>>: New variant of Corona: सावधान! फिर आ रहा कोरोना, चिकित्सा विभाग सतर्क

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सॉर्स कॉव-2 जेएन-1 वेरिएंट के साथ दो साल तक सड़कों पर सन्नाटा पसारने वाला व लाखों लोगों को काल कवलित करने वाला कोरोना फिर लौट रहा है। प्रदेश के जैसलमेर, जयपुर, झुंझुनूं, भरतपुर के साथ अन्य जगहों पर कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं। प्रदेश के साथ देश में कई जगह पर कोरोना के कारण लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, पाली जिले में अभी तक कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन जिस तरह से यह देश व विदेश में फैल रहा है। उसे देखते हुए एक बार फिर सतर्कता व सावधानी रखना बेहद जरूरी है। चिकित्सा विभाग भी कोरोना को लेकर सतर्क है। इसी के तहत जिले के सभी ऑक्सीजन प्लांटों की जांच के साथ स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाइयां आदि की उपलब्धता करवाई जा रही है। इसकी जांच के लिए पाली में करीब 2 हजार से अधिक किट भी मौजूद है।

इस तरह के मिल रहे लक्षण
कोरोना से ग्रसित होने वालों में खांसी, श्वास की तकलीफ, थकान, मांसपेशियों व शरीर में दर्द, गले में खराश, तेज बुखार आदि की समस्या आ रही है। वहीं कुछ मरीजों में पेट खराब होने व श्वास फूलने की समस्या भी देखने को मिल रही है। वैसे इसके लक्षण फ्लू से मिलते जुलते है।
स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन से बना
विशेषज्ञों के अनुसार कोविड का नया स्टेन जेएन.1 कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट के सब वेरिएंट बीए.2.86 के स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन से पैदा हुआ है। यह पिछले सितम्बर में पहली बार लक्सजमबर्ग में मिला था। जो अब विश्व के कई देशों के साथ हमारे देश व प्रदेश में भी पहुंच गया है।
कोविड नियमों का करना चाहिए पालन
चिकित्सकों के अनुसार कोरोना के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कोविड नियमों का पालन करना चाहिए। सामाजिक दूरी रखना, मास्क पहनना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना है।
टॉपिक एक्सपर्ट
लक्षण दिखने पर चिकित्सक से जांच करवाएं
बांगड़ चिकित्सालय में आने वाले मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण दिखने या आशंका होने पर जांच करवा रहे हैं। यदि मरीज आएंगे तो पुराने स्थल पर ही कोविड ओपीडी अलग से शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल के सभी बेड पर ऑक्सीजन है। दवाइयाें की भी पूरी व्यवस्था है। आमजन भी सतर्क रहे, घबराए बिल्कुल भी नहीं। उन्हें ऐसे कोई लक्षण दिखाई दे तो वे चिकित्सक से जांच जरूर करवाएं।
डॉ. पीसी व्यास, अधीक्षक, बांगड़ मेडिकल कॉलेज, चिकित्सालय, पाली

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