>>: नए जिलों की पिच पर लम्बी पारी नहीं खेल पा रहे ‘कप्तान’

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राज्य सरकार ने अलवर जिले के टुकड़े कर कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा नए जिले तो बना दिए, लेकिन नए जिलों की पिच पर अफसर लम्बी पारी नहीं खेल पा रहे हैं। पुलिस कप्तान यहां किताब के पन्नों की तरह पलटे जा रहे हैं। ऐसे में पहले से ही क्रिटिकल का टैग लिए बैठे इन नए जिलों में सुरक्षा की कमान कमजोर बनी हुई है। वहीं, सरकार की ये अस्थिर व्यवस्था कहीं ना कहीं कानून व्यवस्था को कायम करने में कठिनाई बन रही है।
राज्य सरकार ने 16 फरवरी को आईपीएस की सूची जारी करते हुए कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और भिवाड़ी में पुलिस अधीक्षक बदले। कोटपूतली-बहरोड़ एसपी रंजीता शर्मा का तबादला कर उनके स्थान पर यहां ज्येष्ठा मैत्रेयी तथा भिवाड़ी एसपी योगेश दाधीच का स्थानांतरण कर यहां अनिल बेनीवाल को लगाया गया तथा खैरथल-तिजारा एसपी सुरेन्द्र का तबादला तो किया, लेकिन उनके स्थान नया एसपी न लगाते हुए भिवाड़ी एसपी को ही अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। इसके 7 दिन बाद ही सरकार ने इन दोनों नए जिलों में एसपी बदल दिए। राज्य सरकार ने 22 फरवरी की रात आईपीएस अफसरों की तबादला सूची जारी की, जिसमें कोटपूतली-बहरोड़ में वंदिता राणा और भिवाड़ी में ज्येष्ठा मैत्रेयी को एसपी लगा दिया। भिवाड़ी एसपी मैत्रेयी को ही खैरथल-तिजारा एसपी का अतिरिक्त चार्ज दे दिया।


कोई 7 दिन तो कोई 90 दिन ही रहा एसपी

 भिवाड़ी क्षेत्र को अपराध की ²ष्टि से काफी क्रिटिकल माना जाता है, लेकिन यहां पुलिस की सुरक्षा कमान कमजोर बनी हुई है। पिछले एक साल में यहां 7 एसपी बदले जा चुके हैं। इनमें कोई 7 दिन तो कोई 45 से 90 दिन ही टिक पाया है। आईपीएस शांतनू कुमार करीब एक साल भिवाड़ी एसपी रहे। इनका फरवरी-2023 में यहां तबादला कर दिया गया। इसके बाद आईपीएस अनिल बेनीवाल को भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक की कमान सौंपी गई। बेनीवाल का कार्यकाल करीब 90 दिन का रहा। जून माह में आईपीएस विकास शर्मा को भिवाड़ी एसपी लगा दिया गया। शर्मा करीब 55 दिन भिवाड़ी एसपी पद पर रहे। अगस्त में आईपीएस करण शर्मा को भिवाड़ी एसपी लगाया गया। विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगते ही अक्टूबर माह में उन्हें एपीओ कर हटा दिया गया। शर्मा यहां करीब 50 दिन एसपी पद पर रहे। उनकी जगह आईपीएस योगेश दाधीच को लगाया गया। दाधीच करीब चार महीने भिवाड़ी एसपी रहे। उनके बाद अनिल बेनीवाल को भिवाड़ी एसपी लगाया, जो मात्र 7 दिन ही यहां रहे।

छह महीनों में तीन एसपी बदले
सरकार ने खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों का गठन अगस्त-2023 में किया था। नए जिलों के गठन को करीब छह माह बीते हैं, लेकिन इस अवधि में इन दोनों ही जिलों में तीन-तीन एसपी बदल चुके हैं। शुरुआत में कोटपूतली-बहरोड़ में रंजीता शर्मा एसपी रही। फिर 7 दिन के लिए ज्येष्ठा मैत्रेयी को एसपी की कमान सौंपी गई और अब तीन दिन पहले वंदिता राणा एसपी लगाया है। इसी प्रकार खैरथल-तिजारा जिले में पहले सुरेन्द्र ङ्क्षसह को एसपी लगाया गया था। 16 फरवरी को सुरेन्द्र ङ्क्षसह का तबादला कर दिया गया। पिछले दस दिन में आईपीएस की दो तबादला सूची आ चुकी है, लेकिन यहां कोई स्थायी एसपी नहीं लगाया।

...तो कैसे सुधरे कानून व्यवस्था
आमतौर पर जिलों में अफसरों को करीब दो-तीन साल तक पदस्थापित रखा जाता है, ताकि जिलों का आर्थिक ढांचा सु²ढ़ हो और विकास हो सके, लेकिन प्रदेश के नए जिले खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में चंद दिनों में अफसरों को बदलने से विकास नहीं हो पा रहा है।

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