>>: जिले में चार जगह और विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

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हिमांशु धवल @ राजसमंद. जिले में चार स्थानों पर जल्द ही नए औद्योगिक केन्द्र विकसित होंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमीन आवंटन हो गई है तो कहीं पर प्रक्रिया जारी है। इसमें मुख्य बात यह है कि इन चारों स्थानों पर नॉन पॉल्यूशन करने वाली इंडस्ट्रीज लगेगी। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जिले में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम की ओर धोईंदा और बग्गड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। इसके साथ ही अब जिले में चार स्थानों पर और औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने हैं। इसमें से कुछ इस बजट घोषणा में शामिल है तो कुछ पिछली बजट घोषणा की क्रियान्विति की जा रही है। इसके चलते कुछ के प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजे गए हैं। नाथद्वारा के रूपावली, आमेट के मुरड़ा, देवगढ़ की विजयपुरा और कुंभलगढ़ के तनाजा का बासा का स्थल चयन समिति की ओर से जल्द ही निरीक्षण कर जिला प्रशासन से वार्ता करेगी। इसके बाद कार्य में ओर तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि रीको की ओर से विकसित किए जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र में बिजली , पानी और रोड आदि की बनाकर सभी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

नाथद्वारा : नाथद्वारा के रूपावली तहसील में 28.84 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। इससे पहले ग्राम शिशवी तहसील देलवाड़ा में 38.37 हेक्टेयर नवीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए रीको भूमि आवंटन प्रस्ताव बनाकर बनाकर राजस्व विभाग को बनाकर भेजा था, लेकिन चारागाह भूमि आवंटन पर स्थगन प्रभावी होने के कारण वर्तमान में चारागाह भूमि का आवंटन नहीं किया गया। इसके कारण नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
आमेट : राजसमंद जिले के आमेट के ग्राम मुरडा उप तहसील में 40 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया। जमीन का कब्जा रीको ने ले लिया। जल्द ही राजस्व विभाग की ओर से म्युटेशन आदि खुल जाएगा। इससे पहले चारागाह भूमि पर आवंटन पर स्थगन प्रभावी होने के लिए वर्तमान में चारागाह भूमि का आवंटन नहीं करने के कारण नई भूमि का आवंटन किया गया। मुरडा के पास ही रहवासी क्षेत्र होने के कारण नॉन पॉल्यूशन औद्योगिक इंडस्ट्रीज लगाई जाएगी।
देवगढ़ : देवगढ़ उपखण्ड के विजयपुरा तहसील में औद्योगिक क्षेत्र के लिए 32 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यहां पर देवगढ़ नगर पालिका की एनओसी मिल गई है। यह जमीन नेशनल हाईवे के बिल्कुल निकट है। इसमें 150 से 175 छोटे प्लॉट की प्लानिंग की जाएगी। यह औद्योगिक क्षेत्र राज्य सरकार की बजट घोषणा 2023-24 में घोषित किया गया है। यहां पर भी नॉन पॉल्यूशन इंडस्ट्रीज लगाई जाएगी।
कुंभलगढ़ : कुंभलगढ़ के तनाजा का बासा में 19.52 हेक्टेयर चिन्हित की गई है। इसके आवंटन के लिए प्रस्ताव बनाकर शीघ्र ही जिला कलक्टर को भेजा जाएगा। नेशनल हाईवे से कुछ ही दूरी पर गौमती के निकट स्थित है। यहां 2500 से 3000 स्क्वायर मीटर के प्लॉट बनाए जाना प्रस्तावित है। रीको की स्थल चयन समिति की ओर से निरीक्षण किया जा चुका है।
आबादी के पास इसलिए लगेंगे गैर प्रदूषणकारी उद्योग
इन चारों स्थानों पर बिना चिमनी वाले उद्योग लग सकेंगे। इसका मुख्य कारण यह क्षेत्र आबादी क्षेत्र से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर है। इसके कारण यहां पर गैर प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जाएंगे। इसमें अगबत्ती बनाने, कूलर एवं एयर कंडीशनर बनाने अथवा रिपेयरिंग, साइकिल मैकिंग, दाल की पैकिंग, बिक्स निर्माण और जैम्स एवं ज्वैलरी सहित 47 प्रकार के उद्योग लगा सकेंगे।
1.50 करोड़ की लागत से बनेगा भवन
राजसमंद में रीको इकाई कार्यालय भवन धोईंदा में बनाया जाएगा। कार्यालय 4600 स्क्वायर मीटर का प्लॉट पर 822 स्कवायर मीटर में भवन का निर्माण होगा। इस पर करीब 1.50 करोड़ रुपए खर्च होगा। इसके लिए टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब जल्द ही भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिला उद्योग केन्द्र में परिसर में रीको कार्यालय संचालित किया जा रहा है।
चार औद्योगिक केन्द्र किए जाएंगे विकसित
जिले में चार स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए तैयारी चल रही है। जल्द स्थान चयन समिति निरीक्षण करेगी। धोईंदा में रीको कार्यालय भवन का निर्माण भी जल्द प्रारंभ होगा। इसके लिए टेण्डर प्रक्रिया आदि पूरी हो गई है।
- आर.के. गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको)

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