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Humsafar train: नीमकाथाना. फुलेरा-रेवाड़ी Phulera-Rewari रूट पर मीटर गेज के बाद ब्रॉडगेज broad gauge पर शुरू से नियमित सवारी ट्रेनों के चलाने की मांग उठती आ रही है। कुछ दिनों पहले चली उदयपुर सिटी-दिल्ली हमसफर ट्रेन
Udaipur City-Delhi Humsafar Train की विभाग ने नीमकाथाना neemkathana से दूरी बना रखी है। ट्रेन का रींगस के बाद सीधे नारनौल स्टेशन पर ठहराव है जबकि नीमकाथाना का नाम कुछ दिनों में प्रदेश के जिलों में शुमार हो जाएगा। ऐसे में जिले के यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल रही है। नीमकाथाना के सैनिक, व्यापारी देश के हर क्षेत्र में रहते हैं। रेवाड़ी-फु लेरा के मध्य नीमकाथाना स्टेशन से ज्यादा से ज्यादा ट्रेन चलाने व हफसफर ट्रेन का ठहराव होना जरूरी है। रेल विस्तार की मांग को लेकर रेलवे सलाहकार समिति की ओर से स्टेशन मास्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया।
सैनिक एक्सप्रेस दिल्ली से जयपुर के मध्य नियमित अप-डाउन चलती है। क्षेत्रवासियों ने ट्रेन को वाया नीमकाथाना चलाने की की मांग है। ट्रेन सुबह 8 से 8.15 बजे तक जयपुर पहुंच जाती है, बाद में यह ट्रेन 12 घंटे जयपुर में खड़ी रहकर रात 8.40 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए वाया सीकर होते हुए जाती है। यह ट्रेन नीमकाथाना रूट पर पहले भी चलाई गई थी, जो सुबह 9 बजे जयपुर से चलकर दोपहर 1 बजे रेवाड़ी पहुंचती थी। रींगस-रेवाड़ी रूट पर सुबह 5.30 बजे से दोपहर 2.50 बजे के बीच कोई नियमित ट्रेन नहीं है। मीटर गेज के दौरान महरिया एक्सप्रेस के नाम से ट्रेन चलती थी, जिसको ब्रॉडगेज लाइन परिवर्तन होने के कारण ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया। इस ट्रेन की मांग लम्बे समय से चल रही है।
दिल्ली से सीकर के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 14811-14812 अप-डाउन सप्ताह में दो दिन बुधवार व शुक्रवार को चलती है। ट्रेन को दिल्ली से जयपुर या अजमेर के बीच नीमकाथाना होते हुए भी चलाने की मांग है। इससे खाटूश्यामजी, अजमेर दरगाह या जयपुर राजधानी से सीधी कनेक्टीविटी हो सके व नीमकाथाना रूट के लोगों को लाभ मिल सके।

पलसाना. पलसाना पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को प्रधान सुनीता वर्मा की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत सभागार में हुई। बैठक में पेयजल समस्या से जुड़े मुद्दे छाए रहे और जनप्रतिनिधि पेयजल समस्याओं को लेकर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते नजर आए।
इस दौरान रेवासा सरपंच राजकुमार सैनी ने कहा कि गांव में जल जीवन मिशन योजना को लेकर लाइने तो डाल दी गई, लेकिन कनेक्शन नहीं हुए हंै। काफी काम अधूरा पड़ा है, जिससे गांव में पेयजल किल्लत बनी हुई है और अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। यह हाल कमोबेश सभी पंचायतों का है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो सभी सरपंच धरना देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी किसी की सुनते ही नहीं, ठेकेदार ऑफिस चला रहे हैं। वह जैसा चाहते हैं काम करते हैं और जहां चाहते हैं काम नहीं करते हैं।
इधर पलसाना सरपंच रूप सिंह शेखावत ने शिव मंदिर के पास लाइन नहीं जोडऩे, रुपाणा धाम आइटीआइ के पास व संस्कार कॉलेज के पास नई लाइन डालने की मांग रखी। इसके अलावा अभयपुरा रोड पर लाइन डालने के बावजूद भी पानी नहीं आने की समस्या रखी। सदस्य हनुमान सिंह ने मंडा व गोरधनपुरा में ट्यूबवेल कनेक्शन की मांग रखी। जिपं सदस्य सोहनी चौधरी ने अभयपुरा में नदी में ट्यूबवेल व लोहे की पाइपलाइन डालने की मांग रखी। सरपंच सोहन पटेल ने गांव में 10 दिन से मोटर खराब होने की बात कहकर कहा कि प्रधानजी के घर के पास ही समस्या का समाधान नहीं हो रहा तो अन्य जनप्रतिनिधियों की सुनवाई कौन करेगा। बाद में विभाग के अधिकारियों ने शीघ्र समाधान करवाने की बात कही।
शिश्यूं सरपंच जयराम खोवाल ने कहा कि ठेकेदार ने मनमर्जी से पाइपलाइन डाल दी वो भी घटिया है। शिकायते तक कोई सुनने वाला नहीं है। पिछले साल डाले गए पानी के टैंकरों का अभी तक भुगतान नहीं हुआ। श्यामपुरा सरपंच गुमान सिंह ने गांव में ट्यूबवेल की मोटर का लोड बढ़ाने की मांग रखी। रेटा सरपंच रणवीरसिंह ने दो ट्यूबवेल खुदवाने की मांग रखने के साथ ही गांव में पानी के टैंकर शुरू करवाने की मांग रखी। मंडा सरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत 650 कनेक्शन होने थे। अभी 400 कनेक्शन हुए हैं, लेकिन अब ठेकेदार कनेक्शन नहीं कर रहा। इस दौरान विकास अधिकारी गोपाल सिंह ने महंगाई राहत शिविरों के बारे में जानकारी देकर जनप्रतिनिधि से अपील की कि वह क्षेत्र के लोगों को अधिकाधिक पंजीयन के लिए जागृत करें। बैठक में चिकित्सा विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान पलसाना सरपंच रूप सिंह एवं सदस्य हनुमान सिंह ने आरोप लगाया कि पलसाना अस्पताल में तीन सालों में एमआरएस की बैठक नहीं हुई। उन्होंने एमआरएस की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग रखी है।
बसों की समस्या का हो समाधान
बैठक के दौरान सदस्यों ने पलसाना में रोडवेज बसों के बाईपास से होकर गुजर जाने की समस्या से अवगत करवाया और समस्या का समाधान करवाने को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही।

थोई. कस्बे के वार्ड 10 व 11 के निवासियों ने जलदाय विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ शीतला माता मंदिर प्रांगण में सैकड़ों लोगों ने विरोध जताया। भीषण गर्मी में पशुओं को भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों वार्डों में 5 से 10 मिनट की पेयजल आपूर्ति हो रही है।
ग्रामीण कैलाश कुमावत ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों व सरपंच को समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन कभी बिजली नहीं आने का तो कभी मोटर खराब होना बता दिया जाता है। पंच नरेश कुमावत ने मौके पर सरपंच राम प्रकाश सैनी व कनिष्ठ अभियंता मीना गर्ग को फोन कर समस्या समाधान के लिए बुलवाया, लेकिन आश्वासन दिया कि हम आ रहे हैं। एक सप्ताह से पेयजल संकट है। सप्लाईकर्मी कहता है रोजाना आधे घंटे सप्लाई दी जा रही है। महिलाओं ने कहा कि नहाने-धोने और पशुओं को पिलाने के लिए मजबूरी में 400-500 रुपए में टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी मौके पर अधिकारी नहीं आए। ग्रामीणों ने पानी की समस्या से निजात दिलवाने की मां की है।
सांयकाल 6 बजे शीतला माता के मंदिर में जलदाय विभाग के कर्मचारी, अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सरपंच राम प्रकाश सैनी पहुंचे। सहायक अभियंता आशीष चाहर व कनिष्ठ अभियंता मीना गर्ग ग्रामीणों से समस्या जानकर मौके पर जलदाय विभाग के कर्मचारी अशोक कुमार को बुलाकर सप्लाई ठीक तरीके से देने के लिए पाबंद किया। इस दौरान पंच नरेश कुमावत, महावीर कुमावत, पुरुषोत्तम, कैलाश चंद, उर्मिला जैन, सुरजी देवी, चिरंजी लाल आदि थे।

Agniveer Recruitment: भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में हो रही अग्निवीर की भर्ती राजस्थान के रणबांकुरों को पंसद नहीं आ रही है। जंग में जंगबाजी का जौहर दिखानें वाले इन जाबांजो ने सेना के बदले नियम के बाद अपना रास्ता बदल दिया है। शेखावाटी वह इलाका है जहां हर दूसरे घर में सैनिक बसता है लेकिन सेना में भर्ती का नया फार्मूला उन्हें रास नहीं आ रहा है। अग्निवीर योजना 10 लाख से अधिक युवाओं के अरमान तोड़ रहा है। युवा अब कॅरियर की राह बदलने लगे हैं।

इसलिए हो रहा है संशय
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती कर रही है। इस भर्ती में शारीरिक परीक्षण के पहले ही लिखित परीक्षा हो रही है। दूसरा अब सेना में स्थायित्व का भी संशय युवाओं में है। यही वजह है कि अब ये युवा सेना से इतर राजस्थान पुलिस, रेलवे पुलिस, बीएसएफ, असम राइफल्स आदि की भर्तियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या चार लाख तक रह गई है। अग्निपथ योजना लागू होने से पहले अमूमन देशभर में 90 से 105 तक सेना भर्ती रैली होती थीं।

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कुछ भी हो जाएंगे बॉर्डर पर ही
सीकर निवासी जयभगवान ने कहा कि मेरे परिवार ने चार शहीद दिए हैं। परिवार के छह युवा सेना भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे तो निश्चित तौर पर नियमित होंगे। कुछ भी हो जाएंगे बॉर्डर पर ही

 

युवाओं का सवाल, 4 साल बाद क्या करेंगे
सीकर निवासी सतेन्द्र चौधरी समेत अन्य युवा बोले, अग्निपथ योजना में चार साल नौकरी करने के बाद भी स्थायी होंगे या नहीं, इसकी गारंटी नहीं। आरपीएफ, राजस्थान पुलिस व असम राइफल्स सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है।

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कम हुआ जोश
जयपुर निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि परिवार का सेना से लंबा जुड़ाव है। बचपन से सेना में जाने का सपना रहा। नए नियमों से जोश कम हुआ है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। मेरे जैसे युवाओं की मांग पर ध्यान देना चाहिए।

 

कहां कितने सैनिक सेवारत
उत्तरप्रदेश: 2,18,512
बिहार: 1,04,539
राजस्थान: 1,03,265
महाराष्ट्र: 93,938
पंजाब: 93,438
हरियाणा: 89,239

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