-स्वीकृति नहीं मिलने के कारण करीब डेढ़ हजार परिवारों को नहीं मिल पा रहा पर्याप्त मात्रा में पानी
-कॉलोनी बनने के साथ ही बिछाई गई थी पेयजल लाइन, पुरानी होने के साथ ही कई जगहों से टूटी लाइन में जलापूर्ति के दौरान बह जाता है पानी
दो साल बाद भी पुरानी पाइपलाइन बदलने का प्रस्ताव मंजूर नहीं होने से बढ़ी मुश्किल
जलापूर्ति में टूटी पेयजल लाइन बहा रहा पानी, बढ़ी मुश्किल, टेंकर से मंगा चला रहे रहे काम
-दो साल पहले ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड की लाइफलाइन दो साल बाद भी नहीं बदली जा सकी, नई पेयजल लाइन बिछाए जाने के साथ ही पम्पिंग मशीन आदि लगाए जाने के लिए सर्वे कराने के बाद भेजा गया था तकरीबन तीन करोड़ का प्रसताव, तकरीबन डेढ़ हजार बाशिंदे इस समस्या से सीधा हो रहे प्रभावित, कॉलोनी बनाए जाने के दौरान बिछाई गई पानी की पुरानी लाइन जीर्ण-शीर्ण होने के साथ तकरीबन आधा दर्जन स्थानों से हो चुकी है क्षतिग्रस्त, कई बार मरम्मत होने के बाद भी फिर से हो जाती है वही स्थिति
नागौर. शहर के ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर एक एवं दो में जीर्ण-शीर्ण लाइन हटाकर नई लाइन बिछाए जाने के प्रस्ताव पर अब तक मुहर नहीं लग सकी। प्रस्ताव तकरीबन दो साल पहले भेजा गया था। नई पाइपलाइन नहीं लगने की वजह से जलापूर्ति के दौरान ज्यादातर पानी घरों में पहुंचने की जगह पुरानी पाइप लाइन में हुए लीकेजों के चलते बह जाता है। हालांकि इनकी तत्कालिक तौर पर मरम्मत करा तो दी जाती है, लेकिन बाद में फिर वही स्थिति हो जाती है। जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव को मंजूर कराने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद तुरन्त ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। नई पाइपलाइन लगाए जाने के बाद फिर यह समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
जलदाय विभाग के अनुसार ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड में पानी की लाइन कॉलोनी बनाए जाने के दौरान ही बिछाई गई थी। इसके बाद से अब तक इसी पाइपलाइन के माध्यम से लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा है। अत्याधिक पुरानी होने की वजह से यह लाइन कई जगहों पर से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसकी मियाद भी खत्म हो चुकी है। अब ऐसे में बार-बार मरम्मत कराने के बाद भी लीकेज हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र का विभाग की ओर से पुरानी पाइपलाइन की कई जगहों पर से जांच कराई गई थी। जांच में यह लाइन कई तकरीबन आधा दर्जन स्थानों से काफी कमजोर स्थिति में मिली। कुछ जगहों पर तो यह लाइन लगभग डैमेज हो चुकी है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग की ओर से योजना बनाकर तकरीबन तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार योजना के प्रारूप में सेक्टर एक और दो के पूरे कॉलोनी एरिया को लिया गया था। इसमें सभी जगहों पर से पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई लाइन बिछाई जानी थी। यहां लाइनों का जाल इस तरह बिछाया जाना था कि इन दोनों सेक्टर के सभी घरों तक पानी सुव्यवस्थित तरीके से आपूर्ति करने की व्यवस्था हो सके। इसके अलावा इंदास रोड पर भी जल संकट की स्थिति है। इसलिए इस एरिया की जलापूर्ति मुख्य लाइन बदलने का प्रस्ताव भी इसमें शामिल किया गया था। पेयजल लाइन बिछाए जाने के बाद पम्पिंग की पूरी मशीनरी भी लगाई जानी थी।
जलापूर्ति में बह जाता पानी, मंगाना पड़ता है टेंकर
स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि कई साल पुरानी पेयजल लाइन होने के कारण जलापूर्ति के दौरान ज्यादातर पानी तो बह जाता है। थोड़ा बहुत पानी ही मिल पाता है। यह स्थिति एक या दो घरों की नहीं, बल्कि क्षेत्र के ज्यादातर घरों की हो गई है। पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाने के कारण फिर टेंकर से जल परिवहन कराना पड़ता है। हर इस तरह से कम से कम चार से पांच टेंकर प्रति घर का औसत हो जाता है। इस संबंध में सहायक अभियंता एवं अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों को भी कई बार ज्ञापन देकर वस्तुस्थिति से लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी अब तक केवल आश्वासन मिला है, समाधान नहीं।
टूटी लाइन बहा रहा पानी
पेयजल लाइन में कई जगहों से लीकेज हो चुका है। इसकी वजह से जलापूर्ति के दौरान ज्यादातर पानी तो बह जाता है। इसके चलते कई बार सर्दियों में भी पानी के टेंकर मंगाकर काम चलाना पड़ता है। इस संबंध में जलदाय विभाग से कई बार समाधान किए जाने का आग्रह किया जा चुका है। इसके बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
सुभाष चन्द्रा, ताऊसर रोड-हाउसिंग बोर्ड
मुख्य पेयजल लाइन एक जगह से नहीं, बल्कि कई जगहों से टूट चुकी है। इसकी वजह से गर्मी के दिनों में यह पूरा क्षेत्र अकाल प्रभावित सरीखे क्षेत्र में बदल जाता है। पूरी गर्मी में टेंकर से मंगाकर काम चलाना पड़ता है। कई सालों से यह समस्या बनी हुई है।
बालकिशन आदित्य, ताऊसर रोड-हाउसिंग बोर्ड
इनका कहना है...
ताऊसर रोड स्थित हाउसिं बोर्ड के सेक्टर एक व दो में नई पेयजल लाइन बिछाई जानी है। इसका प्रस्ताव पहले ही भेजा चुका है। प्रस्ताव मंजूर होते ही काम शुरू कराया दिया जाएगा। इसके बाद भी ऐसी कोई समस्या आती है तो विभाग की ओर से उसका समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाता है।
महेन्द्र कांटीवाल, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग नागौर