>>: Digest for December 25, 2023

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उपखंड क्षेत्र में पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री पाए जाने तथा सरकारी गाइड लाइन के अनुसार निर्माण कार्य नहीं होने पर अधिशासी अभियंता ङ्क्षपटू मीणा मौके पर खड़े रहकर जेसीबी मशीन मंगवाकर घटिया निर्माण कार्य को ध्वस्त करवा दिया। जिससे अन्य संवेदकों में हडकंप मच गया।

सूत्रों के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा गांव सींदरा से भंवरसागर सडक़ मार्ग पर पंद्रह लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य जारी है। पुलिया निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर के दौरान जारी की गई शर्तों के अनुरूप पुलिया निर्माण कार्य नहीं करने की ग्रामीणों द्वारा अधिशाषी अभियंता ङ्क्षपटू मीणा को शिकायत की थी।


ग्रामीणों की शिकायत पर अधिशासी अभियंता ङ्क्षपटू मीणा ने शनिवार को सींदरा से भंवरसागर सडक़ मार्ग पर चल रहे पुलिया निर्माण कार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री तथा टेंडर की शर्तों के अनुसार कार्य नहीं होने पर अधिशासी अभियंता ने संवेदक मैसर्स पुरुषोत्तम को जमकर फटकार लगाई।

मौके पर तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर घटिया सामग्री से निर्मित निर्माण कार्य को ध्वस्त करवा दिया। अधिशाषी अभियंता ने कनिष्ठ अभियंता लोकेश शर्मा को संवेदक को नोटिस जारी कर दुबारा से गुणवत्ता पूर्ण सामग्री के उपयोग से पुलिया निर्माण के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता ङ्क्षपटू मीणा ने बताया कि क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जारी कार्यों में घटिया सामग्री पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

उपखंड क्षेत्र में अब कृषि कार्य किसानों के लिए आजीविका का बड़ा साधन बनता जा रहा है। किसी समय में किसान सामान्य खेती कर अपना जीवन यापन करता था लेकिन अब किसानों ने पारंपरिक खेती की बजाए नवाचार किए जिसके बूतें सालाना लाखों रूपए कमा रहे हैं। उपखंड क्षेत्र के संदेड़ा फार्म के 46 वर्षीय दीनदयाल चौधरी जैविक व उन्नत तकनीक से खेती में नवाचार कर प्रतिवर्ष लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।

ऐसे की शुरुआत

दीनदयाल चौधरी ने बताया कि वर्ष 2002 से वर्ष 2020 तक गांव के ही एक निजी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाते रहे। परिवार का पालन-पोषण कृषि पर आधारित था, ऐसे में शुरू से ही कृषि विभाग की कई कार्यशाला, संगोष्ठियों में हिस्सा लिया। इसके चलते बागवानी की ओर कदम बढ़ाने की ठानी। एप्पल बैर की खेती को लेकर सोशल मीडिया पर चितौड$गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी के एक किसान का वीडियो देखा। जिस पर किसान के उपलब्ध नंबरों पर संपर्क गांव के आधा दर्जन किसानों के साथ बड़ी सादड़ी पहुंचकर किसान की ओर से की जा रही एप्पल बैर खेती की जानकारी जुटाई।

चार किसानों ने शुरू की खेती

दीनदयाल चौधरी ने बताया कि किसान से मिली जानकारी के अनुसार चितौड$गढ़ नर्सरी के माध्यम से कोलकाता से एप्पल बैर के 35 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से कुल 4000 पौधे मंगवाए। उसने अपने स्वयं के खेत में 1000 पौधे लगाए। वहीं गांव के ही किसान प्रहलाद, दीनदयाल, हंसराज ने भी एक-एक हजार पौधे लगाए हैं। किसान दीनदयाल ने बताया कि दो वर्ष में उसे करीब 10 लाख रुपए का मुनाफा हो चुका हैं। वहीं इस वर्ष अब बिक्री शुरू होगी।

विभाग के प्रशिक्षण में ली जानकारी

किसान दीनदयाल विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जाने पर वहां पहुंचते थे। कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी व वानिकी, कृषि विज्ञान केन्द्र सहित सभी प्रशिक्षणों में वह हिस्सा लेने पहुंचे तहां जाने से कृषि व वानिकी की उन्नत खेती की उसे समुचित जानकारी हो चुकी थी। साथ ही संदेड़ा फार्म नवाबों का बीड़ था। जहां नवाबों के समय झाडिय़ां थी। जहां पूर्वजों ने झाड़ को हटाकर सरसों, गेहूं की खेती कर रहे थे। ऐसे में शुरुआत में फिर से सरसों की जगह बैर की खेती करने की ठानी तो परिजनों ने यहीं कहा कि झाड़ को हटाने में बरसों लग गए, अब फिर से वहां झाड़ लगाने जा रहा हैं।

रसायनों का नहीं कर रहे प्रयोग

किसान दीनदयाल चौधरी ने बताया कि 4 बीघा में की जा रही उन्नत खेती में रसायनों का उपयोग नहीं किया जाकर जैविक खाद उपयोग में लिया जा रहा है। नीम, गौमूत्र, पुराना गोबर, जड़ी बूटियों के पेस्टीसाइड का उपयोग करने से बैर में मिठास होने के साथ प्रति पेड़ 20 से 40 किलों तक बैर लदे हैं। किसान ने बताया कि खेती की सफलता को देखकर कई अन्य किसान भी जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। जिन्हें भी प्रेरित किया जा रहा हैं। किसान ने बताया कि बैर को कैरटों में भरकर पिकअप वाहन में भरकर फल मण्डी भेजते हैं। वहीं गांव में भी इनकी खपत होती हैं। किसान ने बताया कि प्रतिवर्ष लाखों रुपए की आय हो रही है।

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