भरतपुर. भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ ही एक ओर जहां रंगबिरंगी राखियों से बाजार सज गए हैं, वहीं दूसरी ओर अनेक प्रकार की मिठाइयां भी तैयार हो गई हैं। भाई-बहन के रिश्ते में मिठास बढ़ाने के कीवी चिक्की, अंजीर चिक्की एवं खजूर चिक्की मिठास बढ़ाएंगे। इनमें नेचुरल खजूर, अंजीर व कीवी की मिठास मिलेगी और शुगर फ्री होने के कारण मधुमेह से पीडि़त रोगी भी खा सकेंगे। इनकी खासियत यह है कि ड्रायफ्रूट से बनी मिठाइयां 15 दिन तक सुरक्षित रह सकती है।
ग्राहकों की मांग को देखते सुगर फ्री सहित विभिन्न प्रकार की मिठाइयां दुकानों पर सजी हैं, जिनमें रक्षाबंधन की प्रसिद्ध मिठाई घेवर के साथ-साथ अन्य प्रकार की मिठाइयां भी शामिल हैं, जो इस त्योहार में मिठास का काम करेंगी।
स्थानीय मिठाइयों के साथ-साथगुजराती व्यंजन खांडवी व बंगाली स्पंज रसगुल्लों ने भी जगह बनाईहैं। खांडवी जहां 280 रुपएकिलो हैए वहीं स्पंज रसगुल्ले 22 रुपएप्रति पीस के हिसाब से बिक रहा है। बंगाली राजभोगए चमचम भी बाजार में हैं।
सैनी मिष्ठान भंडार के उदय सैनी के अनुसार यूं तो रक्षाबंधन पर ज्यादातर घेवर की बिकता है। जिसकों देखते हुए केसर घेवर, चॉकलेट, पाइनेपल, मिक्स फ्रूट एवं सादा घेवर उपलब्ध है, जिसकी कीमत 600 रुपए किलो है। इसके अलावा, शुगर फ्री मिठाइयां भी उपलब्ध हैं। कीवी चिक्की की 1400 रुपए किलो व खजूर, अंजीर, चॉकलेट वाइट, पिस्ता वाइट की कीमत एक हजार रुपए किलो है। इनमें प्राकृतिक मिठास मिलेगी। गत वर्ष की तुलना में इस बार महंगाई को देखते हुए मिठाई के भावों में प्रति किलो पर 30 से 40 रुपए की वृद्धि है। इस त्योहार पर शहर में करीब 10 हजार किलो घेवर की बिक्री हो जाती है। घेवर फेनी भी ज्यादा पसंद की जाती है, जिसे दूध के साथ खाया जाता है।
बुधवार रात 9.02 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 7.01 बजे तक मनेगा रक्षाबंधन
हालांकि इस बार रक्षाबंधन पर बुधवार को भद्रा का साया है। जो पूर्णिमा के साथ ही शुरू हो जाएगा और रात को 9.02 बजे तक जारी रहेगा। पंडित मनु मुद्गल के अनुसार पूर्णिमा बुधवार सुबह 10.59 बजे शुरू होगी। उसी समय भद्रा का प्रवेश होगा। भद्रा रात को 9.02 बजे तक रहेगी। जबकि पूर्णिमा गुरुवार सुबह 7.01 बजे तक रहेगी। इस बार भद्रा पृथ्वी लोक की है। जो कष्टकारक है। भद्रा के कारण रक्षा बंधन सुबह से नहीं मनाया जाएगा। लेकिन निर्णय सिंधु के मुताबिक शाम को 5.30 बजे से पूंछ काल में रक्षा बंधन मनाया जा सकता है। इसमें भद्रा का दोष नहीं माना जाता है। सर्वप्रथम भगवान को राखी बांधने के बाद बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। यदि भद्रा में राखी नहीं बांधना चाहते हैं तो राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बुधवार रात 9.02 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 7.01 बजे तक रहेगा। यह योग 11 वर्ष बाद बन रहा है जब भद्रा के कारण रात को राखी बांधने का मुहूर्त है।