>>: Digest for August 07, 2021

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बाड़मेर. मानसून के बादल तो खूब आसमान में दिखे लेकिन एक बार भी जमकर नहीं बरसे। अब तो पिछले दो दिनों से धूप निकल रही है। बारिश की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। सावन का महीना भी आधे के कारीब आ चुका है लेकिन यह भी सूखा बीत रहा है। जिले में अब तक सामान्य से 43.3 एमएम कम बरसात हुई है। बारिश की उम्मीद में किसान के दिन भी इंतजार में बीत रहे हैं।
जिले में बरसात देखा जाए तो मानसून आने से पहले एक बार ही हुई थी। मानसून के बाद देखा जाए तो केवल 39 एमएम बारिश ही हुई है। ऐसे में बरसात का इंतजार बढ़ता जा रहा है और किसान इंतजार में खेतों में है। लेकिन अब तो आसमान में बादल भी नहीं दिख रहे हैं।
सबसे पहले बाड़मेर में आया था मानसून
मानसून के आगमन के बाद कई दिनों तक यह बाड़मेर में अटका रहा। लेकिन यहां बारसा नहीं। जब यहां से आगे की तरफ बढ़ा तो फिर मुड़कर ही देख रहा है। अब तो यह स्थिति हो गई है मानसून कहीं वनवास पर तो नहीं चला गया।
जुलाई के आखिरी और अगस्त में होती है बरसात
जिले में देखा गया है कि जुलाई के आखिरी और अगस्त के शुरू होते ही अच्छी बरसात होती है। लेकिन इस बार अगस्त भी शुरू हो गया। लेकिन बारिश की उम्मीद टूटती दिख रही है। हालांकि उम्मीद अब भी है कि अगस्त महीना बाकी है, जल्द ही अच्छी बारिश हो जाए।
पड़ौसी जिले जैसलमेर में सामान्य से अधिक
बाड़मेर में जहां केवल 79 एमएम पानी ही बरसा है। वहीं जैसलमेर में अब तक 213 मिलीमीटर बारसात हो चुकी है। यह सामान्य से 121.9 एमएम अधिक है। दूसरी तरफ बाड़मेर में अब तक मानसून की मामूली बरसात ही हुई है।
बाड़मेर में 2020 में 302 एमएम बरसा था मानसून
जिले में पिछले मानसून में 302 एमएम बारिश हुई थी। बरसात का सिलसिला सितम्बर तक चला था। लेकिन सबसे अधिक बरसात बरसात अगस्त महीने में हुई थी। जिले के सेड़वा में 16 अगस्त 2020 को एक ही दिन में 100 एमएम बारिश दर्ज हुई थी। मानसून के दौरान किसी एक स्थान पर एक ही दिन में यह सबसे ज्यादा बारिश थी।

बाड़मेर.
विद्युत चोरी के मामले में बाड़मेर जिले में सबूत इससे बड़ा क्या होगा कि ढाई साल में विभाग ने 7 हजार 309 प्रकरण दर्ज कर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही करीब 3 करोड़ की वसूली भी गई है, इसके बावजूद विद्युत चोरी के मामले कम नहीं हो रहे है। इसी साल महज सात माह में 1 हजार 266 प्रकरण डिस्कॉम ने विद्युत चोरी के दर्ज किए है। साथ ही 16 जनों के खिलाफ तो थाने में एफआइआर भी दर्ज करवाई है। डिस्कॉम का दावा है कि लगातार विद्युत चोरी के मामलों में गंभीरता बरत रहे है।


बाड़मेर जिले में विद्युत चोरी को लेकर ढाई साल में 7 हजार 309 प्रकरण दर्ज किए। साथ ही 10 करोड़ 58 लाख रुपए की वीसीआर भर दी गई है, लेकिन वसूली महज 2 करोड़ 99 लाख रुपए की गई है। ऐसे में जाहिर है कि वसूली को लेकर डिस्कॉम की ढिलाई विद्युत चोरी को बढ़ावा दे रही है। हालांकि वीसीआर रिव्यू एण्ड सेंटमेट कमेटी के तहत भी कई मामलों में राहत दी जाती है, ऐसे में डिस्कॉम वसूली को लेकर गंंभीर नहीं रहता है।


यों होती है कार्रवाई
डिस्कॉम सतर्कता अधिकारी व विजिलेंस पुलिस बिजली का मौका मुआयना कर चोरी की वीसीआर भरी जाती है। उसके बाद उपभोक्ता को सात दिन का नोटिस दिया जाता है। उसके बाद भी जुर्माना नहीं भरने पर विद्युत थाने में बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई जाती है। जांच के बाद मामला कोर्ट में जता है। वहीं गैर उपभोक्ता विद्युत चोरी करता है तो उसके खिलाफ 24 घंटे में मामला दर्ज करवाया जाता है।
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एक नजर कार्रवाई
वर्ष - विद्युत चोरी के प्रकरण - कुल जुर्माना - वसूली गई राशि - दर्ज एफआईआर
2019 - 1654 - 2 करोड़ 58 लाख - 60 लाख 98 हजार - 18
2020 - 4389 - 6 करोड़ 29 लाख - 2 करोड़ 17 लाख - 137
2021 - 1266 - 1 करोड़ 71 लाख - 20 लाख 83 हजार - 16
कुल - 7309 - 10 करोड़ 58 लाख - 2 करोड़ 99 लाख - 171
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- लगातार कार्रवाई कर रहे है
डिस्कॉम की सतर्कता जांच अभियान में विद्युत चोरी के मामलो में जुर्माना राशि का निर्धारित कर उपभोक्ता/गैर उपभोक्ता को नोटिस दिया जाता है। उक्त राशि जमा नहीं कराने पर संबंधित के विरूद्ध विद्युत चोरी निरोधक थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाती हैं। आज भी विद्युत चोरी निरोधक थाने में 9 जनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। विद्युत चोरी के मामले में लगातार कार्रवाई कर रहे है। - अजय माथुर, अधीक्षण अभियंता, बाड़मेर
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बाड़मेर. शहर के आराधना भवन में चातुर्मास धर्मसभा में साध्वी मृगावतीश्री ने कहा कि मन के परिणाम जितने सत्विक होंगे, व्यक्ति उतना सत्वशाली होगा। परमात्मा की वाणी भवसागर से पार लगाने वाली, पंचमगति तक पहुंचाने वाली है। उसके लिए हमें हमारी पात्रता विकसित करनी है।
साध्वीवर्या ने कहा कि व्यवहारिक क्षेत्र में हमें पासिंग माक्र्स भी आ जाए तो हम पास हो जाते है लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में इसके बिल्कुल विपरीत है। आध्यात्मिक क्षेत्र में 1 प्रतिशत भी अश्रद्धा है तो हम फेल जाते हैं। आध्यात्मिक क्षेत्र में परमात्मा के वचनों के प्रति शत-प्रतिशत श्रद्धा होना अत्यंत आवश्यक है। जब तक हमें पाप का बोध नही होगा तब तक हमें पाप, पाप नहीं लगेगा। व्यक्ति स्वयं के भीतर नही टटोलता है मात्र बाहर ही बाहर खोजता रहता है। विष और अमृत दोनों ही समुद्र के अंदर है, कंकर और शंकर दोनों एक ही मंदिर के अंदर है, जमाना चुनाव का है चुनाव कर लीजिए प्रभुता और पशुता दोनों ही हमारे अन्दर है।
प्रत्येक वस्तु में गुण और दुर्गुण विद्यमान
साध्वी श्री नित्योदयाश्री ने कहा कि गति को सद्गति बनाने के लिए हम नित-प्रतिदिन जिनवाणी का श्रवण करते है। जहर की बोतल अगर कुशल वैद्य के हाथ में आ जाए तो वह भी औषध बन जाता है। संसार की हर वस्तु के अंदर गुण और दुर्गुण दोनों ही विद्यमान है। हम क्या देखते है वो हमारे नजरिये पर निर्भर है। समुद्र विशाल है लेकिन उसका पानी खारा है, चन्द्रमा शीतल है लेकिन उसमें दाग है। सूर्य तेजस्वी है लेकिन उसमें ताप है। जो विवेक पूर्वक, जयणापूर्वक परमात्मा की वाणी को सुनकर उसके अनुरूप क्रिया करे, आचारण करे वो ही परमात्मा का सच्चा श्रावक कहलाने का हकदार है। खरतरगच्छ संघ चातुर्मास समिति, बाड़मेर के अध्यक्ष प्रकाशचंद संखलेचा ने बताया कि 13 अगस्त को आराधना भवन में बाइसवें तीर्थकर नेमीनाथ जन्मकल्याणक महोत्सव का आयोजन होगा।

बाड़मेर. तुम पढ़ती भी रहो और बढ़ती भी रहो। सरकार यही चाहती है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन उसके लिए ज़रूरी है शिक्षा। कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना ऐसी ही एक सीढ़ी है जो बेटियों को लगातार पढऩे को प्रोत्साहित करती है। यह उद्गार बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम के शुभारम्भ पर बाड़मेर में व्यक्त किए। वहीं राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण शुभारम्भ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, आयुक्त कॉलेज शिक्षा आदि की मौजूदगी में वीसी के माध्यम से हुआ। जिला मुख्यालय पर राजीव गांधी सेवा केंद्र पर लाभान्वितों को 5 स्कूटी, उनकी चाबी और दस्तावेज़ सौंपते हुए विधायक जैन और जिला कलक्टर लोकबन्धु ने पांचों छात्राओं की पारिवारिक स्थिति और भविष्य के सपनों को लेकर बातचीत की।
छात्राओं को किया गया प्रेरित
अनुसूचित जनजाति में पूरे जिले में एकमात्र स्कूटी पाने वाली ममता सोलंकी कि हमारे समाज में महिला शिक्षा बहुत कम है। ऐसे प्रोत्साहन से लड़कियां ही नहीं उनके मां बाप भी प्रेरित होते हैं। जि़ला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में गुड़ामालानी से अणसी, बायतु से दुर्गा, सिणधरी से पुष्पा जाखड़ और धोरीमन्ना से रम्भा को स्कूटी प्रदान की गई। स्कूटी वितरण नोडल मांगीलाल जैन ने बताया कि शेष 78 स्कूटी लाभान्वितों को शीघ्र ही राज्य सरकार के निर्देशानुसार वितरण किया जाएगा। सह-आचार्य मुकेश पचौरी ने आभार जताया।
कुल 78 छात्राओं को मिलेगी स्कूटी
स्कूटी वितरण योजना के नोडल कॉलेज एम.बी.सी.पीजी महिला महाविद्यालय, बाड़मेर के प्राचार्य डॉ. हुक्माराम सुथार ने बताया योजना जिले की राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को इसका लाभ मिला है। लाभान्वितों में बाड़मेर से 14 गल्र्स कॉलेज] 10 राज. महाविद्यालय, बायतु में 7, बालोतरा से 22, सिवाना 9, गुड़ामालानी में 13, धोरीमन्ना 3, चौहटन 3 , शिव से छात्राएं शामिल है।

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