>>: सरकारी विद्यालयों के नौनिहाल कागजों में ही बन रहे ‘समाजसेवी’

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अलवर. इन दिनों अलवर जिले में स्कूली बच्चों में समाज सेवा की भावना जाग्रत करने सहित उन्हें अच्छा नागरिक बनाने के लिए सरकारी विद्यालयों में समाजसेवा शिविरों के आयोजन को लेकर कागजी खानापूर्ति के आरोप लगने लगे है।


गौरतलब है कि सभी राउमावि में ग्रीष्मावकाश में कक्षा 11 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का 15 दिवसीय समाजसेवा शिविर लगाया जाना है और अधिकतर विद्यालयों ने इसकी तिथि विभाग को 17 से 31 मई तक दे रखी है, लेकिन ऐसे विद्यालयों में ये शिविर केवल कागजों में ही लग रहे हैं, तो कुछ चंद विद्यालय इसका लाभ स्कूली बच्चों को दिला पा रहे हैं। विद्यालयों से सभी ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने समाजसेवा शिविर के बारे में जानकारी मांगी तो शिविर की सूचना तो सभी ने दी, परन्तु शिविर लगाना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे विद्यालय अब अंतिम तिथि 31 मई को विद्यालय में स्कूली बच्चों को बुलाकर खानापूर्ति कर विभाग को इसकी सूचना भिजवा देंगे।

ये कर रहे अन्य विद्यालयों के लिए नजीर पेश
एक ओर जहां जिले के अधिकतर विद्यालय समाजसेवा शिविर की खानापूर्ति तक सीमित है, वहीं कुछ विद्यालय ऐसे भी है, जो बच्चों को समाजसेवा के गुर सिखाने के अलावा अन्य विद्यालयों के लिए नजीर पेश कर रहे हैं। मुण्डावर ब्लॉक का जिन्दोली राउमावि में समाजसेवा शिविर के साथ समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बच्चों को अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से सिखाने सहित जिले के नामी शिक्षाविदों की ओर से उन्हें हर क्षेत्र का ज्ञान देने की कोशिश कर रहे हैं।


जिले में ऐसे ही चन्द विद्यालय ओर भी है, जो इन शिविरों के आयोजन को गम्भीरता से ले रहे हैं। शिविर में डयूटी दे रहे शिविर प्रभारी सहित दल नायक को बाकायदा पीएल यानि उपार्जित अवाकश का लाभ मिलता है। राजस्थान सेवा नियम 92 बी के अनुसार प्रति तीन दिवस डयूटी देने पर एक उपार्जित अवकाश उसकी सेवा पुस्तिका में इन्द्राज हो जाती है। ऐसे में 15 दिन के शिविर में 5 उपार्जित अवकाश का लाभ शिविर प्रभारी को मिलेगा, जिसे सरेण्डर करने पर हजारों की राशि प्राप्त होती है। आरोप है कि शिविर का आयोजन न कर कर्मचारी उपार्जित अवकाश के नाम पर सरकारी खजाने को भी चपत लगा रहे हैं।

इधर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अलवर नेकीराम का कहना है कि कुछ विद्यालयों की जानकारी तो मेरे पास अपडेट है, जहां शिविर का आयोजन हो रहा है। जो विद्यालय शिविर की तिथि निर्धारित कर शिविर नहीं लगा रहे और कागजों में इसकी पूर्ति कर रहे हैं, तो ये गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

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