>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
जिम्मेदारों की उपेक्षा से सिटी वॉल हो रही बदहाल, खो रही वजूद Monday 29 May 2023 05:30 PM UTC+00 अजमेर. शहर के परकोटे की बदहाली की बड़ी वजह इसकी सार-संभाल नहीं होना है। परकोटे की देखभाल का जिम्मा कोई एक विभाग नहीं संभाल रहा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने परकोटे (दीवार) को उनके क्षेत्राधिकार में नहीं होना बताया है। इस विभाग के जिम्मे शहर के प्रमुख द्वार सहित बारादरी व अन्य स्थान हैं। वहीं नगर निगम दीवार से सटे कुछ इलाकों में दुकानें लीज पर दे चुका है। निगम प्रशासन अपनी व्यस्तता के चलते लीज धारकों से ही किराया आदि वसूल नहीं कर पा रहा। इसका रिकॉर्ड संधारण भी पूरी तरह से नहीं है। इसके चलते शेष दीवार रखरखाव के अभाव में जर्जर होते हुए अपना मूल स्वरूप खो रही है। विभागों में बंटी हुई है पुरा संपदा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग के पास दिल्ली गेट, त्रिपोलिया गेट, तारागढ़ गेट, ढाई दिन का झोंपड़ा, बारादरी, ब्रह्मा मंदिर, जहांगीर महल पुष्कर व बादशाह की हवेली हैं।सिटी वॉल के रिकॉर्ड की दरकार नगर निगम के पास परकोटे की दीवार का मूल रिकॉर्ड देखने के बाद ही दीवार की लंबाई-चौड़ाई व परिधि का अनुमान लगाया जा सकता है। जानकारों की मानें तो दीवार की चौड़ाई 12 फीट है जबकि इसकी परिधि करीब सात किलोमीटर है। सिटी वॉल आगरा गेट से शुरू होकर लौंगिया, तारागढ़, नला बाजार, दरगाह बाजार के पास से होते हुए मदार गेट खाईलैंड, कोतवाली, नया बाजार होते हुए पुनं आगरा गेट पर आकर समाप्त होती है। मौजूदा समय में त्रिपोलिया गेट व दिल्ली गेट मौजूद हैं। मदार गेट का कुछ हिस्सा तोड़ कर इसकी मरम्मत कराई गई है। फिलहाल दीवार के रिकॉर्ड को देखने व अधिकारियों के रुचि लेने के बाद ही परकोटे की वास्तविक स्थिति देखकर संरक्षित की जा सकती है। इसके लिए निगम अधिकारी जल्द ही इसके रिकॉर्ड को दिखवाए जाने का आश्वासन दे चुके हैं। |
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajisthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
