>>: Digest for August 30, 2023

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सीकर. जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक सोमवार को सीकर आए। यहां उन्होंने सतोद में वीर तेजाजी की 51 फीट उंची मूर्ति के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जहां उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी ने सिक्खों से डरकर कृषि कानून वापस लिए हैं। उसी डर से अब वे गुरुद्वारों में जाते हैं। बोले, किसान आंदोलन के समय वे अपना इस्तीफा जेब में रखकर पीएम से मिलने गए थे।

उनसे कहा कि किसान 4 महीने से पड़े हैं। उनसे बात कर लें। उनके मना करने पर उन्हें बताया कि वे सिखों और जाटों को नहीं जानते। सिखों के गुरु महाराज ने अपने 4 साहबजादे खापा दिए, लेकिन समझौता नहीं किया। ऐसी कौमों से लड़ा नहीं जाता, बल्कि बातचीत की जाती है। बोले, कि उन्होंने पीएम को बताया कि मिसेज गांधी (इंदिरा गांधी) ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद अपने फार्म पर 4 महीने तक महामृत्युंजय का यज्ञ करवाया। पूछने पर उन्होंने अरुण नेहरू को जवाब दिया था कि जिन्होंने इनका स्वर्ण मंदिर छू लिया वह आज जिंदा नहीं हैं। वह उन्हें भी मारेंगे और वही हुआ। मलिक ने कहा कि इसी डर से 2 महीने बाद में ही पीएम मोदी ने माफी मांग कर काले कानून वापस ले लिए और वह पीला पटका माथे पर लगाने लगे।

राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति रिटायर होने पर कुत्ता भी छोड़ता
पूर्व राज्यपाल ने कहा जिस वक्त किसान आंदोलन हुआ, उस वक्त वे मेघालय के गवर्नर थे। इस दौरान उन्होंने आंदोलन के बारे में कुछ बोलने के लिए 10 दिन तक विचार किया। बोले, कई लोगों ने उस वक्त उन्हें समझाया कि आप राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति हो जाओगे क्यों झगड़ा करते हो। लेकिन उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति रिटायर होंगे तो कुत्ता भी रास्ता नहीं छोड़ेगा।

सीकर। 2003 से लेकर पिछले 20 सालों में सत्ता मेरे पीछे घूमती रही और मैं आगे आगे चला रहा। जब इच्छा हो सरकार में शामिल हो सकता हूं। चाहूं तो दिल्ली की सरकार में या फिर स्टेट की सरकार में। यह कहना है कि नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का। बेनीवाल मंगलवार को सीकर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में सूतोद गांव में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति और धर्मशाला शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे।

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इस दौरान एक सभा में बेनीवाल ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जब देश का किसान तकलीफ में था तो हरियाणा और यूपी के किसानों से मुझसे कहा था कि अगर आप जयपुर दिल्ली के राजमार्ग को जाम कर दो तो बड़ी ऊर्जा मिलेगी। इसके बाद मैंने एनडीए को छोड़ दिया। जब सेना के सम्मान पर ठेस पहुंची तो मैंने रैली करके प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी। अग्निपथ के विरोध का परिणाम है कि सरकार जहां 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी करने की बात करती थी वह आंकड़ा अब 50 प्रतिशत पर आ गया है।

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बेनीवाल ने कहा कि जब तक हम एक साथ खड़े नहीं होंगे तब तक हमारा सत्ता पर कब्जा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम उस समाज से आते हैं जिसने कभी हार नहीं मानी। जिस समाज ने दिल्ली के तख्त ताज बदल दिए। समाज को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास हुआ। समाज से कई पंथ बने और कई लोग धर्मों में चले गए, लेकिन समाज को कोई तोड़ नहीं पाया। बेनिवाल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे समर्थक इतना फोन करते हैं कि उनके फोन के चक्कर में मैं जरूरी फोन भी नहीं उठा पाता। इतना कोई अशोक गहलोत को नहीं करता है। बेनीवाल ने कहा कि मिशन 2023 पूरा करना है। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, तेजा सेना के श्रीराम बिजारणियां, सचिन पिलानियां सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

नीमकाथाना. द्वितीय श्रावण माह में 21 अगस्त को बरसात होने के बाद जिलेवासी एक सप्ताह से बारिश के इंतजार में हैं। 4 जुलाई से प्रथम श्रावण बारिश के संग शुरू होने से जिले के सबसे बड़े बांध रायपुर के भरने की आस जगी थी, लेकिन अगस्त सूखा जाने से उम्मीद टूट गई। हालांकि आसमान में दिनभर बादल जरूर छाए रहते हैं। दो दिन पहले सुबह मौसम ऐसा हुआ कि झमाझम बारिश होगी मगर शाम तक बदरा बिना बरसे ही चले गए।

आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो गत 2022 के अनुपात में इस वर्ष अगस्त में 28 एमएम कम बारिश हुई है। वर्ष 2022 में 25 अगस्त तक 84 एमएम बारिश हो चुकी थी। दो श्रावण होने के बावजूद कम बारिश होना चिंता का विषय है। तहसील कार्यालय के सात वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डाली जाएं तो अगस्त 2020 में सबसे ज्यादा 246 एमएम बारिश हुई थी। अगस्त 2019 में भी इन्द्र देव मेहरबान होने से आंकड़ा 159 एमएम तक पहुंचा। वहीं वर्ष 2017 में 54 एमएम बारिश हुई थी, जो इस वर्ष की तुलना में 2 एमएम बारिश कम है। जून- जुलाई में अच्छी बारिश होने से किसानों ने खुश होकर खरीफ की फसल की बुवाई की थी, लेकिन अगर ऐसा ही मौसम रहा तो फसल सूख जाने से पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।

जून-जुलाई में अच्छी बारिश होने से जिले की कासावती व टपकेश्वर की नदी में पानी आने से जिले का सबसे बड़ा बांध छलकने के साथ ही क्षेत्र के एनिकट व अन्य बांध ओवरफ्लो हो गए थे। अगस्त में बारिश नहीं होने से इनका जलस्तर घटने लग गया है। वहीं तेज बारिश के बावजूद भी रायपुर बांध तक पानी नहीं पहुंचने का नदियों में अतिक्रमण व गहरे गड्डे होने का भी बड़ा कारण है।

श्रावण माह में अबतक हुई 19 दिन बारिश

जुलाई व अगस्त माह में बारिश का रिकॉर्ड उठा कर देखा जाए तो दोनों श्रावण माह में 19 दिन ही बारिश हुई, जिसमें सबसे ज्यादा 18 दिन जुलाई में ही बारिश हुई। अगस्त में अब तक एक ही दिन मेघ बरसे। इस वर्ष अधिक माह होने से श्रावण भी दो माह का हुआ। पहले श्रावण में अच्छी बारिश होने से दूसरे श्रावण में भी अच्छी बरसात का अनुमान था, लेकिन इंन्द्र देव केवल चिड़ाकर ही जाते रहे।

सूखे निकले अधिकतर सोमवार

इन्द्र देव ने भले ही श्रावण माह बारिश के संग शुरू किया हो लेकिन, प्रथम व द्वितीय श्रावण माह के सोमवार सूखे ही निकले हैं। प्रथम श्रावण के पहले व द्वितीय सोमवार को बारिश हुई। श्रावण (अधिक) माह का पहला सूखा व दूसरे सोमवार को 25 एमएम बारिश हुई। द्वितीय श्रावण माह के सभी सोमवार सूखे ही निकले है। हालांकि इस माह में एक दिन जरूर इन्द्र देव मेहरबान हुए थे।

सीकर/ खाटूश्यामजी. बाबा श्याम के दरबार में दिनोंदिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते अपराधियों व बदमाशों की सक्रियता बढ़ गई है। ये आरोपी मंदिर व उसके आसपास भीड़भाड़ वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं की पॉकेटमारी, चेन स्नैचिंग, मोबाइल व सामान पर हाथ साफ करते हैं।मासिक मेले की एकादशी पर दिनभर थाने पर श्रद्धालुओं की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने चेन स्नैचिंग व पॉकेटमारी के आरोप में 20 महिलाओं सहित 33 आरोपी गिरफ्तार किए। सीओ रींगस व थाना प्रभारी महावीर सिंह के निर्देशन में टीम ने 33 बदमाशों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस की टीम में हैड कांस्टेबल हरि सिंह, श्रवण, मोहन, बीट प्रभारी देवीलाल, राजेंद्र, संतोष गुर्जर, सुभाष गुर्जर, अमरावती, दिनेश आरएससी, इंद्राज सिंह, राजूराम आदि शामिल थे।

राजकुमारी बावरिया हरियाणा, राजश्री खटीक मुरलीपुरा जयपुर, ममता फूलमाली निवासी कच्ची बस्ती रणजीत नगर भरतपुर, क्रान्ति कुम्हार निवासी मोखली रुपवास भरतपुर, हेमा ठाकुर, निवासी जुपसेड़ा कोटपूतली, संता देवी चौहान निवासी महेन्द्रगढ़ हरियाणा, जनता देवी बावरिया निवासी शिमला गुजरान, पानीपत हरियाणा, गुड्डी खटीक व आशा खटीक निवासी बड़ी चौपड़ जयपुर, टीना राजपूत निवासी नगला मोटूक फरीदाबाद हरियाणा, ज्योति खटीक निवासी शिकारी मोहल्ला मुरलीपुरा जयपुर, गुड्डी देवी निवासी करबला घंटाघर के पास जयपुर, प्रेमवती बंजारा व कुमार सेडू बंजारा निवासी जहांगीरपुर भरतपुर, सीमा देवी कुम्हार निवासी बजेरा भरतपुर, सीमा देवी राघव ठाकुर निवासी कलुपुरा, गाजियाबाद यूपी, संगीता खटीक मुरलीपुरा, जयपुर, बबली ठाकुर बूपसेड़ा कोटपूतली, बेबी देवी माली निवासी मौरमण्डी भटिंडा पंजाब, रेशमा निवासी गलता गेट जयपुर, प्रवीण कोली हसनपुर, कृष्ण कुमार बावरिया निवासी नांगल फरीदाबाद, विनोद बैरवा झोटवाड़ा जयपुर, अरुण जाटव निवासी पलवल हरियाणा, कन्हैया फूलमाली निवासी बजरिया भरतपुर, निनातो माली, मोड मंडी पंजाब, दीपक राघव, कल्लूपुरा गाजियाबाद, सतपाल राजपूत निवासी नानी का फाटक जयपुर, ज्वाला खटीक निवासी फतेहपुर फरीदाबाद,भूपेन्द्र जाटव निवासी पलवल हरियाणा, राहुल ठाकुर भरतपुर, लीलू बागड़ी, अकबरपुर अलवर व सूरज सिंह पंवार निवासी दौलतपुरा बेनाड़ जयपुर को गिरफ्तार किया गया।

नीमकाथाना. राजस्थान सरकार की ओर से 2030 में राज्य के चहुंमुखी विकास को लेकर तैयार किए जा रहे विजन डाक्यूमेंट के लिए सोमवार को वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से लीज धारकों से सुझाव लिए गए। शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित मिशन 2030 बैठक में उपवन संरक्षक वीरेन्द्र कृष्णियां और प्रदूषण नियंत्रण मंडल क्षेत्रीय अधिकारी नीरज शर्मा उपस्थित रहे।

उन्होंने लीज धारकों को मिशन के लिए राज्य सरकार की मंशा से अवगत करवाते हुए सभी दोनों विभागों में सामने आने वाली समस्याओं और उनके सकारात्मक समाधान के लिए सुझाव देने के लिए प्रेरित किया। बैठक में उद्योग संघ नीमकाथाना अध्यक्ष दौलतराम गोयल ने वन विभाग की भूमि से गुजर रहे रास्ते जो सभी ग्रामीणों और अन्य लोगों द्वारा तो उपयोग किए जा रहे हैं परन्तु व्यवसायिक वाहनों के लिए प्रतिबंधित हैं, का डायवर्जन करवाकर रास्तों को व्यवसायिक वाहनों के लिए भी सुचारू करवाने का सुझाव दिया।

साथ ही नीमकाथाना माइनिंग एण्ड क्रेशर वैलफेयर सेवा समिति सचिव शंकर सैनी ने वन सीमा के साथ लगती खातेदारी भूमि में व्यवसायिक गतिविधि के उचित वन रक्षा मानदंड अपनाते हुए न्यूनतम दूरी के प्रावधानों को पूर्व की भांति 25 मीटर रखने, अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए प्रस्तुत आवेदन पत्रों का समयबद्ध और बिना भेदभाव के मेरिट के आधार पर निस्तारण करने, वन विभाग द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे पौधा रोपण में स्थानीय वनस्पति का संरक्षण कर अधिकाधिक स्थानीय वनस्पति का पौधारोपण करने, गाजर घास और अन्य खतरनाक खरपतवार को वन क्षेत्र और अन्य चारागाह क्षेत्र में फैलने से रोकने के प्रभावी उपाय करने की मांग की।

सैनी ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों से क्षेत्र के खनन क्षेत्रों में पक्की सड़कें बनाने की मांग करते हुए सुझाव दिया। इसके लिए क्षेत्र के व्यवसायियों द्वारा जमा करवाए जा रहे डीएमएफटी फंड का उपयोग किया जा सकता है। बैठक में वन विभाग के कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत करवाते हुए समस्या समाधान सुझाव दिए। बैठक में नीमकाथाना प्रभारी उप वन संरक्षक बनवारी लाल नेहरा, रेंजर श्रवण कुमार बाजीया, पाटन रेंजर मनोज कुमार मीणा, लघु उद्योग भारती के पीयूष मेगोतिया, छगन लाल मोदी, सीताराम यादव, दिनेश अग्रवाल, पुनीत सैनी, प्रहलाद व्यास समेत अनेक लीज धारक और अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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