>>: पढ़ाई केवल पेट भरना सिखा रही है, जीवन की पूर्णता नहीं: गुलाब कोठारी

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जोधपुर। पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने शुक्रवार को यहां आयोजित दिशा बोध कार्यक्रम में छात्र छात्राओं से वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर बात की। उन्होंने कहा कि आज पढ़ाई केवल जीवनयापन सिखा रही है। जीवन की पूर्णता नहीं। केवल अभावों की पूर्ति, मोटे पैकेज और सुख-सुविधाएं हासिल करना ही पढ़ाई का एकमात्र उद्देश्य रह गया है। विषयों से मानवता व भावनात्मकता खत्म हो गई है। केवल शरीर की बात करते हैं। आत्मा का रास्ता बंद कर दिया है। वर्तमान की पढ़ाई ने व्यक्ति को इतना छोटा कर दिया है कि वह देने का भाव भूल गया है। युवाओं को संबोधित करते हुए कोठारी बोले कि कॅरियर को समर्पित युवाओं के 25 वर्षों में मां-बाप अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश करते हैं। इतना वर्ष तो करोड़ों जीवों की आयु तक नहीं होती है और मनुष्य सारा जीवन कॅरियर को ही समर्पित कर देता है। कॅरियर के अलावा उसका कोई सपना ही नहीं है।

युवावस्था सोने से तौलने की उम्र

कोठारी ने युवाओं को समय का महत्व बताते हुए कहा कि युवावस्था का एक-एक क्षण महत्वपूर्ण है। यह सोने से तौलने की उम्र है। यहीं से भविष्य निर्माण की राह खुलती है।


मां की रोटी में प्यार

युवाओं से कोठारी ने कहा कि मां की रोटी में प्यार होता है। उसको पता होता है कि वह अपने बच्चों के लिए भोजन बना रही है इसलिए इसमें मां का लाड भर होता है। उसका स्वाद भी अलग होता है, जबकि यह स्वाद वीकेंड पर बाहर जाकर खाना खाने में नहीं मिलता। बाहर खाना बनाने वाला सबके लिए काम कर रहा होता है, जबकि मां परिवार के लिए।

एआई से आदमी अपना अर्थ खो रहा

वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग से कोठारी ङ्क्षचतित नजर आए। उन्होंने कहा कि एआई के अत्यधिक उपयोग से आदमी का अर्थ खो गया है। टेक्नोलॉजी मनुष्य पर हावी हो रही है।


युवाओं के प्रश्नों के दिए उत्तर

कोठारी ने कार्यक्रम के दौरान सभागार में उपिस्थत छात्र-छात्राओं और अन्य गणमान्य लोगों के प्रश्नों के उत्तर देकर जिज्ञासाएं भी शांत की।

- आरएएस की तैयारी कर रहे मोहित अग्रवाल ने वर्तमान पीढ़ी के पश्चिमी देशों के अनुसरण का प्रश्न किया। इस पर कोठारी ने कहा कि पृथ्वी वर्टिकल तौर पर भी दो भागों पूर्व व पश्चिमी में बंटी है। पूर्वी देशों में आत्मा का विज्ञान है, जबकि पश्चिमी में शरीर व भोग संस्कृति हावी है।

- मौलाना आजाद विवि की बीए प्रथम की छात्रा कायनात पठान ने जीवन के उद्देश्य पर सवाल किया, जवाब में कोठारी ने जीवन में संकल्प बनाने, उसी के अनुरुप जीवने जीने व आगे बढऩे की बात कही।

गणमान्य लोगों ने किया स्वागत

कार्यक्रम में उत्कर्ष के सह संस्थापक तरूण गहलोत, सेवानिवृत आइएएस रतन लाहोटी, अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष व्यास, जोधपुर जिला माहेश्वरी युवा संगठन के विनोद तापडिय़ा, महेश बिड़ला, जैन युवा संगठन के पंकज रांका, दैव योग संस्था के निदेशक गजेन्द्र ङ्क्षसह परिहार, ङ्क्षसधी सोशल युवा सोसायटी के महासचिव राजकुमार आसुदानी, वाइल्डलाइफ रिसर्च एव कं•ार्वेशन अवेयरनेस सेंटर, जेएनवीयू निदेशक डॉ हेमसिंह गहलोत, सिख समाज जोधपुर के ज्ञानी जयपाल सिंह व कुलदीप सिंह सलूजा, बिश्नोई टाइगर युवा फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद, सैनिक क्षत्रिय रामतलाई नाडी संरक्षण एवं पर्यावरण विकास समिति के अध्यक्ष बलवीर भाटी, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के चेयर पर्सन मोहम्मद अतीक व डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अमीन, रोटरी क्लब की राजश्री चौधरी, पर्यावरणविद रामजी व्यास, लाल बूंद जिंदगी रक्षक संस्थान के रजत गौड़, सारथी ट्रस्ट की कृति भारती, मारवाड़ी युवा मंच राजस्थान के अध्यक्ष काजल वर्मा, रेणू वर्मा आदि ने स्वागत किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण जेएनवीयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ ए.के. मलिक ने दिया। राजस्थान पत्रिका जोधपुर के संपादकीय प्रभारी डॉ. संदीप पुरोहित ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन देवकीनंदन व्यास ने किया।

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