>>: rajasthan high court : एनजीओ का पंजीकरण रद्द होने से बंद हो गए 29 किशोर गृह

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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में 29 किशोर गृहों को बंद करने पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार को तथ्यात्मक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 8 मई को होगी।

न्यायाधीश विजय बिश्नोई और न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने स्व प्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल कुमार गौड़ से पूछा कि 29 बाल सुधार गृहों को किन परिस्थितियों में बंद किया गया और उन किशोर गृहों में रहने वाले किशोरों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने क्या वैकल्पिक व्यवस्था की है। इससे पूर्व खंडपीठ के समक्ष न्याय मित्र अनिरुद्ध पुरोहित ने कहा कि बाल कल्याण विभाग ने 29 किशोर गृहों के कामकाज में अनियमितताएं पाई हैं, जिसके कारण कुछ गैर सरकारी संगठनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया। नतीजतन, इन किशोर गृहों को बंद कर दिया गया है।

सुरक्षित वातावरण के उपाय

न्याय मित्र पुरोहित ने यह भी कहा कि इन किशोर गृहों में रहने वाले किशोरों के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन किशोरों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए उचित उपाय किए जाएं। साथ ही निर्देशित किया कि यदि गैर सरकारी संगठनों के संबंध में बाल कल्याण विभाग ने कोई जांच की है तो अतिरिक्त महाधिवक्ता जांच रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखें और बताएं कि उसके बाद क्या प्रगति हुई है।

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