>>: Ghee Price: सरस डेयरी ने घटाए घी के दाम, लोगों को मिलेगी राहत

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अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने सरस घी के दामों में कमी की है। यह कटौती 15 जनवरी से दो माह तक शादी-समारोह को देखते हुए की गई है। भाव में कमी से राज्य में 36 करोड़ उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि 15 जनवरी से दो माह तक लगातार शादी-समारोह होंगे। इसके चलते सरस डेयरी ने देशी घी के भावों में कमी करने का फैसला किया है। जो उपभोक्ता दस टिन से ज्यादा घी खरीदेगा उसे डेयरी मुख्यालय पर ही इसे मुहैया कराया जाएगा। नियमित उपभोक्ता डेयरी बूथ से घी खरीद सकेंगे। मालूम हो कि पिछले दिनों डेयरी दूध के खरीद मूल्य पर भी 20 पैसे प्रति फैट की कमी की है। बाजार में मार्च में वृद्धि होने पर इसे वापस बढ़ाया जाएगा।

यों रहेगी होगी भाव में कमी

15 किलो टिन-35 रुपए05 लीटर पीपी-25 रुपए

01लीटर पैक-25 रुपएआधा लीटर पैक-25 रुपए

डेयरी को कृषि अथवा उद्योग का दर्जा देने की मांग
दुग्ध उत्पादन ज्यादा होने से अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने दूध के खरीद मूल्य में 20 प्रति पैसे प्रति फैट की कटौती की है। डेयरी को कृषि अथवा उद्योग का दर्जा देने सहित अन्य प्रस्ताव पारित किए हैं। यह निर्णय संचालक मंडल में लिए गए हैं। डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि दूध की भारी आवक और उठाव कम होने से खरीद मूल्य में गुरुवार से 20 पैसे प्रति फैट की कटौती का निर्णय लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के 5 रुपए, मिड-डे-मील योजना एवं पशु बीमा योजना को यथावत रखने और पशुपालक क्रेडिट कार्ड योजना लागू करने की मांग की।

चौधरी ने कहा कि अजमेर डेयरी रेलवे फाटक पर सात साल से ओवरब्रिज एवं अंडरपास का कार्य अटका है। इससे आमजन, पशुपालकों और डेयरी को आर्थिक, मानसिक परेशानी हो रहा है। डेयरी जनवरी में राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से डेयरी को कृषि अथवा उद्योग का दर्जा देने की मांग भी की गई है। सरकार से नेशनल मिल्क ग्रिड बनाने की मांग की जाएगी, ताकि कश्मीर, ओडिशा और उत्तर पूर्वी राज्यों को भी पर्याप्त दुग्ध सप्लाई हो सकेगी।

आगामी प्राथमिकताएं

संघ लेगा बैंक से 80 करोड़ का ऋण, सरकार से मांगेंगे बकाया 65 करोड़ रुपए, बिना अवकाश पशुपालकों से खरीदेंगे दूध, मृतक आश्रितों को अनुकम्पा पर नौकरी, जनवरी से पशुपालकों को बकाया भुगतान, केंद्र सरकार से नि:शुल्क पशु सीमन की मांग की जाएगी।

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