>>: Digest for August 27, 2023

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नागौर. उद्यान विभाग की ओर से जिले में सब्जियों के बेहतर उत्पादन के प्रति किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को उन्नत किस्म के सब्जियों के बीज किट मुहैया कराए जा रहे हैं। उद्यानिकी विकास मिशन के तहत जिले के पात्र किसानों को बीज किट वितरण करने का काम शुरू कर दिया है। बीज किट की यह आपूर्ति राष्ट्रीय बीज निगम की ओर से उद्यान विभाग के माध्यम से की जा रही है।

उन्नत किस्म के हैं बीज
उद्यान विभाग की ओर से किसानों को बांटे जाने वाले बीज मिनी किट उन्नत किस्म के होंगे। एकल सब्जी किट 0.05 हैक्टेयर और कोम्बो सब्जी बीज किट 0.01 हैक्टेयर वाले किसानों को दिया जाएगा।

एक किसान को एक किट
कृषि अधिकारी रविन्द्र रियाड़ ने बताया कि एक पात्र किसान परिवार को एक सब्जी बीज किट (एकल सब्जी किट अथवा कोम्बा सब्जी किट में से एक ) उपलब्ध कराया जाएगा। सब्जी बीज किट का वितरण संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, प्रशासक व कृषि पर्यवेक्षक की कमेटी की ओर से चयनित किसानों को राज किसान सत्यापन एप के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में वितरण ऑफलाइन भी किया जा सकेगा। इसके लिए जन आधार कार्ड की जरूरत रहेगी।

किट में इन सब्जियों के बीज
किसानों को रबी सीजन के लिए बैंगन, मटर, फूल गोभी, पालक आदि के बीज दिए जाएंगे। इससे पहले खरीफ सीजन में भी जिले के 31,300 किसानों को किट बांटे गए थे।

वितरण शुरू कर दिया
किसानों को रबी के लिए सब्जियों के बीज किट वितरित किए जा रहे हैं। पात्र किसानों को जन आधार के आधार पर बीज किट वितरण किया जाएगा। जिले के 45 हजार किसानों को बीज बांटा जाएगा।
- हरीश मेहरा, उप निदेशक, उद्यान विभाग, नागौर

नागौर। सोशल मीडिया पर इन दिनों फ्री मोबाइल रिचार्ज योजना वाले मैसेज वायरल हो रहे हैं। इन मैसेज को व्हाट्सएप पर जमकर शेयर किया जा रहा है। मैसेज में लिखा है कि ''फ्री मोबाइल रिचार्ज योजना'' के तहत सरकार देश के सभी लोगों को 28 दिन का फ्री रिचार्ज दे रही है। फ्री रिचार्ज के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। ग्रामीण क्षेत्र में हजारों लोगों के मोबाइल पर फ्री रिचार्ज के मैसेज आए हैं। असल बात यह है कि सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है। यानी यह मैसेज स्कैमर्स का नया पैंतरा है और इस लिंक पर क्लिक करने से आपको बड़ा आर्थिक नुकसान तक हो सकता है।

अनजान लिंक पर एक क्लिक से बैंक अकाउंट हो सकता है खाली
आजकल साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें लिंक पर क्लिक करवाया जाता है और बैंक की जानकारी चुराकर लाखों की चपत लगाई जाती है। दरअसल, यह लिंक मैलिसियस फाइल से भरी होती हैं और जैसे ही कोई इन पर क्लिक करता है , स्कैमर्स डिवाइस को अपने कंट्रोल में ले लेते हैं।स्कैमर्स आपके आधार, जन्मतिथि, फोन नंबर या फिर बैंक डिटेल जैसी जानकारी चुरा सकते हैं और आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं।

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दरअसल, यह मैसेज एकदम फर्जी है और स्कैम का नया तरीका है। अगर इस फॉरवर्डेड मैसेज को ठीक से पढ़ें तो इसमें कई सारी गलतियां भी नजर आती हैं जो इसके फर्जी होने का दावा पुख्ता करती हैं। मैसेज में कई जगह गलत हिंदी लिखी हुई है। वहीं इसके साथ जो आखिरी तारीख लिखी है वो 30 मार्च है , जबकि मैसेज अगस्त में भेजा जा रहा है। मेड़ता उपखंड के पुलिस उपअधीक्षक नूर मोहम्मद ने भी वायरल मैसेज को फेक बताया है। उन्होंने लोगों से इन सभी फेंक खबरों से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें । साथ ही थर्ड पार्टी एप डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक एप स्टोर का ही इस्तेमाल करें। बैंक और ओटीपी की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

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नागौर. किसानों के आराध्य देव वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल में करीब 200 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे भव्य मंदिर के लिए शनिवार को जोधपुर-लूणी से 61 डम्पर ट्रक भरकर खरनाल पहुंचे। एक साथ बजरी के 61 डम्पर पहुंचने पर खरनाल गांव में मेले-सा माहौल हो गया। बजरी से भरे डम्परों के साथ डीजे पर तेजाजी के गीत बज रहे थे तो तेजाजी के भक्त भी नृत्य करने लगे।

शनिवार को तेजाजी के मंदिर निर्माण के लिए मकराना से लाई गई संगमरमर की आधार शिला भी रखी गई। इस मौके पर मकराना विधायक रूपाराम मुरावतिया, रालोपा नेता रेवंतराम डांगा, सरपंच शिवकरण धौलिया, दरियाव भोपाजी, मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखराम खुड़खुडि़या, महासचिव भंवरलाल निम्बड़, कोषाध्यक्ष भंवराराम धौलिया, सह कोषाध्यक्ष कंवराराम धौलिया, सदस्य हरिराम जाजड़ा, भाजपा नेता भागीरथ मेहरिया, गोशाला अध्यक्ष शिवकरण धौलिया, मार्बल व्यवसायी मदनराम चौधरी, मेहराम धौलिया, राजवीर धौलिया, प्रेमसुख जाजड़ा, कृष्ण राठी, बिट्टू नैण सहित ग्रामीणों की मौजूदगी में पूजा-अर्चना कर शिला रखी गई।

शनिवार को तेजाजी के मंदिर निर्माण के लिए मकराना से लाई गई संगमरमर की आधार शिला भी रखी गई।

शुक्रवार को पहुंची थी सुरसुरा से अखंड जोत
मकराना से संगमरमर की पहली आधार शिला लेने के बाद सुरसुरा से वीर तेजाजी की अंखड जोत लेकर 22 अगस्त को पैदल रवाना हुए मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं तेजाजी के भक्तों का दल शुक्रवार शाम को खरनाल पहुंचे। खरनाल पहुंचने पर ग्रामीणों ने जोत का जोरदार स्वागत किया तथा हाइवे से मंदिर तक महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद मंदिर में आरती की गई तथा रात को जागरण का आयोजन किया गया।

नागौर. खाकी के कुनबे का बंटवारा नई-नई मुश्किल पैदा कर रहा है। नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले में पुलिस थाने बंटे तो लाइन का स्टाफ भी इधर-उधर कर दिया गया। ऐसे में पहले से ही कम नफरी के बाद और घटने से पुलिस का काम मुश्किल हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव के पहले कुनबे में बढ़ोत्तरी के प्रयास तेज हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार इस बंटवारे में डीडवाना-कुचामन जिले में कुचामन-डीडवाना और परबतसर एएसपी हैं जबकि नागौर में मुख्यालय स्तर पर एक ही एएसपी हिस्से आया है। हालांकि महिला अपराध, साइबर, ट्रेफिक सहित अन्य शाखा के सीओ नागौर जिले में वहां की अपेक्षा अधिक हैं। अभी पूरी तरह पुलिस के ढांचे में परिवर्तन और होना है, जिसका इंतजार चल रहा है। इस बदलाव में नागौर लाइन से करीब पचास पुलिसकर्मी भी कुचामन-डीडवाना जिले में शिफ्ट किए गए हैं।

असल में नागौर जिला अब दो भागों में बंट गया है, लेकिन पुलिसकर्मियों के हिसाब से यहां की स्थिति ठीक नहीं है। सर्किल व थाने भले ही बंट गए। इस हिसाब से पुलिस भी दो हिस्सो में बंट गई पर असल संख्या जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। नागौर (डीडवाना-कुचामन) को मिलाकर भी यहां पुलिसकर्मी ढाई हजार तक भी नहीं हैं। अब अलग-अलग होने पर भी पंद्रह-पंद्रह सौ भी बमुश्किल नहीं आ पाएंगे। ऐसे में कानून-व्यवस्था की स्थिति से कैसे निपटा जाएगा?

हालत यह है...

नागौर (डीडवाना-कुचामन) को भी शामिल कर दें तो आबादी करीब 39 लाख के आसपास है। पौने तीन सौ एएसआई के स्वीकृत पद में सिर्फ चालीस पर ही ये कार्यरत हैं, शेष खाली पड़े हैं। यही हाल एसआई का है, इसके भी आधे से अधिक पद खाली हैं। हैड कांस्टेबल-कांस्टेबल कम हैं सो अलग।

पंद्रह सौ की आबादी पर एक...

एक अनुमान के मुताबिक आबादी के हिसाब से पुलिसकर्मी की संख्या का अनुपात निकालें तो पंद्रह सौ की आबादी पर एक पुलिसकर्मी तक तैनात नहीं है। दूरदराज के इलाके और थाने कम तो पहले ही परेशानी का सबब बन चुके हैं। इस पर स्टाफ की कमी के चलते अनुसंधान की गति धीमी, ऐसे में न्याय आखिर समय पर कैसे मिले।

कुछ दिन में बढ़ सकता है कुनबा

पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति फिर अलग-अलग काम में लगे रहने से असल में पुलिसकर्मी अपना मूल काम कर ही नहीं पा रहे। स्टाफ की किल्लत से पहले ही परेशान खाकी अब अपने कुनबे बढऩे की उम्मीद लगाए बैठी है। बताया जाता है कि आगामी चुनाव को देखते हुए पुलिस की किल्लत दूर होने वाली है। कुछ दिनों में मुख्यालय नफरी बढ़ा रहा है।

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