>>: Rajasthan Politics: आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल का विवादित बयान

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

rajasthan politics राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक विवादित बयान देते हुए कहा, राज्यपाल का पद बेकार है, क्योंकि उन पर बहुत खर्च होता है। बेनीवाल ने कहा कि ज्यादातर राज्यपालों को 80 साल की उम्र पार करने पर पद दिया जाता है। किसी नेता को मुख्यधारा की राजनीति से हटाने के लिए उन्हें राज्यपाल के पद पर बिठाया जाता है। वैसे भी राज्यपाल का पद बेकार है, इसमें बहुत खर्च होता है। इनके चाय, नाश्ते और खाने पर होने वाले खर्च को देखेंगे तो आप भी चौंक जाएंगे। जबकि इनका काम सरकार द्वारा लिखित में दी गई बातों को पढ़ने तक ही सीमित है, बल्कि सरकार को इसे खुद ही पढ़ना चाहिए। आखिर ये पोस्ट किसलिए है, इस छोटे से काम के लिए राज्यपाल, इसे ख़त्म किया जाना चाहिए, क्योंकि राज्यपाल केवल एक डाकिया का काम कर रहे हैं।

आरएलपी-पायलट राजस्थान में 100 सीटें जीतते
सचिन पायलट पर हनुमान बेनीवाल ने कहा उन्होंने अपनी ही छवि खराब की है। मंगलवार को जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अगर पायलट ने समय रहते अपनी पार्टी छोड़ दी होती तो आरएलपी और सचिन पायलट मिलकर राजस्थान में 100 सीटें जीतते।

यह भी पढ़ें - 'गहलोत भले ही मुख्यमंत्री हैं, पर खुद कभी नहीं जीत सके ये चुनाव' जानें किसने कहीं ये बात

सरकार के खिलाफ निकालेंगे रैली
राजस्थान में छात्र संघ चुनाव रद्द होने पर आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, छात्र संघ चुनाव रद्द होने की वजह से वह राज्य सरकार से काफी नाराज हैं। अब हम जिला स्तर पर सरकार के खिलाफ रैली निकालेंगे। साथ ही 14 सितंबर को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में छात्र पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें एक लाख से ज्यादा युवा हिस्सा लेंगे।

अर्जुन राम मेघवाल पर लगाए आरोपों की जांच हो
सांसद हनुमान बेनीवाल ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष कैलाश मेघवाल द्वारा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की भी मांग की। उन्‍होंने कहा, भ्रष्टाचार में गहलोत-वसुंधरा एक साथ हैं। अपने पहले के आरोपों को दोहराते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 2030 विजन के बारे में चुटकी लेते हुए कहा कि जब 2030 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नहीं रहेंगे तो आखिर किस बात का विजन जारी किया जा रहा है?

यह भी पढ़ें - छात्रसंघ चुनाव न कराना गलत फैसला, हनुमान बेनीवाल बोले - छात्र नेताओं की आवाज दबाना बर्दाश्त नहीं, तत्काल करें रिहा

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajasthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.