>>: नया साल लाया पर्यटन के लिए खुशियों का पैगाम

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नया साल 2024 सैलानियों के पसंदीदा स्थान जैसलमेर के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। साल के शुरुआती जनवरी महीने में अब तक अनुमानित 30 हजार से ज्यादा सैलानी जैसलमेर की सैर पर आ चुके हैं और अभी तक करीब दो सप्ताह का समय और शेष है। देशभर के अलग-अलग राज्यों व क्षेत्रों के साथ राजस्थान के कोने-कोने से देशी सैलानीस्वर्णनगरी के स्थापत्य सौन्दर्य और मखमली रेत के धोरों के आकर्षण में बंध कर यहां खिंचे चले आ रहे हैं और इससे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में जबर्दस्त उत्साह और उमंग देखी जा रही है। प्रत्यक्ष-परोक्ष 50 हजार से ज्यादा लोग पर्यटन पर आजीविका के लिए आश्रित हैं और कहने की जरूरत नहीं है कि सभी को पर्यटकों की भीड़ के उमडऩे से लाभ मिल रहा है। आमतौर पर नए साल का जश्न मनाने के बाद सैलानियों के आगमन का दौर मंद पड़ जाता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ और विगत कई वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सैलानी नए साल के पहले महीने में स्वर्णनगरी की सैर पर पहुंचे हैं। देश के प्रमुख शहरों से हवाई सेवा की उपलब्धता के साथ रेल, बस और निजी वाहनों से प्रतिदिन हजारों की तादाद में पर्यटक जुट रहे हैं। लम्बी छुट्टियां मतलब ज्यादा भीड़

जैसलमेर पर्यटन को साल के पहले महीने में सरकारी विभागों व शिक्षण संस्थानों की लम्बी छुट्टियां खूब रास आई हैं। प्रति सप्ताह शनिवार और रविवार को तो विगत वर्षों के दौरान जैसलमेर में सैलानी उमड़ते ही हैं, इस बार वीकेंड से पहले या खत्म होने के बाद कोई न कोई सरकारी अवकाश के आ जाने व स्कूलों आदि संस्थानों में सर्दी की छुट्टियां शीतलहर की वजह से बढ़ाए जाने का सीधा लाभ पर्यटन क्षेत्र को मिला है। होटलों और सम व खुहड़ी के रिसोट्र्स में कमरों की बढिय़ा बुकिंग मिल रही है। छुट्टियों में हजारों की संख्या में स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थी ही यहां शैक्षणिक भ्रमण पर आ चुके हैं और अब तक उनके आगमन का सिलसिला जारी है। अब आगामी दिनों में 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है, उसकी कई राज्यों में पूरी छुट्टी है तो केंद्र ने आधी छुट्टी का ऐलान किया है। बाद में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का सार्वजनिक अवकाश है और उस दिन शुक्रवार है तो लिहाजा 27 व 28 तारीख को फिर शनि व रविवार की छुट्टियां आ जाएंगी। ऐसे में पर्यटकों की खासी भीड़ उमडऩी स्वाभाविक है। स्तरीय होटल्स व रिसोट्र्स में इन तीन दिनों की अवधि में कमरों की अच्छी खासी बुकिंग आ चुकी है।

यहां नजर आता है सैलानियों का सैलाब

- सुबह के समय शहर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग में सैलानियों का सैलाब नजर आता है तो शाम के वक्त यह भीड़ सम और खुहड़ी के धोरों पर स्थानांतरित हो जाती है।

- शाम के समय शहर के कलात्मक और सदियों पुराने जलस्रोत गड़ीसर सरोवर पर भी मेले जैसा माहौल दिखाई देता है। दिन में सैलानी पटवों की हवेलियां भी बहुत चाव से देखने पहुंचते हैं।

- सम सेंड ड्यून्स पर अपराह्न के बाद से ही सैलानियों का जमघट लगना शुरू हो जाता है जो शाम होते-होते सघन होता जाता है। सैलानियों को धोरों पर ऊंट की सवारी और जीप सफारी के अलावा रोमांचक पैरामोटरिंग, बाइक राइड आदि भी खूब पसंद आते हैं।

- सैलानियों के जनवरी माह में भरपूर तादाद में आने से शहर के बाजारों में दिन से लेकर देर शाम या रात तक रौनक का मंजर नजर आ रहा है।

 

मेहमाननवाजी से खुश पर्यटक

जैसलमेर आने वाले पर्यटक चाहे वे देशी हो या विदेशी, यहां की विख्यात मेहमाननवाजी के चलते खुश दिखाई देते हैं। एक खुश व संतुष्ट सैलानी पांच अन्य सैलानियों को यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

- मधुरम व्यास, रेस्टोरेंट संचालक

 

मेहमानों की अच्छी आवक

इस बार जनवरी माह में पर्यटकों के रूप में हमारे यहां मेहमानों की अच्छी आवक हो रही है। इससे पर्यटन के अलावा अन्य क्षेत्रों को भी आर्थिक सम्बल मिला है। जैसलमेर का नाम अब देश और दुनिया में विख्यात हो चुका है।

- आनंदसिंह, रिसोर्ट प्रबंधक

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