखते हुए पूर्व में 15 स्टेशनों का चयन किया गया हैं जिनमे रेवाड़ी, खैरथल, अलवर, राजगढ़, बांदीकुई, दौसा, आसलपुर जोबनेर, फुलेरा, नरेना, रींगस, सीकर, झुंझुनू, फतेहपुर शेखावाटी, नीमकाथाना, नारनौल स्टेशन शामिल है।

स्टेशन पर ये होंगे कार्य
अमृत भारत योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर लैंडस्केप के साथ सर्कुलेटिंग एरिया का विकास होगा। अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार बनाया जाएगा। टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग की सुविधाएं की जाएगी। यात्री क्षमता के अनुसार पर्याप्त क्षेत्र में प्रवेश हॉल का निर्माण, कोच इंडिकेशन बोर्ड का प्रावधान, मोर्डेन सुविधा युक्त वेटिंग रूम बनाया जाएगा। स्टेशन भवन के आंतरिक व बाहरी भाग में उत्कर्ष सजा-सज्जा, स्थानीय लोक कला से निर्माण, नए प्लेटफार्म शेल्टर, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं होगी। बेहतर साइनेज की सुविधाएं 12 मीटर चौड़ाई के फु ट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं एस्केलेटर इत्यादि यात्री सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।

स्टेशनों पर इतना होगा खर्च
जिन स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास होगा उनके मास्टर प्लान के सांगानेर रेलवे स्टेशन पर 192 करोड़, दौसा रेलवे स्टेशन पर 15.17 करोड़, राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर 13.09 करोड़, खैरथल रेलवे स्टेशन पर 12.78 करोड़ , नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर 16.15 करोड, फतेहपुर शेखावाटी रेलवे स्टेशन पर 15.57 करोड़ रुपए की लागत के कार्य कराए जाएंगे।

पीएम की ओर से 26 फरवरी को कई प्रोजेक्टों की सौागात मिलनी है। दासा की ढाणी में ओवरब्रिज बनने और रेलवे स्टेशन पर कार्य होने से यहां के लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
सुमेधानंद सरस्वती, सांसद, सीकर

राजस्थान में 24 घंटे में मौसम फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा, जो रुक रुक कर एक मार्च तक चलेगा। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 26 फरवरी से हिमालय क्षेत्र में फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसके असर से पहले 26 व 27 तथा इसके बाद 1 मार्च को प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है।

यहां होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं पर हल्की बरसात होने की संभावना है। जबकि पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर व जोधपुर संभागों में बारिश होगी। जबकि 27 फरवरी को पूर्वी राजस्थान के केवल उदयपुर व कोटा संभागों में हल्की बरसात होगी। जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम साफ रहेगा। मौसम केंद्र के अनुसार इसके बाद 28 और 29 फरवरी को दो दिन तक मौसम साफ रहेगा।

नए महीने की बारिश से शुरुआत
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार मार्च महीने की शुरुआत भी बारिश के साथ होगी। एक मार्च को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा, उदयपुर व अजमेर संभागों तथा पश्चिम राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभागों में कहीं-कहीं बरसात होने की संभावना है।

JEE Main Result 2024 Paper 2: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन अप्रैल सेशन की आवेदन प्रक्रिया में फीस पेमेंट में आ रही परेशानी को एनटीए ने सुधार दिया है। जेईई-मेन दूसरे सेशन की आवेदन प्रक्रिया जारी है, जिसमें अभी तक 1 लाख 40 हजार नए यूनीक कैंडिडेट आवेदन कर चुके हैं और अंतिम तिथि 2 मार्च तक है। जनवरी सेशन के लिए 12 लाख 31 हजार स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था, अब दोनों सेशन मिलाकर यूनीक कैंडिडेट की संख्या 14 लाख के करीब होने की संभावना है। ऐसे में इस वर्ष जेईई-मेन में बैठने वाले स्टूडेंट्स की संख्या गत 5 वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक होगी। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष चल रही आवेदन प्रक्रिया के आवेदन शुल्क जमा करवाने में स्टूडेंट्स को समस्या आ रही थी।

ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने पूर्व में केवल जनवरी सेशन के लिए ही आवेदन किया था और उसी के अनुरूप आवेदन शुल्क जमा कराया था। ये स्टूडेंट्स दूसरे सेशन के लिए आवेदन करना चाह रहे थे तो उन्हें आवेदन के दौरान परीक्षा शुल्क जमा करने का विकल्प ही नहीं मिल पा रहा था और स्वत: ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण दिखाकर दोनों सेशन के लिए आवेदन का कर्न्फेमेशन दिया जा रहा था, जबकि परीक्षा शुल्क में केवल एक सेशन का ही परीक्षा शुल्क दिखाई दे रहा था। ऐसे में स्टूडेंट्स दूसरे सेशन के आवेदन शुल्क को जमा कर पा रहे थे, और ना ही दूसर आवेदन नए कैंडिडेट की तरह भर पा रहे थे। अब इस तकनीकी समस्या का समाधान करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इन स्टूडेंट्स के लिए आवेदन शुल्क भुगतान करने का विकल्प दे दिया है। अब स्टूडेंट्स दूसरे सेशन के लिए आवेदन शुल्क का अलग भुगतान कर पा रहे हैं। इस सुधार के बाद हजारों स्टूडेंट्स को राहत मिली है।
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नहीं तो जेईई-मेन के दोनों आवेदन हो जाएंगे निरस्त


ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने पूर्व में जेईई-मेन जनवरी के लिए आवेदन किया हुआ है, उन्हें पुराने आवेदन क्रमांक एवं पासवर्ड सहित लॉगइन कर आवेदन करना चाहिए, क्योंकि जनवरी परीक्षा देने के उपरान्त अपने पुराने आवेदन क्रमांक एवं पासवर्ड से ही आवेदन करना होता है।
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यदि एक विद्यार्थी जनवरी व अप्रैल दोनों सेशन के लिए अलग-अलग आवेदन क्रमांक से आवेदन करता है तो उसके दोनों ही आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। साथ ही इन विद्यार्थियों के दो आवेदन होने पर दो आल इंडिया रैंक जारी की जा सकती है, जिसमें विद्यार्थियों के आवेदन को लेकर संशय हो जाता है। ऐसे मामलों में एनटीए एक विद्यार्थी द्वारा किए गए मल्टीपल एप्लीकेशन को अनफेयर की श्रेणी में मानते हुए आवेदन निरस्त कर सकती है। ऐसे स्टूडेंट्स जिनका जनवरी जेईई-मेन में एनटीए स्कोर अपेक्षानुसार नहीं है, उन्हें आवश्यक रूप से दूसरे सेशन के लिए आवेदन करना ही चाहिए, क्योंकि दोनों परीक्षाएं देने पर उनके उच्चतम एनटीए स्कोर के आधार पर ऑल इंडिया जारी की जाती है।

प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों सहित सभी कार्मिकों का विवरण एवं फोटो अब विद्यालय की दीवार पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके पीछे विभाग की मंशा है कि विद्यालय में आने वाले अधिकारी एवं अन्य आगंतुक एक नजर में स्टाफ का विवरण जान सके। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर इसकी पालना रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए है। निदेशक ने आदेश में प्रदेश के मुख्य सचिव व शासन सचिव सहित अन्य निर्देशों का हवाला देते हुए बताया है कि विद्यालय की शैक्षिक व प्रशासनिक वस्तुस्थिति का अधिकारियों द्वारा एक नजर में अवलोकन करने के उद्देश्य से सभी आवश्यक सूचनाएं "विद्यालय एक नजर में" (स्कूल एट ए ग्लांस) शीर्षक से संकलित कर प्रदर्शित करने के निर्देश उच्चाधिकारियों से मिले है। इन्हीं निर्देशों के तहत विद्यालय में कार्यरत सभी कार्मिकों के विवरण की सूचना भी हमारे शिक्षक/कार्मिक शीर्षक के साथ चस्पा किए जाएं। आदेश में सभी कार्मिकों की नवीनतम फोटो एवं प्रमुख जानकारी स्कूल में ऐसे स्थान पर लगाने के निर्देश दिए है, जहां पर आगंतुक इनका अवलोकन सहजता के साथ कर सकें।

यह सूचनाएं करनी होंगी चस्पा
आदेश के अनुसार स्कूल में "हमारे शिक्षक/कार्मिक" शीर्षक के साथ प्रत्येक शिक्षक/कार्मिक का नाम, नवीनतम फोटो, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता तथा पदमय विषय का विवरण बनाकर पूरी सूची चस्पा की जाएगी। आदेश में निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यह जानकारी सभी विद्यालयों में संपादित करवाने के निर्देश संस्था प्रधानों को जारी करें तथा इसकी पालना से निदेशक को अवगत करावें।

सीकर। Rajasthan News : सौतेली मां के अत्याचार की कहानियां फिल्मों व धारावाहिक में दिखाई देती थी, लेकिन अब ऐसी कहानियां समाज में भी दिखाई देने लगी है। हम ऐसी ही एक सौतेली बेटी की दुखभरी कहानी से रुबरू करवा रहे हैं। समाज के जागरुक लोगों ने कोतवाली थाना में दी शिकायत में बताया कि फतेहपुर रोड फारुकी मस्जिद के पास रहने वाली 13 साल की बच्ची पर उसकी सौतेली मां आए दिन अत्याचार कर रही है।

बच्ची को स्थानीय लोग सखी सेंटर लेकर गए और पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी। बच्ची की मां पूर्व में अपने पति की प्रताड़नाओं से परेशान होकर तलाक ले चुकी है, अब उसकी बेटी के साथ सौतेली मां व सौतेली नानी मारपीट कर रही है और पढ़ाई तो दूर की बात खाना तक नहीं देती है। यहां तक कि बच्ची को स्कूल में पढ़ने भी नहीं जाने दिया जाता था।

 

बच्ची के सिर के बाल नोंचे, जगह-जगह जख्म

 

सखी सेंटर पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि बच्ची को कई दिनों से खाना नहीं दिया गया। बच्ची साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है, उसके सिर में जगह-जगह से बाल नौंचे हुए हैं। बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान और पैरों में सूजन आ रही है, उसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा है। शरीर पर पुराने जलने के निशान हैं। बच्ची स्कूल जाती तो उसकी सौतेली मां उसको पीटती और घर का सारा कामकाम करवाने के बाद भी खाना नहीं देती थी। बिसायती यूथ ब्रिगेड, सर्व समाज सेवा सहित सहित कई लोगों ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस थाना में दी है।

 

पिता ने भी दिया साथ

 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिता इमरान भी बेटी का ध्यान नहीं रख रहा है। बेरहम सौतेली मां ने बच्ची के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया और जाट बाजार में छोड़ आई। स्थानीय लोगों के फोन करने पर चाइल्ड हेल्प लाइन ने उसे श्री कल्याण स्कूल के पीछे स्थित सखी सेन्टर में छोड़ा। तीन दिन से बच्ची सखी सेंटर में ही है, लेकिन उसके पिता व सौतेली मां ने उसकी कोई खैर खबर नहीं ली है।

यह भी पढ़ें : राजस्थान के खैरथल में पति-पत्नी की आत्महत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दोनों जोड़े शुक्रवार की शाम से घर से लापता थे। कुछ घंटों बाद दोनों के शव खेत में मिले। घटना की जानकारी होने पर ग्रामीण सन्न रह गए। पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें...

सीकर। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में युवक को अपराधियों से छुड़ाया है। नेछवा थाना इलाके में तीन हार्डकोर आरोपियों ने 15 लाख फिरौती के लिए एक युवक का अपहरण कर लिया। पुलिस ने सूचना मिलते ही कड़ी नाकाबंदी कर और हार्डकोर बदमाशों का करीब 50 किलोमीटर पीछा कर मीरण गांव के पास आरोपियों को घेर कर युवक को छुड़वाया। अपहर्ताओं में एक सालासर थाने का हिस्ट्रीशीटर बहादुर सिंह उर्फ पहलवान भी शामिल था। पुलिस ने बहादुर सिंह व उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

 

सूचना के बाद नाकेबंदी, फिर घेरकर दबोचा

 

नेछवा थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर सूचना मिली कि गाड़ी में सवार युवकों ने गनेड़ी गांव में हाइवे पर एक गाड़ी को टक्कर मारकर उदयपुर के डबोक निवासी युवक अश्विन सिंह राजपूत का अपहरण कर लिया। पुलिस ने सूचना मिलते ही जिलेभर में नाकाबंदी करवाई और आरोपियों की गाड़ी का पीछा किया। पुलिस की नाकाबंदी से बचने के लिए आरोपियों ने मुख्य हाइवे छोड़ गांवों के रास्तों से भागने की जुगत लगाई।

पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मीरण गांव के पास मिली। देर शाम तक पुलिस ने मीरण गांव के सभी रास्तों को घेर लिया। मीलों की ढ़ाणी के पास पुलिस ने अपने वाहनों को आरोपियों की गाड़ी के सामने लगाकर उनको घेर कर पकड़ लिया। गाड़ी से अपह्त युवक अश्विन सिंह राजपूत को छुड़वाया तथा तीन अपहरण करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।

 

अपराधी के खिलाफ 13 से ज्यादा जिलों में मुकदमे

 

तीनों बदमाशों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट के पास पेश किया, जहां से न्यायालय ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस की गिरफ्त में आये तीनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। आरोपी बहादुर सिंह उर्फ पहलवान निवासी खारिया कनीराम सालासर थाने का हिस्ट्रीशीटर है तथा हार्डकोर अपरोधी है।

हार्डकोर बहादुर के खिलाफ प्रदेश के खिलाफ प्रदेश के राजसमंद, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, नीमकाथाना, शाहपुरा, सीकर, सालासर, चूरू, हरियाणा, कुचामन सिटी व चित्तौड़गढ़ सहित अन्य जगह 30 मुकदमे दर्ज है। अरविन्द सिंह उर्फ अरबी के खिलाफ सालासर थाने में तीन मुकदमे दर्ज है। वहीं गजेन्द्र सिंह के खिलाफ सात मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज है।

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rani alert in rajasthan: राजस्थान में ये सप्ताह बारिश वाला रहेगा। हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से ऐसा होगा। जिसकी शुरूआत सोमवार से होगी। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पहले दो दिन हल्की बारिश होगी। इसके बाद दो दिन मौसम साफ रहने के बाद नया पश्चिमी विक्षोभ फिर बरसात लाएगा। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र ने संभागवार अलर्ट जारी किया है।

इस सप्ताह यहां होगी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार व मंगलवार को जयपुर, अजमेर, भरतपुर तथा पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभाग में हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 28 व 29 फरवरी को मौसम साफ रहेगा। पर इसके बाद फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसके असर से 1 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभागो में बारिश होगी। दो मार्च को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा व अजमेर तथा पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभाग में बारिश होगी। मौसम केंद्र के अनुसार इस दौरान बारिश की गति हल्की ही रहने की संभावना है।

तेज हवाएं चली, बढ़ा पारा
इससे पहले बादल छाए रहने से अंचल के तापमान में फिर बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। शेखावाटी के फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र में इस दौरान तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री की बढ़त के साथ 12 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से आगामी दिनों में भी तापमान बढ़ा हुआ रहेगा।

प्रदेश में सहकारिता की रीढ़ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब किसानों को बैंकिंग सहित ईमित्र सरीखी सुविधाएं दी जाएगी। ऑनलाइन होने से किसानों को बैंक संबंधी काम होने पर नहीं जाना पड़ेगा। कोर बैंकिंग में किसी भी सहकारी समिति का सदस्य किसी भी सहकारी बैंक या समिति से नकद या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकता है। सहकारी समितियों को ऑनलाइन करने के लिए कम्प्यूटर व उपकरणों को भिजवा दिया गया है। पहले चरण में सीकर जिले की 245 और प्रदेश की करीब 5500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ऑनलाइन करने के लिए केन्द्र स्तर पर कवायद की जा रही है।

यों समझे फायदा

सहकारी समितियों पर फिलहाल फसली लोन देने, जमा करने, खाद-बीज वितरण करने के ही काम हो रहे हैं। इससे समितियों पर होने वाले खर्च की राशि बढ़ रही है। बैंकिंग क्षेत्र में दस्तावेजों की अनिवार्यता लागू होने के कारण किसानों को मजबूरी में ई मित्र सेवा केन्द्रों पर जाकर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करनी पड़ती है। समितियों को कम्पूटराइज्ड करने के साथ आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ई मित्र सरीखी सुविधाएं देने की योजना है। इससे किसानों को गांव में ही आधार अपडेशन, ऑनलाइन जमाबंदी, पैनकार्ड, किसान सम्मान निधि की इकेवाईसी, पंजीयन व पानी बिजली के बिल जमा करवाने की सुविधा मिलने लगेगी।

इनका कहना है

ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। पहले चरण में जिले की 245 समितियों तक मशीनरी व उपकरण भेजे जा रहे हैं। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़ने की कवायद चल रही है। प्रक्रिया अगले माह तक पूरी होने से किसानों को फायदा होगा।

योगेश शर्मा, एमडी सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक

चाचा के साथ बकरे खरीदने गया युवक चाचा को बिना बताए ही सीकर आ गया। चाचा ने उसे गांवों में ढूंढा व फोन भी किए लेकिन उसने फोन नहीं उठाए। कोतवाली थाना पुलिस में शिकायत दी तो पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली व फोन की लोकेशन ट्रेस की तो युवक का शव फतेहपुर रोड पर एक बाड़े में मिला। परिजनों व मोहल्ले के लोगों ने हत्या का अंदेशा जताकर कोतवाली थाना की मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन् किया। घटना के बाद सदमे में युवक की दादी लाड़ो (85) की मौत हो गई। पुलिस ने समझाइश कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक ही घर में दो जनों के जाने से परिवार व मोहल्ले में गमगीन माहौल है।

कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि मृतक युवक मोहम्मद सूफियान (24) निवासी मोहल्ला व्यापरियान, सीकर अपने चाचा मोहम्मद हारुन व शफीक के साथ पिकअप गाड़ी में बकरे खरीदने के लिए दांतारामगढ़ क्षेत्र के गांवों में गया था। इस दौरान हारून व शफीक ने भतीजे मोहम्मद सूफियान को धींगपुर गांव में छोड़ दिया और आगे दूसरे गांवों में चले गए। शनिवार शाम को दोहपर करीब तीन बजे मोहम्मद हारुन ने फ्री होने के बाद सूफियान को फोन किया तो सूफियान कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। जबकि मोबाइल फोन पर लगातार रिंग जा रही थी। हारून ने सूफियान की तलाश काफी जगह की और पूछताछ की लेकिन हारून का कहीं कुछ पता नहीं चला।
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धींगपुर गांव से युवक सीकर आया :
हारून ने अपने परिजनों के साथ कोतवाली थाने में जाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने सूफियान की लोकेशन ट्रेस की। सूफियान की लोकेशन फतेहपुर रोड रॉयल किंग होटल के सामने वाली गली में एक सूने नोहरे में आ रही थी। परिजनों व पुलिस ने नोहरे में जाकर देखा तो सूफियान बेहोश हालत में नोहरे में पड़ा हुआ था। परिजनों ने सूफियान को एसके अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया। एएसआई हिदायत अली ने बताया कि मृतक एक जगह सीसीटीवी फुटेज में इंजेक्शन के साथ नजर आया है।
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कॉल डिटेल से खुलेंगे राज
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने सूफियान को कॉल कर अकेला नोहरे में बुलाया था और उसका मर्डर कर दिया। परिजनों ने मांग की है कि पुलिस सूफियान के कॉल डिटेल निकाल कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे और कानूनी कार्रवाई करे। पुलिस से समझाइश व कुछ युवकों को हिरासत में लेने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।

हमारे युवा के नवाचार पर सरकार की मुहर लगे तो देश के किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसी नवाचार के लिए भारत सरकार की ओर आर्यन को राष्ट्रपति बाल शक्ति पुरस्कार भी दिया है। पिछले दिनों राष्ट्रपति की ओर से आर्यन को यह पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने नीति आयोग के अटल इनोवेशन के तहत यह मॉडल एग्रो बोट 2.0 भी सौप दिया है। रविवार को यूरो स्कूल में मीडिया से रूबरू होते हुए आर्यन ने बताया कि इस नवाचार के जरिए किसानों के साथ सरकार को आईडिया दिया गया है। इसके तहत कोई भी किसान कही भी बैठकर अपने खेत व पैदावार की मॉनिटरिंग कर सकते है। इस पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरा साथी एप बनाने पर उसे मॉय जीओवी डॉट इन पर ब्रांड एम्बेेसडर भी बनाया है। आर्यन का दावा है कि एग्रो बोट 2.0 के जरिए किसान इस रोबोट को उबड़-खाबड़ जमीन पर भी चला सकता है। यह बीज बोने साथ फसलों की कटिंग में भी काफी मददगार है। इससे मिट्टी की उर्वरकता, पौधों की गणना, पानी की आवश्यकता आदि के बारे में आसानी से पता लगा सकते है। वहीं एग्रो बोट 2.0 के जरिए यह भी पता लगाया जा सकता है कि कितनी फसल अब तक खराब हो चुकी है और कितनी फसल अच्छी हालात में है।

राजस्थान के सीकर शहर में चाचा के साथ बकरे खरीदने गांवो में गया युवक चाचा को बिना बताए ही सीकर आ गया। तलाशने पर भी नहीं मिला तो कोतवाली थाना पुलिस में शिकायत दी गई। इस पर पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो युवक का शव फतेहपुर रोड पर एक बाड़े में मिला। जिसका शव देख सदमे में दादी ने भी दम तोड़ दिया। बाद में गमगीन माहौल में दोनों का जनाना उठाया गया।
मामला शहर के मोहल्ला व्यापारियान का है। कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि मृतक युवक मोहम्मद सूफियान (24) अपने चाचा मोहम्मद हारुन व शफीक के साथ पिकअप गाड़ी में बकरे खरीदने के लिए दांतारामगढ़ क्षेत्र के गांवों में गया था। इस दौरान हारून व शफीक ने भतीजे मोहम्मद सूफियान को धींगपुर गांव में छोड़ दिया और आगे दूसरे गांवों में चले गए। शनिवार शाम को दोहपर करीब तीन बजे मोहम्मद हारुन ने फ्री होने के बाद सूफियान को फोन किया तो सूफियान कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। जबकि मोबाइल फोन पर लगातार रिंग जा रही थी। तलाशने पर भी नहीं मिला तो हारून ने कोतवाली थाने में जाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने सूफियान की लोकेशन ट्रेस की। सूफियान की लोकेशन फतेहपुर रोड रॉयल किंग होटल के सामने वाली गली में एक सूने नोहरे में आ रही थी। जहां पहुंचे तो सूफियान बेहोश हालत में नोहरे में मिला। जिसके एसके अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया। परिवार में हालात उस समय और भी दुखद हो गए जब पोते की मौत के बारे में सुनकर 85 वर्षीय दादी लाडो ने भी दम तोड़ दिया।

कॉल डिटेल से खुलेंगे राज
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन भी किया। परिजनों का आरोप था कि सूफियान की हत्या की गई है। आरोपियों ने उसे कॉल कर अकेले नोहरे में बुलाया था। उन्होंने मांग की मृतक की कॉल डिटेल निकाल कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करें। काफी देर प्रदर्शन के बाद पुलिस से समझाइश व कुछ युवकों को हिरासत में लेकर मामला शांत करवाया।

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