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कोरोना गले की आवाज भी छीन सकता है, रिसर्च में हुआ खुलासा Sunday 24 December 2023 08:48 AM UTC+00 | Tags: health पेडियाट्रिक जर्नल में प्रकाशित एक अनुसंधान ने खुलासा किया है कि कोरोना वायरस के प्रभाव से सिर्फ टेस्ट और गंध ही नहीं, बल्कि गले की आवाज भी प्रभावित हो सकती है। इसे "वोकल कॉर्ड पैरालिसिस" कहा जाता है, जो एक नई तथा अद्वितीय पहलु है जो कोरोना संक्रमण के साथ जुड़ी हुई है। यह रिसर्च ने बताया है कि कोरोना गले में भी संक्रमण फैला सकता है, जिससे हम इस वायरस के प्रभाव को समझने की दिशा में एक कदम और बढ़ा सकते हैं। इससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों को नए दृष्टिकोण से इस महामारी का सामना करने के लिए तैयारी करने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट JN.1 के प्रसार के कारण, चीन-सिंगापुर से लेकर भारत के कई क्षेत्रों में संक्रमण में वृद्धि हो रही है। इस नए वेरिएंट के संबंध में हो रहे अध्ययन में यह साबित हो रहा है कि मृत्यु दर और अस्पतालों में चिकित्सा में वृद्धि हो रही है, जो कि पहले डेल्टा वेरिएंट के समय देखी गई थी, हालांकि यह वेरिएंट कई रूपों में शरीर को प्रभावित कर सकता है। यह एक रिसर्च में प्रतिस्थापित हुआ है कि कोरोना गले में भी संक्रमण पैदा कर सकता है, जिससे इस महामारी के नए पहलुओं को समझने के लिए हमें और भी जागरूक होने की आवश्यकता है। पेडियाट्रिक जर्नल में प्रकाशित "Bilateral vocal cord paralysis requiring long term tracheostomy after SARS-CoV-2 infection" नामक रिसर्च ने कोरोना संक्रमण के प्रभाव को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। इस अद्वितीय अध्ययन में स्पष्ट हुआ है कि कोरोना वायरस के कारण गले की आवाज में तकलीफें पैदा हो सकती हैं और इसे "वोकल कॉर्ड पैरालिसिस" कहा जा रहा है। यह रिसर्च में दिखाया गया है कि ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को दीर्घकालिक ट्रैकिओस्टोमी की आवश्यकता हो सकती है, जो एक नई चुनौती उत्पन्न करती है और कोरोना संबंधित समस्याओं को समझने में मदद कर सकती है।
इसके अलावा, इन सभी सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। 20 दिसंबर को, ILI/SARI के मामलों को संभालने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक बैठक को आयोजित किया। इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य अधिकारी शामिल थे। वर्तमान में, कोविड परीक्षण के डेटा का अनुरोध ICMR द्वारा किया जा रहा है, जिसके साथ दिल्ली सरकार ने ICMR से कोविड संबंधी लैब टेस्टिंग डेटा को साझा करने का अनुरोध किया है। 19 दिसंबर को, केरल और कर्नाटक राज्यों में किए गए आरटी-पीसीआर परीक्षणों की संख्या और सकारात्मकता दर उसी क्रम में 537 और 487 और 20.75% और 2.41% रही। दिल्ली में, एक ही दिन में आरटी-पीसीआर और सकारात्मकता की संख्या क्रमशः 208 और 0.48% रही। कोरोना महामारी के प्रति दिल्ली सरकार की तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से पहला आदेश है कि सभी दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आने वाले ILI/SARI रोगियों से कोविड के नमूने एकत्र किए जाएंगे। दूसरा आदेश है कि दिशानिर्देशों के अनुसार, आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए पर्याप्त संख्या में कोविड नमूने भेजे जाएं। तीसरा आदेश है कि दिशानिर्देशों के अनुसार सकारात्मक आरटी पीसीआर नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाए। और चौथा आदेश है कि भीड़-भाड़ वाली और कम हवादार जगहों से बचने और भीड़-भाड़ वाली और नज़दीकी जगहों और अस्पताल परिसरों में मास्क पहनने के लिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के लिए उपाय किए जाने Tags:
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