जोधपुर।
राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी के कांस्टेबल की सजगता व समझदारी की वजह से चलती ट्रेन में पोकरण के पास निराश्रित महिला का प्रसव कराया गया और उसने बच्ची को जन्म दिया। पोकरण के सरकारी अस्पताल से उम्मेद अस्पताल रैफर करने के बाद जच्चा व बच्चा को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल महिला को सखी वन स्टॉप में दाखिल कराया गया है।
जीआरपी थानाधिकारी महेश श्रीमाली ने बताया कि रविवार को रानीखेत जैसलमेर एक्सप्रेस ट्रेन जोधपुर से जैसलमेर के लिए रवाना हुई। पोकरण रेलवे स्टेशन से कुछ पहले कांस्टेबल ओमप्रकाश गश्त करते हुए एक कोच में टॉयलेट के पास पहुंचा तो बाहर एक महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। महिला निराश्रित है और उसके साथ कोई यात्री नहीं था।
कांस्टेबल ने कोच में सवार महिला यात्रियों को बुलाया और चलती ट्रेन में ही महिला यात्रियों ने गर्भवती महिला का प्रसव कराया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। पोकरण रेलवे स्टेशन पहुंचने पर महिला व नवजात को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से फिर दोनों को उम्मेद अस्पताल रैफर किया गया। एक दिन भर्ती रहने के बाद सोमवार को जच्चा व बच्चा को छुट्टी दे दी गई। बाद में संरक्षण के लिए जच्चा व बच्चा को सखी वन स्टॉप में दाखिल कराया गया। महिला की शारीरिक, मानसिक जांच के बाद नारी निकेतन भेजा जाएगा।
सिर्फ मां व पिता का नाम बता पाई महिला
उम्मेद अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जीआरपी ने महिला की काउंसलिंग की। वह हिन्दी भाषा समझ नहीं पा रही है। काफी प्रयास के बाद उसने अपना नाम बावनी, पिता का नाम सर्यनारायण और मां का नाम पेटेमा बताया। वह आंध्रपेदश की रहने वाली है। वह जोधपुर कैसे और कब आई इस संबंध में जानकारी नहीं मिल पाई है।