>>: सोनोग्राफी के हाल: शाहपुरा में रेडियोलॉजिस्ट नहीं, भीलवाड़ा में 10 दिन बाद नंबर

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

शाहपुरा. भीलवाड़ा से अलग होकर नए बने शाहपुरा जिले के सबसे बड़े राजकीय जिला अस्पताल में सोनाग्राफी मशीन चार साल कमरे में बंद है। वजह है रेडियोलॉजिस्ट का नहीं होना। लिहाजा मरीज बाहर से महंगी सोनोग्राफी कराने को मजबूर हैं। इधर, भीलवाड़ा के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल में सोनोग्राफी की दो मशीनें हैं और उतने ही रेडियोलॉजिस्ट हैं, लेकिन मरीज भार इतना है कि 10 से 12 दिन की वेटिंग चल रही है। ऐसे में गंभीर मरीजों को बाजार से महंगी दर पर सोनोग्राफी करानी पड़ रही है। सोनोग्राफी व रेडियोलॉजिस्ट को लेकर मरीजों को भीलवाड़ा व शाहपुरा ही नहीं बल्कि मांडल, जहाजपुर, रायपुर व गंगापुर में भी समस्या का सामना करना पड़ता है।

 

मिली जानकारी के अनुसार, शाहपुरा के जिला अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन चार साल पहले आई थी लेकिन चिकित्सक नहीं होने से मशीन बंद ही पड़ी है। कुछ मरीज निजी सेंटर पर सोनोग्राफी कराते हैं। मालूम हो, सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी निशुल्क होती है जबकि निजी सेंटरों पर 800 से 1000 रुपए तक चुकाने पड़ते हैं।
चिकित्सा विभाग के अनुसार शाहपुरा, मांडल, जहाजपुर, रायपुर तथा गंगापुर के बीच सोनोग्राफी के लिए एक डॉक्टर है। मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण मरीजों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। एक डॉक्टर एक दिन का ही समय दे पा रहा है। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को जांच के लिए सोनोग्राफी लिख रहे हैं, लेकिन उन्हें बाजार में करवानी पड़ रही है।

एमसीेएच में दो डॉक्टर,फिर भी 15 दिन बाद नंबर
भीलवाड़ा में एमजीएच के मातृ एवं शिशु इकाई अस्पताल (एमसीएच) में महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। यहां दो डॉक्टर हैं। वही एमजीएच में एक डॉक्टर है, लेकिन मरीज भार ज्यादा होने से सोनोग्राफी में विलंब होता हैं। ऐसे में महिलाओं को बाजार से सोनोग्राफी करवानी पड़ रही है।

ये बोले मरीज...
पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने सोनोग्राफी जांच लिखी। मगर यहां पर तो 30 दिन का समय दिया जा रहा है।

रेखा देवी, भीलवाड़ा

दो-तीन बार पहले भीड़ ज्यादा होने पर बिना सोनोग्राफी कराए लौटी। गुरुवार को भी जांच नहीं हुई। 60 रुपए किराया खर्च हो गया। परेशानी अलग हुई।
संजना देवी, भीलवाड़ा

परीक्षा के बाद लगेंगे रेडियोलॉजिस्ट
शाहपुरा में एक चिकित्सा अधिकारी पीसीपीएनडीटी में 6 माह का प्रशिक्षण कर लिया, लेकिन परीक्षा नहीं होने से डॉक्टर नहीं लग पा रहे है। परीक्षा के बाद ही सोनोग्राफी सेन्टर पर रेडियोलॉजिस्ट लग सकेंगे।

डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajisthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.