>>: बेहोशी से उठते ही तड़प उठती है आठ साल की मासूम!

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तीन दिन पहले दरिदंगी का शिकार हुई आठ वर्ष की मासूम अब भी दर्द से करार रही है। हालांकि जनाना अस्पताल प्रशासन मासूम का ख्याल परिजनों की तरह रख रहा है। शुक्रवार को बच्ची के प्राइवेट पार्ट में आई गहरी चोट को लेकर डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। फिलहाल बच्ची को जनाना अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है। घाव भरने में करीब छह से सात दिन का समय लगेगा। ज्ञात रहे कि 31 जनवरी की दोपहर शहर के सुजानगंगा नहर के पास दादी के पास खेल रही बच्ची गाय को चारा खिलाने चली गई थी। जहां 22 वर्षीय युवक बच्ची को बेर खिलाने के बहाने खंडहर में ले गया था। जहां बच्ची के दरिंदगी को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था, लेकिन बच्ची अस्पताल में ही भर्ती है। जनाना अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्ची के प्राइवेट पार्ट के आंतरिक हिस्से में चोट आई थी। गायनोलॉजिस्ट डॉ. कमलेश व सर्जन डॉ. राहुल ने जनाना अस्पताल में बच्ची का ऑपरेशन किया। इसे चिकित्सकीय भाषा में थर्ड डिग्री पेरीनियल टीयर रिपेयर कहा जाता है। बच्ची की हालत अब सामान्य है। ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने भी बच्ची से बात की तो उसने मां से मिलने की इच्छा जाहिर की। उसे तुरंत ही उसकी मां व दादी से मिलाया गया। बच्ची की मां व दादी अस्पताल में ही हैं। ऑपरेशन के बाद अब बच्ची सामान्य तरीके से बात कर रही है। उसके घाव भरने में करीब छह से सात दिन का समय लगेगा। साथ ही उसका इलाज अभी कुछ दिन जारी रखा जाएगा। ताकि बच्ची को कोई परेशानी नहीं आए।

एक महीने से शहर में घूम रहा था दरिंदा

मथुरा गेट थाना पुलिस की ओर से आरोपी 22 वर्षीय प्रमोद पुत्र वीरेन्द्र जाटव निवासी बिहार हाल निवासी गंगा मन्दिर भरतपुर (खानाबदोश) को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अगले कुछ दिन में केस की पूरी रिपोर्ट बनाने के बाद आरोपी से दुबारा से पूछताछ करने के लिए उसे जेल से लाएगी। हालांकि अभी तक की प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले करीब एक महीने से शहर में घूम रहा था। पुलिस उसके पैतृक गांव से संबंधित थाना पुलिस से भी जानकारी जुटा रही है कि आखिर आरोपी आदतन अपराधी है या किसी अन्य मामले में तो फरार नहीं है। इसके अलावा आरोपी एक महीने से मंदिर-देवालयों के सामने बैठकर भीख मांग रहा था। साथ ही एक पंसारी की दुकान के सामने ही रात को सोता था। एक पॉलीथिन में कपड़े रखकर चलता था।

बच्ची के परिजनों को दी 21 हजार रुपए की सहायता

भरतपुर में मासूम बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना के बाद अब भामाशाह भी मदद को आगे आए हैं। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने संस्था की ओर से 11 हजार की राशि का चेक तथा नगेन्द्र सिंघल समाजसेवी एवं एकम फार्मेसी के पवन खत्री ने पांच-पांच रुपए की नगद राशि पीडि़त परिवार को उपलब्ध कराई है। अब तक कुल 21 हजार रुपए की राशि पीडि़त बालिका के परिवार को समाजसेवी नगेन्द्र सिंघल एवं संस्था के राजस्थान प्रभारी पुनीत गुप्ता ने दी है। पुनीत गुप्ता ने बताया कि यह एक प्रारम्भिक पहल है। इससे अन्य लोग भी पीडि़त परिवार की मदद करने के लिए प्रेरित होंगे।


पूरे प्रदेश में बढ़ा अपराध का ग्राफ

-विधानसभा में भी मैंने पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढऩे का मुद्दा उठाया था। मैंने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली है। आठ साल की बच्ची के साथ हुई घटना बेहत दुखद व चिंताजनक है। भरतपुर आकर परिवार से मुलाकात करूंगा और मेरे स्तर पर जो मदद हो सकती है। उसे मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।

डॉ. सुभाष गर्ग
विधायक, भरतपुर

एक्सपर्ट: आजीवन कारावास का प्रावधान

-ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका मुख्य होती है। क्योंकि अगर पुलिस के चार्जशीट दाखिल करने में अगर थोड़ी सी भी कमी रह जाती है तो उसका असर पीडि़ता को न्याय मिलने पर पड़ता है। हालांकि पुलिस ऐसे मामलों में बड़ी संजीदगी से काम करती है। अगर जांच सही तरह से कर चार्जशीट पेश की जाए तो ऐसे बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। मामला पोक्सो कोर्ट में चलेगा इसलिए विचारण जल्दी होगा। इससे सजा की सम्भावना प्रबल रहती है।

सत्यप्रकाश कटारा, अधिवक्ता

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