>>: दो साल बाद भी मंदिरों पर नहीं हुई पुजारियों की नियुक्ति, युवाओं की टीम ने संभाल रखा है जिम्मा

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गोविन्दगढ. अलवर देव स्थान विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते दो साल बाद भी गोविंदगढ़ के किले में स्थित सीताराम और गोविंद देवजी मंदिर में पुजारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। यहां पुजारियों की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

पुजारियों की नियुक्ति नहीं होने के अभाव में मंदिरों को मिलने वाला बजट रुका हुआ है। हालांकि युवाओं की एक टीम लगातार मंदिर में सेवा पूजा सहित अन्य कार्य कर रही हैं। सुंदरकांड सेवा समिति दो वर्ष से मंदिरों के रखरखाव सहित अन्य खर्च कर रही है। सुंदरकांड सेवा समिति के हरिसिंह सोलंकी, सुनील गर्ग, बादल शर्मा आदि ने बताया कि दो वर्ष से भरतदास मंदिर की सेवा पूजा का कार्य कर रहे हैं। जिसके बाद कस्बे व ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने 1 वर्ष पूर्व देवस्थान विभाग अलवर के निरीक्षक सुमित वर्मा के पास पुजारी नियुक्त करने को लेकर दस्तावेज जमा करवाए थे, लेकिन अभी तक मंदिरों पर पुजारी की नियुक्ति नहीं की है।
गौरतलब है कि गोविंद देवजी और सीतारामजी मंदिर के पुजारियों की काफी समय पूर्व मृत्यु हो गई थी। पुजारियों की मृत्यु हो जाने के बाद मंदिरों पर ताले लग चुके थे और पूजा-पाठ भी बंद हो चुकी थी। इसके बाद सुंदरकांड सेवा समिति ने जिम्मा उठाते हुए मंदिरों पर सेवा पूजा का कार्य शुरू किया।

रंग-रोगन व मरम्मत से रह जाएंगे वंचित
राजस्थान सरकार प्रत्यक्ष प्रभार वाले मंदिरों पर पुजारियों के मानदेय के साथ पूजा और भगवान की पोशाक रंग -रोगन मरम्मत आदि कार्यों के लिए 5. 53 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान की स्वीकृति दी हुई है। उपखंड के इन मंदिरों पर पुजारी की नियुक्ति नहीं होने के चलते मंदिरों के रंग-रोगन और मरम्मत को मिलने वाली सहायता से यह मंदिर वंचित रह जाएंगे।

यह कराए कार्य

सुंदरकांड सेवा समिति ने 2 वर्ष में मंदिरों पर रंग-रोगन, सबसे प्रमुख समस्या सडक़ का निर्माण, पानी का बोर सहित मंदिरों के चारों तरफ छाई हुई कटीली झाडिय़ों से मुक्त कर सौंदर्य करण युक्त स्थल बनाया।
कार्यों में व्यवधान पैदा ना हो
देवस्थान विभाग और सरकार शीघ्र ही मंदिर पर पुजारियों की नियुक्ति करें। जिससे कि मंदिरों की पूजा सहित अन्य कार्यों में व्यवधान पैदा ना हो। अन्यथा संत समाज को आंदोलन करना पड़ेगा।
बालक दास महाराज
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मामले को दबाए हुए है

हम लगातार देवस्थान विभाग के अधिकारी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन वह मामले को दबाए हुए है। जानबूझकर मंदिर पर पुजारी की नियुक्ति नहीं कर रहे हैं। अब हमें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।
सुमन मेघवाल, पार्षद नगरपालिका।
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आगे सूचना भिजवा दी
पुजारी की नियुक्ति के लिए आगे सूचना भिजवा दी गई है। मंदिरों के लिए बजट देवस्थान विभाग के द्वारा अधिकारी की नियुक्ति कर आवश्यकतानुसार लगा दिया जाएगा।

सुमित वर्मा, इंस्पेक्टर देवस्थान विभाग अलवर।

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