>>: ऐतिहासिक स्थल का करवा रहे जीर्णोद्धार

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पोकरण. क्षेत्र की डिडाणिया ग्राम पंचायत के ऐतिहासिक स्थल सुथारों की बेरी के पास स्थित कबीरपंथी संत गरीबदास महाराज के वर्षों पुराने आश्रम का जीर्णोद्धार कर उसे भव्य रूप दिया जा रहा है। कस्बे के सामाजिक कार्यकर्ता गौरीशंकर जोशी की देखरेख में भामाशाह आगे आकर यहां विकास व निर्माण कार्य करवा रहे है। गौरतलब है कि सुथारों की बेरी एक ऐतिहासिक व चमत्कारिक स्थल माना जाता है। यहां पोकरण लवण क्षेत्र होने के बावजूद बेरी में भू-गर्भ से मीठा पानी आता है। इस बेरी का निर्माण संत गरीबदास महाराज की ओर से करवाया गया था। इस बेरी में कम गहराई पर भी मीठा पानी उपलब्ध है। इस पानी का स्तर भी भूमि के स्तर के बराबर रहता है तथा आसपास क्षेत्र में निवास कर रहे लोग इसी बेरी का पानी पीते है। चारों तरफ खारा पानी होने के बावजूद इस बेरी में मीठा पानी होने के कारण इसे चमत्कारिक बेरी मानते हुए यह बेरी यहां के श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केन्द्र बनी हुई है। यहां पूरे वैशाख, कार्तिक माह, प्रत्येक माह की अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं स्नान के लिए आती है तथा मेले जैसा माहौल हो जाता है।
करवा रहे जीर्णोद्धार
सामाजिक कार्यकर्ता गौरीशंकर जोशी की देखरेख में आश्रम के साथ ही बेरी पर विकास व निर्माण कार्य करवाए जा रहे है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सके। साथ ही इस ऐतिहासिक स्थल की आमजन को जानकारी भी मिल सके। बेरी के पास ही भामाशाह झलोड़ा हेमावास निवासी अमराराम व नरपतराम सुथार की ओर से 60 गुणा 60 फीट में चुग्गाघर एवं एक कमरे का निर्माण करवाया गया है। साथ ही उनकी ओर से आश्रम के रंग रोगन करवाने के साथ आश्रम व बेरी पर बिजली की व्यवस्था की गई है। जोशी ने बताया कि गिरधारीराम की ओर से आश्रम में पूजा करने के साथ व्यवस्थाओं की देखरेख की जा रही है। ग्राम पंचायत की ओर से 10 स्नानागार का भी निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा भी कई भामाशाह आगे आकर यहां विकास कार्य करवा रहे है।
सड़क की दरकार
सामाजिक कार्यकर्ता जोशी ने बताया कि आश्रम तक पक्की डामर सड़क का निर्माण हो जाता है, तो यह चमत्कारी व ऐतिहासिक स्थल क्षेत्र के लोगों के लिए एक धार्मिक पर्यटन स्थल व श्रद्धा का केन्द्र बन सकता है।

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